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UP में घर-दुकान का नक्शा अब ऑनलाइन पास होगा, अथॉरिटी के चक्कर खत्म, जानें कैसे करें आवेदन

Map Approval Online: आवेदन की शुरुआत पोर्टल पर नाम व मोबाइल नंबर रजिस्टर करने से होगी। इसके बाद लॉगिन आईडी और पासवर्ड बनाकर आवेदक अपना मानचित्र अपलोड कर सकेंगे। पोर्टल पर ही गणना के अनुसार देय शुल्कों के भुगतान की सुविधा होगी। आवेदन सबमिट होते ही सिस्टम स्वतः मानकों के आधार पर मानचित्र की जांच करेगा।

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ऑनलाइन पास होगा नक्शा

Map Approval Online: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने आम लोगों को नए साल के अवसर पर बड़ा तोहफा दिया है। सरकार ने आम लोगों को अथॉरिटी की चक्कर लगाने से छुटकारा दिलाते हुए घर-दुकान का नक्शा ऑनलाइन आवेदन और पास कराने की सुविधा शुरू कर दी है। सबसे पहले यह सुविधा लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) द्वारा शुरू की गई है। आने वाले दिनों में इस सुविधा का लाभ दूसरी अथॉरिटी के द्वारा शुरू की जाएगी। इससे दूसरे शहरों के लोगों को लाभ मिलेगा।

लखनऊ विकास प्राधिकरण ने क्या कहा है?

लखनऊ विकास प्राधिकरण द्वारा एक्स पर दी गई जानकारी के अनुसार, अब लोगों को भवन मानचित्र पास कराने के लिए विकास प्राधिकरण के दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। एक क्लिक पर भवन का मानचित्र पास होगा। एलडीए ने नए बिल्डिंग बायलॉज के तहत फास्ट ट्रैक सिस्टम ‘फास्टपास’ (fastpas) लागू कर दिया है। इस नये सॉफ्टवेयर के जरिए भूखण्ड स्वामी अपने मकान व दुकान का नक्शा स्वयं पास कर सकेंगे। इसके लिए उन्हें ऑनलाइन आवेदन करना होगा और चंद मिनटों में मानचित्र स्वीकृत हो जाएगा।

कहां कर सकते हैं आवेदन

एलडीए की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, फास्टपास प्रणाली के अंतर्गत 100 वर्गमीटर क्षेत्रफल तक के आवासीय और 30 वर्गमीटर तक के व्यावसायिक (कमर्शियल) भवनों का मानचित्र सम्पत्ति के स्वामी खुद पास कर सकेंगे। इसके लिए लोगों को http://map.up.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। यह पूरी प्रक्रिया डिजिटल, पारदर्शी और सरल रखी गयी है।

आवेदन की शुरुआत पोर्टल पर नाम व मोबाइल नंबर रजिस्टर करने से होगी। इसके बाद लॉगिन आईडी और पासवर्ड बनाकर आवेदक अपना मानचित्र अपलोड कर सकेंगे। पोर्टल पर ही गणना के अनुसार देय शुल्कों के भुगतान की सुविधा होगी। आवेदन सबमिट होते ही सिस्टम स्वतः मानकों के आधार पर मानचित्र की जांच करेगा।

मानचित्र पास कराने के दौरान यह अनिवार्य होगा कि भूखण्ड का लैंड यूज मास्टर प्लान के अनुरूप हो। आवेदन में भूखण्ड की सटीक लोकेशन, आसपास की सड़कों की लंबाई और चौड़ाई, प्रस्तावित भवन की ऊंचाई, कवर्ड एरिया, फ्रंट, साइड और रियर सेटबैक, प्रवेश और निकास द्वार व पार्किंग का पूरा विवरण देना होगा। इसके बाद पोर्टल पर मानचित्र के साथ पूरा विवरण देते ही चंद ही मिनटों में नक्शा स्वीकृत हो जाएगा और आवेदक को स्वतः प्रमाणित मानचित्र व सर्टीफिकेट मिल जाएगा।

Alok Kumr
आलोक कुमार author

आलोक कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में एसोसिएट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव रखने वाले आलोक ने अपने पत्रकारिता करियर में कई प्रमुख कॉर्पोरेट इवेंट्स और चर्चित स्टोरीज कवर की हैं। वह बिजनेस, बैंकिंग, शेयर मार्केट और पर्सनल फाइनेंस पर गहरी समझ रखते हैं और जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और पाठक-केंद्रित तरीके से प्रस्तुत करने में माहिर हैं। अब तक आलोक ने लगभग 18,000 स्टोरीज लिखी हैं। उनकी लेखन शैली भरोसेमंद, विश्लेषणात्मक और व्यावहारिक जानकारी देने वाली होती है।

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