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ट्रंप टैरिफ और वैश्विक उथल-पुथल बेअसर भारतीय इकोनॉमी, मूडीज ने GDP ग्रोथ को लेकर दिया ये बड़ा अनुमान

मूडीज ने कहा, हमें उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2025-26 में भारत की अर्थव्यवस्था 7.3 प्रतिशत की दर से बढ़ेगी, जो पिछले वित्त वर्ष के 6.5 प्रतिशत से अधिक है। इससे औसत आय में वृद्धि होगी और बीमा की मांग को समर्थन मिलेगा।

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जीडीपी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ और वैश्विक उथल-पुथल से पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था डांवाडोल है। हालांकि, इन सब के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूती के साथ आगे बढ़ रही है। रेटिंग एजेंसी मूडीज ने चालू वित्त वर्ष में भारत की आर्थिक वृद्धि दर के 7.3 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है। रेटिंग एजेंसी का कहना है कि मजबूत आर्थिक विस्तार से औसत घरेलू आय को समर्थन मिलेगा और बीमा मांग मजबूत होगी। मूडीज ने कहा, हमें उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2025-26 में भारत की अर्थव्यवस्था 7.3 प्रतिशत की दर से बढ़ेगी, जो पिछले वित्त वर्ष के 6.5 प्रतिशत से अधिक है। इससे औसत आय में वृद्धि होगी और बीमा की मांग को समर्थन मिलेगा।

मजबूती से बढ़ रही भारतीय अर्थव्यवस्था

वित्त वर्ष 2024-25 में प्रति व्यक्ति जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) सालाना आधार पर 8.2 प्रतिशत बढ़कर 11,176 अमेरिकी डॉलर रही जबकि कुल जीडीपी वृद्धि 6.5 प्रतिशत दर्ज की गई थी। मूडीज के अनुसार, भारत की मजबूत आर्थिक वृद्धि से वित्त वर्ष 2025-26 के पहले आठ महीनों (अप्रैल-नवंबर) में कुल बीमा प्रीमियम आय 17 प्रतिशत बढ़कर 10.9 लाख करोड़ रुपये हो गई। इस दौरान स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम में 14 प्रतिशत और जीवन बीमा के नए कारोबार के प्रीमियम में 20 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। यह वृद्धि वित्त वर्ष 2024-25 की तुलना में तेज रही जब कुल प्रीमियम सात प्रतिशत बढ़कर 11.9 लाख करोड़ रुपये रहा।

बीमा के प्रति लोगों का बढ़ा आकर्षण

भारत के बीमा क्षेत्र पर जारी अपनी रिपोर्ट में मूडीज ने कहा कि उद्योग को प्रीमियम में निरंतर वृद्धि का लाभ मिलने की संभावना है जो मजबूत आर्थिक विस्तार, बढ़ते डिजिटलीकरण, कर बदलावों और प्रमुख सरकारी स्वामित्व वाले बीमा क्षेत्र में प्रस्तावित सुधारों से प्रेरित होगी। इससे उद्योग की वर्तमान में कमजोर लाभप्रदता में सुधार आने की उम्मीद है।

रेटिंग एजेंसी ने कहा कि प्रीमियम आय में वृद्धि भारतीय उपभोक्ताओं में जोखिम के प्रति बढ़ती जागरूकता और देश की अर्थव्यवस्था के लगातार हो रहे डिजिटलीकरण को भी दर्शाती है। डिजिटलीकरण से बीमा उत्पादों का वितरण और बिक्री आसान होती है जिससे वे अधिक सुलभ बनते हैं। यह बीमा नियामक के ‘2047 तक सभी के लिए बीमा’ के लक्ष्य के अनुरूप है।

100 प्रतिशत एफडी करने से लाभ मिलेगा

मूडीज ने कहा कि सरकार देश की सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनियों की लाभप्रदता सुधारने का लक्ष्य रखती है जिनका बाजार पर बड़ा प्रभाव है। सरकार ने भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) में अल्पांश हिस्सेदारी बेची है और कुछ सरकारी कंपनियों को पूंजी उपलब्ध कराने का प्रस्ताव रखा है, बशर्ते वे अपनी ‘अंडरराइटिंग’ क्षमता में सुधार करें। अन्य प्रस्तावित उपायों में सरकारी बीमा कंपनियों के विलय या निजीकरण की संभावना भी शामिल है। रेटिंग एजेंसी ने कहा कि भारतीय बीमा कंपनियों में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की सीमा को 74 प्रतिशत से बढ़ाकर 100 प्रतिशत करने से उन्हें अतिरिक्त वित्तीय मजबूती मिलेगी।

Alok Kumr
आलोक कुमार author

आलोक कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में एसोसिएट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव रखने वाले आलोक ने अपने पत्रकारिता करियर में कई प्रमुख कॉर्पोरेट इवेंट्स और चर्चित स्टोरीज कवर की हैं। वह बिजनेस, बैंकिंग, शेयर मार्केट और पर्सनल फाइनेंस पर गहरी समझ रखते हैं और जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और पाठक-केंद्रित तरीके से प्रस्तुत करने में माहिर हैं। अब तक आलोक ने लगभग 18,000 स्टोरीज लिखी हैं। उनकी लेखन शैली भरोसेमंद, विश्लेषणात्मक और व्यावहारिक जानकारी देने वाली होती है।

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