आज के समय में CIBIL स्कोर आपकी आर्थिक स्थिति का एक अहम हिस्सा बन गया है। बैंक या वित्तीय संस्थान से होम लोन, कार लोन या पर्सनल लोन लेने के लिए आवेदन करते समय आपका क्रेडिट स्कोर देखा जाता है। CIBIL स्कोर 300 से 900 के बीच होता है। आम तौर पर 750 या उससे अधिक स्कोर को अच्छा माना जाता है और इससे लोन मिलने की संभावना बेहतर हो सकती है। हालांकि, लोन मंजूर करने का फैसला केवल स्कोर पर नहीं, बल्कि आपकी आय, मौजूदा कर्ज और भुगतान की क्षमता पर भी निर्भर करता है।
क्या है 30:25:25:20 का फॉर्मूला?
CIBIL स्कोर को बेहतर बनाने के लिए 30:25:25:20 फॉर्मूले की चर्चा की जाती है। इसमें भुगतान का रिकॉर्ड, क्रेडिट कार्ड के इस्तेमाल, क्रेडिट के प्रकार और अवधि तथा नए लोन के लिए पूछताछ जैसे पहलुओं पर ध्यान देने की सलाह दी जाती है। हालांकि, यह समझना जरूरी है कि यह CIBIL का आधिकारिक या गारंटीड फॉर्मूला नहीं है। CIBIL स्कोर की गणना एक विशेष एल्गोरिदम से होती है और अलग-अलग कारकों का सटीक वेटेज सार्वजनिक नहीं है। इसलिए किसी एक ट्रांजैक्शन से स्कोर कितने अंक बढ़ेगा या घटेगा, इसका निश्चित दावा नहीं किया जा सकता।
समय पर EMI और क्रेडिट कार्ड बिल भरें
आपका भुगतान इतिहास क्रेडिट स्कोर को प्रभावित करने वाले सबसे महत्वपूर्ण पहलुओं में से एक है। अगर आप हर महीने लोन की EMI और क्रेडिट कार्ड का बिल समय पर चुकाते हैं, तो इससे आपकी अच्छी भुगतान आदत दिखाई देती है। वहीं, भुगतान में देरी या EMI छूटने से स्कोर पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। इसलिए बैंक खाते में पर्याप्त रकम रखें और बिल की तारीख से पहले भुगतान करने की कोशिश करें। ऑटो-डेबिट की सुविधा भी मददगार हो सकती है, लेकिन खाते में पर्याप्त बैलेंस जरूर रखें।
क्रेडिट कार्ड की लिमिट का कम इस्तेमाल करें
अगर आपके क्रेडिट कार्ड की लिमिट 1 लाख रुपये है, तो कोशिश करें कि हर महीने उसका इस्तेमाल 30 हजार रुपये से कम रहे। यानी अपनी कुल क्रेडिट लिमिट का लगभग 30 प्रतिशत या उससे कम उपयोग करना बेहतर माना जाता है। लिमिट का लगातार बहुत ज्यादा इस्तेमाल करने से बैंक को लग सकता है कि आप कर्ज पर ज्यादा निर्भर हैं। हालांकि, कम इस्तेमाल करने से स्कोर में कितने अंक बढ़ेंगे, यह तय नहीं है।
बार-बार लोन के लिए आवेदन न करें
कम समय में कई बैंकों या वित्तीय संस्थानों में लोन और क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन करने से आपकी क्रेडिट रिपोर्ट पर कई पूछताछ दर्ज हो सकती हैं। इससे स्कोर पर नकारात्मक असर पड़ने की आशंका रहती है। इसलिए जरूरत होने पर ही आवेदन करें। इसके साथ ही अपनी क्रेडिट रिपोर्ट नियमित रूप से जांचें। अगर उसमें बंद लोन को सक्रिय दिखाया गया है या भुगतान से जुड़ी कोई गलत जानकारी है, तो उसे ठीक कराने के लिए संबंधित बैंक और CIBIL से संपर्क करें।
