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रूस में जो 35 साल में नहीं हुआ वह इस अरबपति ने कर डाला ,कभी सड़कों पर बेचता था हॉट डॉग

  • Authored by: प्रशांत श्रीवास्तव
  • Updated Jun 26, 2023, 01:08 PM IST

Wagner Chief Yevgeny Prigozhin And Putin: येवगेनी की कहानी किसी फंतासी से कम नहीं है। रूस के सेंट पीट्सबर्ग में जन्मे येवगेनी प्रिगोझिन का बचपन अपराधों में बीता। डेली मेल की रिपोर्ट के अनुसार वह सड़कों पर चोरियां और लूट-पाट करता था। अस्सी के दशक में नाबालिग के रूप में 9 साल जेल में बिताए। उसके बाद उसने सड़कों पर हॉट डॉग बेचना शुरू किया। और वहां से वह ग्रॉसरी और रेस्टोरेंट बिजनेस में हाथ आजमाया।

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वैगन प्रमुख येवगेनी प्रिगोझिन और राष्ट्रपति पुतिन आमने-सामने

Photo : AP

Wagner Chief Yevgeny Prigozhin And Putin: करीब डेढ़ साल से यूक्रेन के साथ अनिर्णायक बन चुके युद्ध में फंसे व्लादिमीर पुतिन के लिए बीते दो दिन काफी भारी थे। शायद ये दो दिन उनके पिछले 25 साल के राजनीतिक करियर के सबसे बुरे दिन रहे होंगे। क्योंकि उनके सबसे करीबियों में से एक शख्स ने न केवल उन्हें सत्ता से बेदखल करने की चुनौती दे डाली बल्कि उसके लिए सेना लेकर रूस की ओर कूच भी कर दिया। वैगनर ग्रुप के प्रमुख येवगेनी प्रिगोझिन (Wagner Chief Putin Yevgeny Prigozhin) ने पुतिन के खिलाफ खुली तौर पर बगावत कर दी। इसके पहले 1989 में तत्कालीन राष्ट्रपति मिखाइल गर्वाचोव को सत्ता से हटाने की कोशिशें हुईं थीं।

जैसे-तैसे भले ही पुतिन ने यह मामला फिलहाल संभाल लिया है लेकिन इस घटनाक्रम से रूस में ही पुतिन की साख को बड़ा झटका लगा है। और यह सब एक ऐसे शख्स ने किया है जिसके लिए प्राइवेट आर्मी एक बिजनेस हैं। और यह कारोबारी करीब एक अरब डॉलर यानी 8000 करोड़ रुपये की दौलत का इस समय मालिक है। यह शख्स बेहद लग्जरी लाइफ जीता है। वह 800 करोड़ रुपये के घर का मालिक है। इसके अलावा उसके परिवार के पास अपना लग्जरी याच है।

कभी हॉट डॉग बेचता था येवगेनी प्रिगोझिन

येवगेनी की कहानी किसी फंतासी से कम नहीं है। रूस के सेंट पीट्सबर्ग में जन्मे येवगेनी प्रिगोझिन का बचपन अपराधों में बीता। डेली मेल की रिपोर्ट के अनुसार वह सड़कों पर चोरियां और लूट-पाट करता था। अस्सी के दशक में नाबालिग के रूप में 9 साल जेल में बिताए। उसके बाद उसने सड़कों पर हॉट डॉग बेचना शुरू किया। और वहां से वह ग्रॉसरी और रेस्टोरेंट बिजनेस में हाथ आजमाया। और यही से उसके कनेक्शन रूस की खूफिया एजेंसी KGB से जुड़ने शुरू हुए।

ब्लैकमनी के लिए रेस्टोरेंट बिजनेस का लिया सहारा

सत्ता के गलियारों में कनेक्शन बनने के बाद येवगेनी ने अपने रेस्टोरेंट बिजनेस का खूब विस्तार किया। और वह रुस का प्रमुख कारोबारी बन गया। येवगेनी ने इसके जरिए न केवल पैसे बनाए बल्कि ब्लैकमनी भी खूब खपाई। इन रेस्टोरेंट में माफियाओं की मीटिंग और पार्टियां होने लगी। और इन्ही रेस्टोरेंट के जरिए वह पुतिन के करीब भी आया। डेली मेल के अनुसार पुतिन इसके रेस्टोरेंट में मीटिंग के लिए आते थे। और येवगेनी उनका पर्सनल वेटर बनता था। यही से दोनों की करीबी बढ़ी और बाद में वह पुतिन का खास बन गया।

पुतिन के दोस्ती से मिले बड़े ठेके

पुतिन की दोस्ती येवगेनी के काम आने लगी और उसका रसूख बढ़ता गया। सबसे पहले उसे रूस की सेना के लिए खाने सप्लाई करने का बड़ा ऑर्डर मिला। इसके तहत येवगेनी की कंपनी को 1.2 अरब डॉलर का ऑर्डर मिला। इसके बाद रूस के स्कूल में खाने पहुंचाने का भी ऑर्डर उसकी कंपनी को मिला। साल 2002 में उसके फ्लोटिंग रेस्टोरेंट न्यू आइलैंड में फ्रांस के तत्कालीन राष्ट्रपति जैक शिराक भी पहुंचे। यही नहीं अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश भी वहां पहुंचे। इसके बाद उसने अपनी प्राइवेट आर्मी वैगनर बनाई, जिसमें उसके करीब 50 हजार सैनिक है। इसके अलावा वैगनर की पत्नी लीबॉव प्रिगोझिन (Lyubov Prigozhina) की पहचान भी एक बिजनेसवुमेन के रूप में है। जिनका दावा का बड़ा कारोबार है।

प्रशांत श्रीवास्तव
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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