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मजबूत अर्थव्यवस्था: टॉप 100 भारतीय कंपनियों का कुल ब्रांड मूल्य 236.5 अरब डॉलर तक पहुंचा

Strong economy: ‘ब्रांड फाइनेंस इंडिया 100 2025’ रैंकिंग के परिणाम स्थिर बने हुए हैं, जो सभी क्षेत्रों में प्रमुख भारतीय ब्रांडों के लिए एक वर्ष में लगातार लाभ को दर्शाते हैं। टाटा समूह ने एक बार फिर भारत के सबसे मूल्यवान ब्रांड के रूप में अपना स्थान सुरक्षित कर लिया है, क्योंकि यह 30 बिलियन डॉलर की सीमा को पार करने वाला पहला भारतीय ब्रांड बन गया है।

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तेजी से बढ़ रही भारतीय कंपनियों की इकोनॉमी (image-istock)

Strong economy: मजबूत इकोनॉमी और नीतियों को दर्शाते हुए टॉप 100 भारतीय कंपनियों का सामूहिक ब्रांड मूल्य 2025 तक 236.5 बिलियन डॉलर पहुंच गया है। यह जानकारी एक लेटेस्ट रिपोर्ट में दी गई। ‘ब्रांड फाइनेंस इंडिया 100 2025’ रैंकिंग के परिणाम स्थिर बने हुए हैं, जो सभी क्षेत्रों में प्रमुख भारतीय ब्रांडों के लिए एक वर्ष में लगातार लाभ को दर्शाते हैं।

टाटा समूह ने एक बार फिर भारत के सबसे मूल्यवान ब्रांड के रूप में अपना स्थान सुरक्षित कर लिया है, क्योंकि यह 30 बिलियन डॉलर की सीमा को पार करने वाला पहला भारतीय ब्रांड बन गया है। इसका ब्रांड मूल्य 10 प्रतिशत बढ़कर 31.6 बिलियन डॉलर हो गया है। दूसरे सबसे मूल्यवान भारतीय ब्रांड के रूप में, इंफोसिस आईटी सेवा क्षेत्र में अग्रणी बना हुआ है, जिसका ब्रांड मूल्य 15 प्रतिशत बढ़कर 16.3 बिलियन डॉलर हो गया है।

एचडीएफसी समूह का ब्रांड मूल्य 37 प्रतिशत बढ़कर 14.2 बिलियन डॉलर हो गया, जो रैंकिंग में तीसरे स्थान पर है। एचडीएफसी लिमिटेड के साथ विलय के बाद इसने वित्तीय सेवा दिग्गज के रूप में अपनी भूमिका को मजबूत किया है। चौथे स्थान पर एलआईसी ने सराहनीय वृद्धि प्रदर्शन दर्ज किया, जिसका ब्रांड मूल्य 35 प्रतिशत बढ़कर 13.6 बिलियन डॉलर हो गया है।

इसके बाद एचसीएलटेक आठवें स्थान पर है, जो 2024 से एक रैंक ऊपर है। इसका ब्रांड मूल्य 17 प्रतिशत बढ़कर 8.9 बिलियन डॉलर हो गया है। रिपोर्ट में बताया गया है कि लार्सन एंड टुब्रो ग्रुप का ब्रांड मूल्य 3 प्रतिशत बढ़कर 7.4 बिलियन डॉलर हो गया, जिसके साथ ग्रुप ने हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग पर बढ़ते जोर के साथ-साथ रिन्यूएबल और सेमीकंडक्टर में विविधीकरण के साथ नौवें सबसे मूल्यवान भारतीय ब्रांड के रूप में अपनी स्थिति मजबूत की है।

टॉप 10 में शामिल महिंद्रा समूह का ब्रांड मूल्य 9 प्रतिशत बढ़कर 7.2 बिलियन डॉलर हो गया है। महिंद्रा समूह ने टेक और इंजीनियरिंग इनोवेशन के साथ मजबूत गति बनाए रखी। अदाणी समूह इस साल सबसे तेजी से बढ़ने वाले भारतीय ब्रांड के रूप में उभरा, जिसका ब्रांड मूल्य 82 प्रतिशत बढ़ा।

रिपोर्ट में कहा गया है कि समूह की वृद्धि का श्रेय इंटीग्रेटेड इंफ्रास्ट्रक्चर पर ध्यान केंद्रित करने, ग्रीन एनर्जी महत्वाकांक्षाओं में वृद्धि और प्रमुख हितधारकों में बढ़ी हुई ब्रांड इक्विटी को जाता है। भारत के सस्टेनेबिलिटी नेतृत्व को भी मान्यता मिलती है। टाटा समूह के पास भारतीय ब्रांडों में सबसे अधिक सस्टेनेबिलिटी परसेप्शन वैल्यू (एसपीवी) है, जो 4.3 बिलियन डॉलर है, जबकि इंफोसिस के पास सबसे अधिक पॉजिटिव सस्टेनेबिलिटी गैप वैल्यू 115 मिलियन डॉलर है।

इनपुट-आईएएनएस

Vishal Maithil
Vishal Mathelauthor

विशाल मैथिल टाइम्स नाऊ नवभारत में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर 2023 से जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता में 6+ वर्षों के अनुभव के साथ वह टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया, गैजेट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर गहरी समझ रखते हैं। वे ऑटोमोबाइल, बिजनेस, यूटिलिटी और हाइपरलोकल से लेकर एजुकेशन और इंटरनेशनल बीट्स पर भी काम कर चुके हैं। भोपाल से ताल्लुक रखने वाले विशाल ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से मीडिया रिसर्च में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। रिसर्च के क्षेत्र में उनके कई पेपर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर, अमर उजाला, मासिक पत्रिका "संदेश" और सोशल मीडिया फर्म में भी काम किया है। टेक-यूटिलिटी और बिजनेस से जुड़ी खबरों को आसान और काम की भाषा में समझाना विशाल को खूब आता है। वो कोशिश करते हैं कि कम शब्दों में ज्यादा और साफ-सुथरी जानकारी मिल जाए। किताबें पढ़ना और संगीत सुनना उनका पसंदीदा काम है। आप इनसे Vishal.mathel@timesgroup.com पर संपर्क कर सकते हैं।

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