बिजनेस

US Federal reserve :फेड रिजर्व ने 0.25 फीसदी बढ़ाई ब्याज दरें,महंगाई अभी भी चुनौती, ग्रोथ रेट अनुमान घटाया

  • Authored by: प्रशांत श्रीवास्तव
  • Updated Mar 23, 2023, 01:18 AM IST

US Federal reserve hikes interest rate: फेड रिजर्व ने नीतिगत दरों में बढ़ोतरी का ऐलान करते हुए कहा है कि अमेरिकी बैकिंग सिस्टम मजबूत और नीतिगत दरों में बढ़ोतरी का ऐलान करते हुए फेड रिजर्व ने यह भी संकेत दिया है कि ब्याज दरों में लगातार बढ़ोतरी का दौर अब थम सकता है।

Image

US फेड रिजर्व ने फिर बढ़ाई ब्याज दरें

Photo : Twitter

US Federal reserve hikes interest rate: जैसी की उम्मीद थी कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व बैंक ने बैंकिंग संकट के बीच नीतिगत दरों में बढ़ोतरी कर दी है। फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों में 0.25 फीसदी की बढ़ोतरी की है। फेडरल रिजर्व के इस कदम के बाद प्रमुख नीतिगत दरें 4.75-5.0 फीसदी पहुंच गई है। अमेरिका में 6 फीसदी (फरवरी) के करीब महंगाई को देखते हुए फेड रिजर्व ने यह कदम उठाया है। क्योंकि अभी भी अमेरिका में महंगाई दर उसके टारगेट 2 फीसदी से कहीं ज्यादा है।

नीतिगत दरों में बढ़ोतरी का ऐलान करते हुए फेड रिजर्व ने यह भी संकेत दिया है कि ब्याज दरों में लगातार बढ़ोतरी का दौर अब थम सकता है। फेड रिजर्व के इस ऐलान का अमेरिकी शेयर बाजार में पॉजीटिव असर हुआ है। और ऐलान के बाद S&P 500 में 0.26 फीसदी की तेजी आई है। फेड के फैसला गुरुवार को भारतीय और एशियाई शेयर बाजारों पर सकारात्मक असर दिख सकता है।

अब केवल एक और बढ़ोतरी की उम्मीद

फेड रिजर्व ने नीतिगत दरों में बढ़ोतरी का ऐलान करते हुए कहा है कि अमेरिकी बैकिंग सिस्टम मजबूत और लचीला है। हाल की घटनाओं से आम लोगों और कारोबारियों के लिए कर्ज लेना मुश्किल होगा। और उसका असर नौकरियां और आर्थिक गतिविधियों पर दिखेगा। हालांकि इस समय पहली प्राथमिकता महंगाई है। जिसे नियंत्रित करना बेहद जरूरी है। और समिति महंगाई को लेकर सचेत है। फेड के फैसले के बाद डॉलर इंडेक्स में 0.465 फीसदी की गिरावट आई है।

आज के फैसले से इस बात के भी संकेत मिले है कि ब्याज दरों में बढ़ोतरी का दौर अब थम सकता है। और उसमें इस साल केवल एक बार और 0.25 फीसदी की बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि फेड चेयरमैन जीरोम पॉवेल आने वाले समय में ब्याज दरों में कटौती की संभावना को खारिज कर दिया है। फेड रिजर्व के फैसले के बाद ओवरनाइट इंटरेस्ट रेट 4.75-5.0 फीसदी के बीच पहुंच गया है। जो कि साल 2007 के बाद सबसे ऊंचा स्तर है।

बेरोजगारी और ग्रोथ रेट पर फेड ने क्या कहा

फेड रिजर्व ने बेरोजगारी दर में मामूली गिरावट की बात कही है। रिपोर्ट के अनुसार इस साल के अंत तक अमेरिका में बेरोजगारी दर 4.5 फीसदी रह सकती है। जो कि दिसंबर 2022 के अनुमान 4.6 फीसदी के मुकाबले थोड़ी कम है। हालांकि मौजूदा 3.6 फीसदी रेट से कहीं ज्यादा है।

इसी तरह महंगाई दर इस साल के अंत तक 3.1 फीसदी पर आ सकती है। इसके पहले फेड रिजर्व ने 3.3 फीसदी का आंकलन किया था। साफ है कि महंगाई पर फेड रिजर्व को राहत की उम्मीद दिख रही है। जहां तक ग्रोथ रेट की बात है तो इस साल अमेरिका की ग्रोथ रेट 0.4 फीसदी रह सकती है। जबकि इसके पहले दिसंबर में फेड रिजर्व ने इस साल के लिए 0.5 फीसदी ग्रोथ रेट का अनुमान जताया था। वहीं 2024 के लिए फेड रिजर्व ने अब 1.6 फीसदी की जगह 1.2 फीसदी जीडीपी ग्रोथ रेट का अनुमान जताया है। ग्रोथ रेट में कमी का असर बाजार पर भी नकारात्मक हुआ है। और उसमें शुरुआती बढ़त के बाद मामूली गिरावट का रुख बना हुआ है।

भारत पर क्या होगा असर

जिस तरह अमेरिकी फेड रिजर्व ने उम्मीदों के अनुरूप नीतिगत दरों में कम आक्रामक रुख अपनाया है। और उसके बाद अमेरिकी स्टॉक मार्केट ने पॉजीटिव संकेत दिया है। उसे देखते हुए गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार और दूसरे एशिया बाजार में पॉजीटिव रुख देखने को मिल सकता है। इसके पहले अमेरिका और यूरोप में बैंकिंग संकट को देखते हुए दुनिया भर में कई दिनों से गिरावट का रुख जारी है।

प्रशांत श्रीवास्तव
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

और पढ़ें
End of Article