Urja Ganga Pipeline Project:केंद्र सरकार द्वारा सीएनजी (CNG)और पीएनजी (PNG)की कीमतों के लिए प्राकृतिक गैस कीमत निर्धारण के नए फॉर्मूले को मंजूरी देने के बाद, उर्जा गंगा पाइप लाइन प्रोजेक्ट को बड़ा बूस्ट मिलने वाला है। इस प्रोजेक्ट के जरिए उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और असम के शहरों में घरेलू गैस पाइपलाइन प्रोजेक्ट का तेजी से विस्तार हो सकेगा। जिसके जरिए वाराणसी, मिर्जापुर, पटना, धनबाद , रांची, जमशेदपुर जैसे शहरों में पीएनजी सस्ते रेट पर मिल सकेगी।
क्या है उर्जा गंगा पाइप लाइन प्रोजेक्ट
ऊर्जा गंगा पाइप लाइन प्रोजेक्ट के तहत PSU कंपनी GAIL दो पाइपलाइन बिछा रही है। इसके हत जगदीशपुर-हल्दिया-बोकारो-धामरा पाइपलाइन (जेएचबीडीपीएल) की लंबाई 2,655 किमी है। जबकि बरौनी-गुवाहाटी पाइपलाइन की लंबाई 729 किमी है। प्रधानमंत्री ऊर्जा गंगा परियोजना के तहत दोनों पाइपलाइन की कुल लंबाई 3,384 किमी है। जिसमें से 766 किमी पाइपलाइन ओडिशा राज्य में है और बाकी 2,618 किमी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और असम राज्यों में हैं। प्रधान मंत्री ऊर्जा गंगा परियोजना की शुरूआत वाराणसी से हुई थी।
गेल ने घटाए जाम
गैस सप्लाई करने वाली PSU कंपनी गेल (GAIL)ने 20 शहरों में सीएनजी और पीएनजी की कीमतों में 5-7 रुपये की कमी कर दी है। ऐसे में इन शहरों में पीएनजी विस्तार में तेजी से मदद मिलेगी। कीमतें घटने से गोरखपुर, सिंदरी और बरौनी फर्टिलाइजर प्लांट को सस्ती गैस मिलेगी। सरकार का दावा है कि नए फॉर्मूले के लागू होने PNG यूज करने वाले घरेलू उपभोक्ता को अधिक स्थिर कीमत पर गैस मिलेगी। मंत्रिमंडल ने एपीएम गैस के लिए 4 डॉलर प्रति एमएमबीटीयू के आधार मूल्य को मंजूरी दी है। साथ ही अधिकतम मूल्य 6.5 डॉलर प्रति एमएमबीटीयू रखने पर मुहर लगाई है।
