बिजनेस

UPI ट्रांजेक्शन का बना नया रिकॉर्ड, एक महीने में हुआ 22.35 अरब रुपये का लेनदेन

अप्रैल 2026 में यूपीआई लेनदेन 25% बढ़कर 22.35 अरब पहुंचा जो कि पिछले साल अप्रैल के मुकाबले 25 प्रतिशत अधिक है। यूपीआई अब भारत के अलावा दुनिया के कई देशों में भी यूज हो रहा है।

Image

यूपीआई के जरिए अप्रैल में हुए 22.35 अरब लेनदेन: डीएफएस

Photo : iStock

भारत में डिजिटल भुगतान का सबसे बड़ा माध्यम UPI लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। वित्तीय सेवा विभाग के अनुसार, अप्रैल 2026 में यूपीआई के जरिए कुल 22.35 अरब लेनदेन दर्ज किए गए, जो पिछले साल अप्रैल के 17.89 अरब लेनदेन की तुलना में करीब 25 प्रतिशत अधिक है। यह वृद्धि डिजिटल पेमेंट की बढ़ती स्वीकार्यता को दर्शाती है।

मार्च में बना था रिकॉर्ड

अगर हाल के महीनों पर नजर डालें, तो मार्च 2026 में यूपीआई ट्रांजैक्शन 22.64 अरब के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए थे। वहीं फरवरी में यह आंकड़ा 20.39 अरब रहा था। इससे साफ है कि यूपीआई का इस्तेमाल हर महीने तेजी से बढ़ रहा है और यह लोगों की पहली पसंद बनता जा रहा है।

आसान और सुरक्षित भुगतान प्रणाली

यूपीआई की लोकप्रियता का बड़ा कारण इसकी सरलता और मजबूत सुरक्षा है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) द्वारा लागू दो-स्तरीय प्रमाणीकरण प्रणाली इसे सुरक्षित बनाती है। इसमें पहला स्तर बैंक खाते से जुड़ा मोबाइल नंबर होता है, जबकि दूसरा स्तर यूपीआई पिन होता है। इस व्यवस्था के चलते लेनदेन न केवल तेज बल्कि सुरक्षित भी रहते हैं।

डिजिटल लेनदेन में 85% हिस्सेदारी

वर्तमान में भारत में होने वाले कुल डिजिटल लेनदेन में यूपीआई की हिस्सेदारी लगभग 85 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। यह आंकड़ा बताता है कि देश में डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में यूपीआई का दबदबा कितना मजबूत हो गया है।

वैश्विक स्तर पर भी बढ़ती पहुंच

यूपीआई अब केवल भारत तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका विस्तार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी हो रहा है। वैश्विक रियल-टाइम डिजिटल भुगतान में इसकी हिस्सेदारी करीब 50 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है।

आज यूपीआई संयुक्त अरब अमीरात, सिंगापुर, भूटान, नेपाल, श्रीलंका, फ्रांस, मॉरीशस और कतर जैसे आठ देशों में सक्रिय है। इससे विदेश में रहने या यात्रा करने वाले भारतीयों को बिना किसी परेशानी के आसानी से भुगतान करने की सुविधा मिल रही है।

Pradeep Pandey
प्रदीप पाण्डेयauthor

प्रदीप पाण्डेय टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट पर कंटेंट तैयार करते हैं। डिजिटल मीडिया में 10 वर्षों के अनुभव के साथ प्रदीप तकनीक की दुनिया को समझने और उसे आम पाठकों तक सरल व उपयोगी रूप में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। प्रदीप अब तक 11,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं। वह गैजेट रिव्यू, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, टेक टिप्स और नवीनतम टेक इनोवेशन पर लगातार काम करते हैं। एआई टूल्स पर एक्सपेरिमेंट करना, नए ऐप्स टेस्ट करना और टेक से जुड़े प्रैक्टिकल सॉल्यूशंस खोजने में उनकी खास रुचि है।

और पढ़ें
End of Article