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जल्दी अमीर बनने के लिए SIP में किस डेट को डालें पैसे?

SIP Investment: SIP यानी Systematic Investment Plan में आप यह तय करते हैं कि हर महीने किस तारीख को आपके बैंक अकाउंट से पैसे कटकर म्यूचुअल फंड में जाएंगे। यह तारीख इसलिए अहम मानी जाती है क्योंकि उसी दिन का NAV (Net Asset Value) यानी म्यूचुअल फंड का भाव तय करता है कि आपके पैसे से कितने यूनिट खरीदे जाएंगे। लंबे समय तक देखें तो चुनी हुई तारीख से आपके रिटर्न पर थोड़ा असर पड़ सकता है।

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SIP Investment

SIP Investment: आज के समय में ज्यादातर लोग SIP (Systematic Investment Plan) के जरिए म्यूचुअल फंड में निवेश करना पसंद करते हैं। SIP का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसमें आपको हर महीने छोटी-छोटी किस्तों में निवेश करने की आदत बन जाती है। लेकिन अक्सर लोगों के मन में यह सवाल आता है कि — SIP करने के लिए कौन-सी तारीख सबसे सही होती है?

SIP में डेट का रोल?

SIP यानी Systematic Investment Plan में आप यह तय करते हैं कि हर महीने किस तारीख को आपके बैंक अकाउंट से पैसे कटकर म्यूचुअल फंड में जाएंगे। यह तारीख इसलिए अहम मानी जाती है क्योंकि उसी दिन का NAV (Net Asset Value) यानी म्यूचुअल फंड का भाव तय करता है कि आपके पैसे से कितने यूनिट खरीदे जाएंगे। लंबे समय तक देखें तो चुनी हुई तारीख से आपके रिटर्न पर थोड़ा असर पड़ सकता है।

कौन-सी तारीख सबसे बेहतर है?

म्यूचुअल फंड एक्सपर्ट्स का मानना है कि SIP में असली फर्क इस बात से नहीं पड़ता कि आप किस दिन निवेश कर रहे हैं, बल्कि इस बात से पड़ता है कि आप कितनी नियमितता से निवेश करते हैं। फिर भी, महीने की शुरुआत यानी 1 से 10 तारीख के बीच SIP करना ज्यादातर लोगों के लिए आसान रहता है क्योंकि उस समय आमतौर पर सैलरी आ चुकी होती है। कुछ रिसर्च यह भी बताती हैं कि 7, 10 और 15 तारीख को की गई SIP लंबे समय में अच्छे औसत रिटर्न देती है। वहीं, महीने के आखिर यानी 25 से 30 तारीख को SIP करने पर भी कोई नुकसान नहीं है, लेकिन कई बार इस समय पैसों की कमी की वजह से निवेशक अपनी किस्त चूक जाते हैं।

जल्दी अमीर बनने का राज

तेजी से अमीर बनने का सीक्रेट किसी खास तारीख में छिपा नहीं है। असली राज़ यह है कि आप जितनी जल्दी हो सके SIP शुरू करें और लंबे समय तक नियमित निवेश जारी रखें। इसके साथ ही हर साल अपनी SIP की राशि बढ़ाते रहें यानी Step-up SIP का विकल्प चुनें। सही फंड का चुनाव करना भी जरूरी है, जैसे इक्विटी म्यूचुअल फंड, क्योंकि लंबे समय में वही बेहतर रिटर्न दिला सकते हैं।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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