Wagner Chief Yevgeny Prigozhin And Putin: करीब डेढ़ साल से यूक्रेन के साथ अनिर्णायक बन चुके युद्ध में फंसे व्लादिमीर पुतिन के लिए बीते दो दिन काफी भारी थे। शायद ये दो दिन उनके पिछले 25 साल के राजनीतिक करियर के सबसे बुरे दिन रहे होंगे। क्योंकि उनके सबसे करीबियों में से एक शख्स ने न केवल उन्हें सत्ता से बेदखल करने की चुनौती दे डाली बल्कि उसके लिए सेना लेकर रूस की ओर कूच भी कर दिया। वैगनर ग्रुप के प्रमुख येवगेनी प्रिगोझिन (Wagner Chief Putin Yevgeny Prigozhin) ने पुतिन के खिलाफ खुली तौर पर बगावत कर दी। इसके पहले 1989 में तत्कालीन राष्ट्रपति मिखाइल गर्वाचोव को सत्ता से हटाने की कोशिशें हुईं थीं।
जैसे-तैसे भले ही पुतिन ने यह मामला फिलहाल संभाल लिया है लेकिन इस घटनाक्रम से रूस में ही पुतिन की साख को बड़ा झटका लगा है। और यह सब एक ऐसे शख्स ने किया है जिसके लिए प्राइवेट आर्मी एक बिजनेस हैं। और यह कारोबारी करीब एक अरब डॉलर यानी 8000 करोड़ रुपये की दौलत का इस समय मालिक है। यह शख्स बेहद लग्जरी लाइफ जीता है। वह 800 करोड़ रुपये के घर का मालिक है। इसके अलावा उसके परिवार के पास अपना लग्जरी याच है।
कभी हॉट डॉग बेचता था येवगेनी प्रिगोझिन
येवगेनी की कहानी किसी फंतासी से कम नहीं है। रूस के सेंट पीट्सबर्ग में जन्मे येवगेनी प्रिगोझिन का बचपन अपराधों में बीता। डेली मेल की रिपोर्ट के अनुसार वह सड़कों पर चोरियां और लूट-पाट करता था। अस्सी के दशक में नाबालिग के रूप में 9 साल जेल में बिताए। उसके बाद उसने सड़कों पर हॉट डॉग बेचना शुरू किया। और वहां से वह ग्रॉसरी और रेस्टोरेंट बिजनेस में हाथ आजमाया। और यही से उसके कनेक्शन रूस की खूफिया एजेंसी KGB से जुड़ने शुरू हुए।
ब्लैकमनी के लिए रेस्टोरेंट बिजनेस का लिया सहारा
सत्ता के गलियारों में कनेक्शन बनने के बाद येवगेनी ने अपने रेस्टोरेंट बिजनेस का खूब विस्तार किया। और वह रुस का प्रमुख कारोबारी बन गया। येवगेनी ने इसके जरिए न केवल पैसे बनाए बल्कि ब्लैकमनी भी खूब खपाई। इन रेस्टोरेंट में माफियाओं की मीटिंग और पार्टियां होने लगी। और इन्ही रेस्टोरेंट के जरिए वह पुतिन के करीब भी आया। डेली मेल के अनुसार पुतिन इसके रेस्टोरेंट में मीटिंग के लिए आते थे। और येवगेनी उनका पर्सनल वेटर बनता था। यही से दोनों की करीबी बढ़ी और बाद में वह पुतिन का खास बन गया।
पुतिन के दोस्ती से मिले बड़े ठेके
पुतिन की दोस्ती येवगेनी के काम आने लगी और उसका रसूख बढ़ता गया। सबसे पहले उसे रूस की सेना के लिए खाने सप्लाई करने का बड़ा ऑर्डर मिला। इसके तहत येवगेनी की कंपनी को 1.2 अरब डॉलर का ऑर्डर मिला। इसके बाद रूस के स्कूल में खाने पहुंचाने का भी ऑर्डर उसकी कंपनी को मिला। साल 2002 में उसके फ्लोटिंग रेस्टोरेंट न्यू आइलैंड में फ्रांस के तत्कालीन राष्ट्रपति जैक शिराक भी पहुंचे। यही नहीं अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश भी वहां पहुंचे। इसके बाद उसने अपनी प्राइवेट आर्मी वैगनर बनाई, जिसमें उसके करीब 50 हजार सैनिक है। इसके अलावा वैगनर की पत्नी लीबॉव प्रिगोझिन (Lyubov Prigozhina) की पहचान भी एक बिजनेसवुमेन के रूप में है। जिनका दावा का बड़ा कारोबार है।
