ईरान पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का हमले करने का फैसला अब उलटा पड़ता दिख रहा है। अमेरिका में पेट्रोल की कीमत 4 साल के रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गई है। बता दें कि ईरान युद्ध के चलते ईंधन की कीमतों में तेज बढ़ोतरी से अमेरिका में पेट्रोल की कीमत 2022 के बाद पहली बार औसतन चार डॉलर प्रति गैलन से अधिक हो गई है। वाहन कंपनियों के संघ ’एएए’ के अनुसार, नियमित पेट्रोल की राष्ट्रीय औसत कीमत अब 4.02 डॉलर प्रति गैलन हो गई है जो युद्ध शुरू होने से पहले की तुलना में एक डॉलर से अधिक है। इससे पहले रूस के यूक्रेन पर हमला करने के दौरान करीब चार वर्ष पहले अमेरिका में पेट्रोल इतना महंगा हुआ था।
1 डॉलर = ₹95 मानें, तो $4.02 प्रति गैलन का रुपयों में रेट
- $4.02 × ₹95 = ₹381.9 प्रति गैलन
- 1 गैलन = 3.785 लीटर
- ₹381.9 ÷ 3.785 ≈ ₹100.9 प्रति लीटर
- यानी अमेरिका में पेट्रोल की कीमत ₹100.9 प्रति लीटर है।
कच्चे तेल की आपूर्ति पर असर
अमेरिका और इजराइन के 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ संयुक्त सैन्य कार्रवाई शुरू होने के बाद से कच्चे तेल की कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव और बढ़ोतरी हुई है। कच्चा तेल, पेट्रोल का मुख्य घटक है। इस संघर्ष के कारण आपूर्ति श्रृंखला में गंभीर व्यवधान उत्पन्न हुए हैं और पश्चिम एशिया के प्रमुख तेल उत्पादकों ने उत्पादन में कटौती भी की है जिससे कीमतों पर दबाव बढ़ा है।
ईंधन की कीमतों में 30% से ज्यादा की बढ़ोतरी
अमेरिका में पेट्रोल (गैसोलीन) की औसत कीमत $4 प्रति गैलन के पार पहुंच गई है, जो फरवरी के अंत में अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर हमले के बाद 30% से ज्यादा बढ़ चुकी है। वहीं, डीजल की कीमतें 40% से ज्यादा उछलकर $5 प्रति गैलन से ऊपर पहुंच गई हैं, जिसका अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर व्यापक असर पड़ सकता है। अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि पेट्रोल कीमतों को लेकर आने वाले समय में “कठिन दौर” देखने को मिल सकता है, लेकिन उन्होंने भरोसा दिलाया कि यह उछाल अस्थायी है और युद्ध खत्म होने के बाद कीमतें कम हो जाएंगी।
