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नहीं रुकेगा UPI ट्रांजेक्शन...वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक्शन में, यूपीआई सेवाओं में सुधार के दिए निर्देश

यूपीआई सेवाओं में हाल ही में आई रुकावटों के चलते वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर यूपीआई इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने साइबर सुरक्षा बढ़ाने, लेन-देन की निर्बाधता सुनिश्चित करने और अगले कुछ वर्षों में यूपीआई के वैश्विक विस्तार पर भी जोर दिया।

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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

Photo : Twitter
KEY HIGHLIGHTS
  • हालिया बाधाओं के बाद यूपीआई प्रणाली के सुधार के निर्देश।
  • प्रतिदिन 1 बिलियन ट्रांजेक्शन का लक्ष्य तय।
  • यूपीआई के अंतरराष्ट्रीयकरण को बढ़ावा देने की योजना।

देशभर में यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई) सेवाओं में बार-बार आ रही रुकावटों को देखते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अहम बैठक की। इस दौरान यूपीआई इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और भविष्य में किसी भी तरह की बाधा को रोकने के लिए व्यापक सुधार के निर्देश दिए गए। बैठक में वित्त मंत्रालय, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) और नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। बैठक के दौरान यूपीआई इकोसिस्टम की मौजूदा स्थिति और आगे की रणनीति पर चर्चा की गई।

हालिया रुकावटों से उपजे हालात

गत एक माह में यूपीआई सेवाएं तीन बार बाधित हुईं — 26 मार्च, 1 अप्रैल और 12 अप्रैल को। इससे करोड़ों उपयोगकर्ताओं और मर्चेंट्स को भुगतान में दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

वित्त मंत्री ने साइबर सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने और वास्तविक समय निगरानी प्रणाली में सुधार करने पर बल दिया। एनपीसीआई को यूपीआई इन्फ्रास्ट्रक्चर को भविष्य के लिए तैयार करने के निर्देश दिए गए। यूजर्स के अनुभव को बेहतर बनाने और ट्रांजेक्शन की निर्बाधता सुनिश्चित करने के प्रयास तेज करने की सलाह दी गई है।

यूपीआई का बढ़ता प्रभाव

वित्त मंत्रालय के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में यूपीआई की औसत वार्षिक वृद्धि दर 72% रही है। फाइनेंशियल ईयर 2024-25 में यूपीआई ट्रांजेक्शन का कुल मूल्य 30% बढ़कर 261 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया, वहीं कुल लेन-देन की संख्या 42% बढ़कर 18,586 करोड़ हो गई।

भविष्य की रणनीति

प्रतिदिन 1 बिलियन यूपीआई लेनदेन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इंटरऑपरेबल पेमेंट फ्रेमवर्क के विकास पर जोर दिया गया। यूपीआई के वैश्विक स्तर पर विस्तार की योजना को गति देने की बात कही गई है।

IANS इनपुट के साथ

Ashish Kushwaha
आशीष कुशवाहाauthor

<p>आशीष कुमार कुशवाहा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। वह 2023 से Timesnowhindi.com के साथ जुड़े हैं। वह यहां शेयर बाजार, स्टॉक्स, IPO, पर्सनल फाइनेंस, बिजनेस न्यूज, कंपनी डेवलपमेंट, सक्सेस स्टोरी, यूटिलिटी, ऑटोमोबाइल, टेक्नोलॉजी और गैजेट से जुड़ी स्टोरी पर काम करते हैं। उनके पास पिछले 3 साल के भारतीय बजट को भी कवर करने का एक्सपीरियंस है। उनके पास ऑटो एक्सपो 2023 को कवर करने का अनुभव है। इसके अलावा ग्राउंड की स्टोरी और रिसर्च बेस्ड स्टोरी करने में विशेष रुचि रखते हैं। उनके पास डिजिटल मीडिया में कुल 3 साल से ज्यादा का एक्सपीरियंस है। इससे पहले इन्होंने वन इंडिया, दैनिक भास्कर डिजिटल में काम किया है। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। वहीं ग्रेजुएशन की पढ़ाई रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर से मास कम्यूनिकेशन में की है। उन्हें शुरू से ही डिबेट करने, सामाजिक मुद्दों पर बात करने और शेयर बाजार में रुचि थी। उन्हें बचपन से ही अखबार के संपादकीय पेज और न्यूज पढ़ने का सौख था। स्कूल के समय उन्होंने कई क्विज कंपटीशन में भी हिस्सा लिया और प्राइज जीते हैं।</p>

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