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Venezuela Earthquake : वेनेजुएला में तबाही; क्या भारत की Crude Oil सप्लाई पर लगेगा ब्रेक?

वेनेजुएला को इस सदी के सबसे भयानक भूकंप का सामना करना पड़ा है। पिछले कुछ दिनों में भारत के लिए वेनेजुएला सबसे बड़ा क्रूड ऑयल सप्लायर बनकर उभरा है। क्या भूकंप की वजह से तेल की सप्लाई पर प्रभावित होगी?

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वेनेजुएला भारत का बड़ा ऑयल सप्लायर है

Venezuela Earthquake India's Crude Oil Supply : वेनेजुएला में एक मिनट के अंतराल पर आए 7.2 और 7.5 तीव्रता के जुड़वां भूकंपों ने भारी तबाही मचा दी है। भूकंप की वजह से सैकड़ों लोगों की मौत हुई है और बड़े पैमाने पर बिजली व्यवस्था व सार्वजनिक ढांचा प्रभावित हुआ है। ऐसे समय में यह आपदा भारत के लिए भी अहम हो जाती है, क्योंकि हाल के महीनों में वेनेजुएला भारत का प्रमुख कच्चा तेल (Crude Oil) सप्लायर बनकर उभरा है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या इस आपदा से भारत की तेल सप्लाई प्रभावित होगी?

क्यों अहम वेनेजुएला?

पश्चिम एशिया में US-Iran War के चलते होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से पूरी दुनिया को क्रूड ऑयल सप्लाई के संकट से जूझना पड़ा। इस संकट से निपटने के लिए भारत ने वेनेजुएला से आयात में रिकॉर्ड बढ़ोतरी की है। वित्त वर्ष 2025-26 में जहां भारत का औसत मासिक आयात करीब 64 हजार मीट्रिक टन था, वहीं वित्त वर्ष 2026-27 के अप्रैल और मई में यह बढ़कर 10.47 लाख मीट्रिक टन से अधिक पहुंच गया। इस तरह वेनेजुएला भारत के प्रमुख तेल आपूर्तिकर्ताओं में शामिल हो गया है।

ऊर्जा संबंध हो रहे मजबूत

इस महीने 4 जून को केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी और वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज के बीच नई दिल्ली में हुई बैठक में दोनों देशों ने दीर्घकालिक ऊर्जा साझेदारी को और मजबूत करने पर सहमति जताई। भारत का वेनेजुएला के ओरिनोको बेल्ट में करीब एक अरब डॉलर का निवेश भी है, जिससे दोनों देशों के ऊर्जा संबंध और मजबूत हुए हैं।

भारत के लिए राहत की बात

शुरुआती जानकारी के मुताबिक वेनेजुएला के प्रमुख तेल उत्पादन क्षेत्र, रिफाइनरियां और निर्यात टर्मिनल इस भूकंप से सुरक्षित हैं। परागुआना रिफाइनिंग कॉम्प्लेक्स, एल पालिटो, अमुआए और कार्डोन जैसी प्रमुख रिफाइनरियां सामान्य रूप से काम कर रही हैं। ओरिनोको बेल्ट और माराकैबो बेसिन में भी तेल उत्पादन जारी है। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा कंपनियों ने भी अपने परिचालन पर किसी बड़े असर से इनकार किया है।

बिजली संकट ने खड़ी की चिंता

फिलहाल, सबसे बड़ी चिंता देशव्यापी बिजली संकट को लेकर है। हालांकि, भारत के लिए कच्चे तेल की आपूर्ति रुकने जैसी कोई स्थिति नहीं दिख रही है। वेनेजुएला के प्रमुख एक्सपोर्ट टर्मिनलों से तेल की लोडिंग जारी है और भारतीय रिफाइनरियों के लिए तत्काल संकट की आशंका नहीं है। लेकिन, स्थानीय प्रशासनिक कामकाज और लॉजिस्टिक्स प्रभावित होने से कुछ शिपमेंट में देरी हो सकती है।

Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानियाauthor

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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