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ईरान से युद्ध अमेरिका को पड़ेगा महंगा! 210 अरब डॉलर स्वाहा होने की चेतावनी, जानें कैसे?

Iran-US war: एक्सपर्ट्स के मुताबिक, यह कहना अभी जल्दबाजी होगी कि ईरान युद्ध में US को कितना खर्च करना पड़ सकता है। लेकिन एक अनुमान के मुताबिक, US ने ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के पहले 24 घंटों में लगभग 779 मिलियन डॉलर (लगभग ₹6,535 करोड़) खर्च किए।

Iran-Us War

ईरान पर अमेरिकी स्ट्राइक

Iran-US War: ईरान पर इजरायल और अमेरिका का सैन्य अभियान 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' (Operation Epic Fury) आज चौथे दिन में प्रवेश कर गया है। अभी तक इस महायुद्ध से सैंकड़ों लोगों की मौत और जानमाल का भारी नुकसान होने की खबर है। आने वाले दिनों में यह युद्ध और भयानक रूप ले सकता है हालांकि, अभी से इस युद्ध के भयानक आर्थिक परिणाम सामने आने लगे हैं। पेन्सिलवेनिया यूनिवर्सिटी के 'पेन व्हार्टन बजट मॉडल' (PWBM) के निदेशक और देश के प्रमुख राजकोषीय विश्लेषक केंट स्मेटर्स ने बताया है कि इस युद्ध के कारण अमेरिका को करीब 210 अरब डॉलर (लगभग ₹17.5 लाख करोड़) का आर्थिक नुकसान हो सकता है।

पूर्व में ट्रेजरी विभाग के डिप्टी असिस्टेंट सेक्रेटरी रह चुके स्मेटर्स ने 'फॉर्च्यून' को बताया कि इस सैन्य अभियान का सीधा बजटीय खर्च ही 40 अरब से 95 अरब डॉलर के बीच रहने का अनुमान है। ?सैन्य अभियानों और हथियारों की आपूर्ति के कारण अमेरिकी टैक्सपेयर्स पर तत्काल 65 अरब डॉलर का सीधा बोझ पड़ना तय है। स्मेटर्स ने चेतावनी दी है कि अगर यह युद्ध 2 महीने से अधिक खिंचता है, तो यह आंकड़ा तेजी से ऊपर जाएगा। मिलिट्री खर्च के अलावा, स्मेटर ने अकेले यूनाइटेड स्टेट्स को लगभग 115 अरब डॉलर का अतिरिक्त आर्थिक नुकसान होने का अनुमान लगाया, जिसमें 50 अरब डॉलर से लेकर 210 अरब डॉलर का एक बड़ा दायरा है।

जमीन पर बढ़ता तनाव

अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर 28 फरवरी को हमला किया, जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल के साथ मिलकर ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल ढांचे, नौसेना क्षमताओं और परमाणु कार्यक्रम को निशाना बनाने की अनुमति दी। ट्रंप ने इसे ईरान के “तत्काल परमाणु खतरे” के जवाब में उठाया गया कदम बताया। हालांकि, अभियान के तीसरे दिन तक चार अमेरिकी सैनिकों की मौत की खबर आ चुकी थी और राष्ट्रपति ने संकेत दिया कि यह अभियान चार से पांच सप्ताह तक चल सकता है। पेंटागन की पूर्व-तैयारी पर ही करीब 63 करोड़ डॉलर खर्च हो चुके हैं। इस बीच, रॉयटर्स/इप्सोस सर्वे के मुताबिक केवल एक-चौथाई अमेरिकी नागरिक इस सैन्य कार्रवाई का समर्थन करते हैं। बढ़ते संघीय घाटे और विभाजित जनमत के बीच, पेन व्हार्टन के ये अनुमान राजनीतिक बहस को और तेज कर सकते हैं।

मॉडर्न वॉर का रोजना खर्च लाखों करोड़ में

आजकल की मॉडर्न वॉर का खर्च हर दिन लाखों करोड़ रुपये होता है। एयर डिफेंस में इस्तेमाल होने वाल मिसाइलें, गोला-बारूद, फाइटर एयरक्राफ्ट, लॉजिस्टिक्स, फ्यूल और इक्विपमेंट पर भारी खर्च होता है। एक अनुमान के अनुसार, एक हाई-इंटेंसिटी, बड़े पैमाने की लड़ाई में रोजाना 300 मिलियन डॉलर से ज्यादा खर्च होता है।

ईरान युद्ध में US को कितना खर्च करना पड़ सकता है?

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, यह कहना अभी जल्दबाजी होगी कि ईरान युद्ध में US को कितना खर्च करना पड़ सकता है। लेकिन एक अनुमान के मुताबिक, US ने ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के पहले 24 घंटों में लगभग 779 मिलियन डॉलर (लगभग ₹6,535 करोड़) खर्च किए। हमले से पहले मिलिट्री तैयारी, जिसमें एयरक्राफ्ट की रीपोजिशनिंग, एक दर्जन से ज्यादा नेवी के जहाजों को तैनात करना और रीजनल एसेट्स को इकट्ठा करना शामिल है, का अंदाजा है कि इसमें और 630 मिलियन खर्च हुए होंगे। सेंटर फॉर न्यू अमेरिकन सिक्योरिटी के अनुसार, USS गेराल्ड आर फोर्ड जैसे कैरियर स्ट्राइक ग्रुप को चलाने में हर दिन लगभग 6.5 मिलियन डॉलर का खर्च आता है।

US Army

अमेरिकी नौसेना

2023 से अब तक अमेरिका ने कितना खर्च किया?

ब्राउन यूनिवर्सिटी की 2025 Costs of War रिपोर्ट के अनुसार, 7 अक्टूबर 2023 के बाद से अमेरिका ने इजरायल को लगभग 21.7 अरब डॉलर (21.7 बिलियन डॉलर) की सैन्य सहायता प्रदान की है। इसके अलावा, अमेरिका ने यमन, ईरान और व्यापक मध्य पूर्व क्षेत्र में ऑपरेशनों के लिए लगभग 9.65 अरब डॉलर से 12.07 अरब डॉलर खर्च किए हैं। कुल मिलाकर, 7 अक्टूबर 2023 के बाद से अमेरिका का मध्य पूर्व में खर्च लगभग 33.77 अरब डॉलर खर्च किए हैं और यह आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है।

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आलोक कुमार
आलोक कुमार author

आलोक कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में एसोसिएट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभ... और देखें

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