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बच्चों के नाम PPF अकाउंट खोलने का सोच रहे हैं? निवेश से पहले हर माता-पिता जान लें ये जरूरी नियम

अगर आप भी अपने बच्चे के नाम पर PPF अकाउंट खोलने की प्लानिंग कर रहे है तो ये खबर आपके काम की साबित हो सकती है। PPF अकाउंट खोलने से पहले आपको कुछ नियमों को ध्यान में रखना चाहिए।

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बच्चों के नाम PPF अकाउंट खोलने का सोच रहे हैं?

हर माता-पिता का यह सपना होता है कि वे अपने बच्चों का भविष्य सुरक्षित करें, चाहे वह उनकी उच्च शिक्षा (Higher Education) के लिए हो या फिर उनकी शादी के लिए। इस भविष्य को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए लोग कई तरह की बचत योजनाओं में निवेश करते हैं। सुरक्षित और गारंटीड रिटर्न के मामले में पब्लिक प्रोविडेंट फंड यानी पीपीएफ (PPF) को हमेशा से एक बेहतरीन और भरोसेमंद विकल्प माना गया है। बहुत से माता-पिता अपने बच्चों के नाम पर भी पीपीएफ अकाउंट (PPF Account for Minors) खुलवाते हैं ताकि लंबी अवधि में एक बड़ा फंड तैयार किया जा सके। हालांकि, बच्चों के नाम पर पीपीएफ खाता खोलने और उसमें निवेश करने के कुछ बेहद महत्वपूर्ण नियम हैं, जिन्हें न जानने पर आपको बाद में बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है।

एक साल में कितना पैसा डालना चाहिए?

सबसे पहला और सबसे जरूरी नियम निवेश की अधिकतम सीमा (Maximum Investment Limit) से जुड़ा है। पीपीएफ नियमों के अनुसार, एक वित्तीय वर्ष (Financial Year) में किसी भी व्यक्ति के पीपीएफ खाते में अधिकतम 1.5 लाख ही जमा किए जा सकते हैं। यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि अगर आप अपने खुद के पीपीएफ खाते के साथ-साथ अपने बच्चे के माइनर पीपीएफ खाते में भी पैसे डाल रहे हैं, तो दोनों खातों को मिलाकर कुल निवेश 1.5 लाख से ज्यादा नहीं होना चाहिए। उदाहरण के लिए, अगर आपने अपने खाते में 1 लाख जमा किए हैं, तो आप अपने बच्चे के खाते में अधिकतम 50,000 ही जमा कर सकते हैं। अगर आप दोनों खातों में अलग-अलग 1.5 लाख (कुल 3 लाख) जमा कर देते हैं, तो अतिरिक्त 1.5 लाख की रकम पर आपको कोई ब्याज नहीं मिलेगा और न ही उस पर टैक्स छूट का लाभ मिलेगा।

कौन चलाएगा अकाउंट?

दूसरा नियम खाता खोलने और उसे ऑपरेट करने से संबंधित है। एक बच्चे के नाम पर केवल एक ही पीपीएफ खाता खोला जा सकता है और इसे माता या पिता में से कोई एक ही (कानूनी अभिभावक के रूप में) संभाल सकता है। दोनों माता-पिता मिलकर एक ही बच्चे के लिए अलग-अलग माइनर अकाउंट नहीं खुलवा सकते। इसके अलावा, टैक्स लाभ की बात करें तो इनकम टैक्स की धारा 80C के तहत मिलने वाली 1.5 लाख तक की छूट भी माता-पिता को अपने और बच्चे के खाते को मिलाकर कुल जमा राशि पर ही मिलेगी।

मालिकाना हक किसका होगा?

तीसरा महत्वपूर्ण पहलू है खाते का मैच्योरिटी पीरियड और उसका मालिकाना हक। पीपीएफ खाता 15 साल में मैच्योर होता है। जब बच्चा 18 साल का यानी बालिग (Major) हो जाता है, तो उस खाते का स्टेटस बदलना पड़ता है। इसके बाद बच्चा खुद अपने खाते को ऑपरेट कर सकता है। बालिग होने के बाद वह चाहे तो इस खाते को आगे 5-5 साल के ब्लॉक में बढ़ा भी सकता है। यदि आप भी अपने बच्चे के लिए पीपीएफ शुरू करने जा रहे हैं, तो हर महीने की 1 से 5 तारीख के बीच निवेश करने की कोशिश करें, क्योंकि पीपीएफ में ब्याज की गणना महीने की 5 तारीख से लेकर आखिरी तारीख के बीच के न्यूनतम बैलेंस पर की जाती है। इन छोटे लेकिन जरूरी नियमों को ध्यान में रखकर आप अपने बच्चे के लिए बिना किसी गलती के एक शानदार फंड तैयार कर सकते हैं।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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