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UDAN scheme : उड़ान योजना से एविएशन क्षेत्र में आया बड़ा बदलाव, किफायती हुआ एयर ट्रैवल

UDAN scheme : नागरिक उड्डयन मंत्रालय (एमओसीए) की ओर से कहा गया कि 'उड़ान' का उद्देश्य रीजनल एयर कनेक्टिविटी को बढ़ाना है। किफायती दामों पर ऐसी जगह सर्विसेज उपलब्ध कराना है, जहां उड़ान सेवाएं कम हैं या फिर उपलब्ध नहीं हैं।

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उड़ान सेवा।

Photo : PTI

UDAN scheme : उड़ान (उड़े देश का आम नागरिक) योजना से देश के एविएशन क्षेत्र में बड़ा बदलाव आया है। इस योजना के कारण देश में एयरपोर्ट की संख्या दोगुनी होकर 157 हो गई है, जो कि 2014 में 74 थी। सरकार का लक्ष्य 2047 तक इसे बढ़ाकर 350 से 400 करना है। यह जानकारी केंद्र सरकार की ओर से रविवार को दी गई।

बीते एक दशक में घरेलू हवाई यात्रियों की संख्या दोगुनी हुई है। भारतीय एयरलाइंस की ओर से भी अपनी फ्लीट को बढ़ाया जा रहा है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय (एमओसीए) की ओर से कहा गया कि 'उड़ान' का उद्देश्य रीजनल एयर कनेक्टिविटी को बढ़ाना है। किफायती दामों पर ऐसी जगह सर्विसेज उपलब्ध कराना है, जहां उड़ान सेवाएं कम हैं या फिर उपलब्ध नहीं हैं।

उड़ान योजना की सातवीं वर्षगांठ

मंत्रालय ने कहा कि आज हम उड़ान योजना की सातवीं वर्षगांठ मना रहे हैं। यह भारत सरकार की दूर-दराज के इलाकों में इन्फ्रास्ट्रक्चर, कनेक्टिविटी सुधारने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। फ्लाईबिग, स्टार एयर, इंडियावन एयर और फ्लाई91 जैसे क्षेत्रीय एयरलाइंस को इस योजना से लाभ हुआ है, उन्होंने स्थायी व्यवसाय मॉडल विकसित किया है और रीजनल एयर ट्रैवल इकोसिस्टम बनाने में योगदान दिया है।

भारतीय एयरलाइन ने अगले 10-15 वर्षों में डिलीवरी के लिए निर्धारित 1,000 से अधिक विमानों के ऑर्डर दिए हैं, जिससे लगभग 800 विमानों के मौजूदा फ्लीट में वृद्धि हुई है। उड़ान योजना के तहत पहली उड़ान 27 अप्रैल, 2017 को शिमला से दिल्ली के बीच शुरू हुई थी।

उड़ान एक बाजार-संचालित मॉडल पर काम करती है, जहां एयरलाइंस विशिष्ट मार्गों पर मांग का आकलन करती हैं और बोली दौर के दौरान प्रस्ताव प्रस्तुत करती हैं। मंत्रालय के अनुसार, सरकार ने कम आकर्षक बाजारों में उड़ानें संचालित करने के लिए एयरलाइंस को आकर्षित करने के लिए कई उपाय लागू किए हैं।

लैंडिंग और पार्किंग शुल्क माफ

एयरपोर्ट संचालकों ने क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना (आरसीएस) उड़ानों के लिए लैंडिंग और पार्किंग शुल्क माफ कर दिया है, और भारतीय हवाईअड्डा प्राधिकरण (एएआई) इन उड़ानों पर टर्मिनल नेविगेशन लैंडिंग शुल्क (टीएनएलसी) नहीं लगाता है। इसके अलावा रियायती रूट नेविगेशन और सुविधा शुल्क (आरएनएफसी) लागू किया गया है। पहले तीन वर्षों के लिए आरसीएस हवाई अड्डों पर खरीदे गए एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) पर उत्पाद शुल्क 2 प्रतिशत तय किया गया था।

एयरलाइंस को अपनी पहुंच बढ़ाने के लिए कोड-शेयरिंग समझौते में प्रवेश करने के लिए भी प्रोत्साहित किया जाता है। उड़ान 3.0 ने पूर्वोत्तर क्षेत्र में कई गंतव्यों को जोड़ने वाले पर्यटन मार्गों की शुरुआत की है, जबकि उड़ान 5.1 पर्यटन, आतिथ्य और स्थानीय आर्थिक विकास को प्रोत्साहित करने के लिए पहाड़ी क्षेत्रों में हेलीकॉप्टर सेवाओं के विस्तार पर केंद्रित है।

Ashish Kushwaha
आशीष कुशवाहाauthor

<p>आशीष कुमार कुशवाहा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। वह 2023 से Timesnowhindi.com के साथ जुड़े हैं। वह यहां शेयर बाजार, स्टॉक्स, IPO, पर्सनल फाइनेंस, बिजनेस न्यूज, कंपनी डेवलपमेंट, सक्सेस स्टोरी, यूटिलिटी, ऑटोमोबाइल, टेक्नोलॉजी और गैजेट से जुड़ी स्टोरी पर काम करते हैं। उनके पास पिछले 3 साल के भारतीय बजट को भी कवर करने का एक्सपीरियंस है। उनके पास ऑटो एक्सपो 2023 को कवर करने का अनुभव है। इसके अलावा ग्राउंड की स्टोरी और रिसर्च बेस्ड स्टोरी करने में विशेष रुचि रखते हैं। उनके पास डिजिटल मीडिया में कुल 3 साल से ज्यादा का एक्सपीरियंस है। इससे पहले इन्होंने वन इंडिया, दैनिक भास्कर डिजिटल में काम किया है। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। वहीं ग्रेजुएशन की पढ़ाई रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर से मास कम्यूनिकेशन में की है। उन्हें शुरू से ही डिबेट करने, सामाजिक मुद्दों पर बात करने और शेयर बाजार में रुचि थी। उन्हें बचपन से ही अखबार के संपादकीय पेज और न्यूज पढ़ने का सौख था। स्कूल के समय उन्होंने कई क्विज कंपटीशन में भी हिस्सा लिया और प्राइज जीते हैं।</p>

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