Penal Charges On TCS: एक अमेरिकी अदालत ने भारत की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टीसीएस (TCS) पर 19.4 करोड़ डॉलर या करीब 1620 करोड़ रु का जुर्माना लगाया है। अदालत ने अपने फैसले में कहा है कि टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज ने ट्रेड सीक्रेट का दुरुपयोग किया है। इसीलिए कंपनी पर भारी जुर्माना लगाया गया है। हालांकि, टीसीएस ने कहा कि उसके पास फैसले के खिलाफ मजबूत तर्क हैं और वह रिव्यू या अपील के जरिए अपने हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठा रही है।
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किसने किया था मुकदमा
टीसीएस के खिलाफ कोर्ट ने यह ऑर्डर कंप्यूटर साइंसेज कॉर्पोरेशन (CSC) द्वारा दायर मामले में पारित किया है, जिसका अब DXC टेक्नोलॉजी कंपनी (DXC) के साथ विलय हो चुका है। सीएससी ने यूनाइटेड स्टेट्स डिस्ट्रिक्ट कोर्ट, नॉर्दर्न डिस्ट्रिक्ट ऑफ टेक्सास, डलास डिवीजन के सामने टीसीएस के खिलाफ अपने ट्रेड सीक्रेट के दुरुपयोग का आरोप लगाया है।
किस-किस चीज के लिए लगा जुर्माना
टीसीएस के अनुसार अदालत ने आदेश दिया कि कंपनी सीएससी को 56,151,583 डॉलर प्रतिपूरक (Compensatory) हर्जाने और 112,303,166 डॉलर अनुकरणीय (Exemplary) हर्जाने के तौर पर देने के लिए उत्तरदायी है। अदालत ने यह भी कहा कि कंपनी 13 जून, 2024 तक प्रीजजमेंट ब्याज के रूप में 25,773,576.60 डॉलर देने के लिए उत्तरदायी है।
बिजनेस पर कोई असर नहीं पड़ेगा
अदालत ने टीसीएस के खिलाफ कुछ निषेधाज्ञा और कुछ राहतें भी दी हैं। कंपनी ने कहा है कि टीसीएस का मानना है कि इस फैसले का उसके वित्तीय और परिचालन पर कोई बड़ा प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।
