नई दिल्ली। भारत में आठ वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनें (Vande Bharat Express Train) चल रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने ऐलान किया था कि 15 अगस्त 2023 तक देश में 75 वंदे भारत ट्रेनें चलाई जाएंगी। उम्मीद है कि 1 फरवरी 2023 को पेश होने वाले बजट (Budget 2023) में इससे जुड़ी घोषणा होगी। ट्रेन स्लीपर वर्जन में भी पटरियों पर उतरेगी।
इतनी होगी ट्रेन की स्पीड (Vande Bharat Train Speed)
इस संदर्भ में अधिकारियों ने कहा कि वंदे भारत एक्सप्रेस का स्लीपर संस्करण शुरू से ही सुर्खियों में रहा है। यह यात्रियों को आकर्षित कर रहा है। वंदे भारत एक्सप्रेस के स्लीपर संस्करण को 220 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से यात्रा करने के लिए डिजाइन किया जाएगा।
ट्रेनों के लिए टेंडर जारी
रेलवे ने 400 वंदे भारत ट्रेनों के लिए टेंडर जारी किया है और इस काम को इस महीने के अंत तक मंजूरी मिल जाएगी। ऐसी ट्रेनों की पहली खेप स्वदेश निर्मित ट्रेनों का स्लीपर संस्करण भी हो सकती है। इस बीच, पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार चार प्रमुख घरेलू और विदेशी कंपनियां ट्रेनों के उत्पादन के लिए आगे आई हैं।
शताब्दी की तरह होंगी पहली 200 वंदे भारत ट्रेनें
प्लान के अनुसार, पहली 200 वंदे भारत ट्रेनों में शताब्दी एक्सप्रेस (Shatabdi Train) की तरह बैठने की व्यवस्था होगी और इसे 180 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से यात्रा करने के लिए डिजाइन किया जाएगा। हालांकि, रेलवे ट्रैक की सुरक्षा और सिक्योरिटी को ध्यान में रखते हुए ट्रेनों की स्पीड 130 किलोमीटर प्रति घंटे तक सीमित रहेगी। अधिकारियों ने कहा कि ये ट्रेनें स्टील से बनेंगी। 200 वंदे भारत ट्रेनों की दूसरी खेप स्लीपर होगी और वे एल्यूमीनियम से बनी होंगी।
अधिकारी ने कहा कि स्लीपर वंदे भारत ट्रेनों के लिए दिल्ली- मुंबई, दिल्ली- कोलकाता रेलवे की पटरियों की मरम्मत की जा रही है, सिग्नल सिस्टम, पुलों को ठीक किया जा रहा है और बाड़ लगाने का काम चल रहा है।
अधिकारी ने बताया कि अगले दो सालों में तमिल नाडु के चेन्नई में आईसीएफ, महाराष्ट्र के लातूर रेल कारखाने और हरियाणा के सोनीपत में चार सौ ट्रेनों का उत्पादन किया जाएगा। वर्तमान में, आठ वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनें देश में विभिन्न मार्गों पर चल रही हैं, जिनमें सबसे नवीनतम सिकंदराबाद- विशाखापत्तनम वंदे भारत एक्सप्रेस है, जो तेलंगाना और आंध्र प्रदेश को जोड़ती है।
