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चांदी के बढ़ते दाम के साथ चमक रहे ये Top 10 Silver ETF, एक साल में दिया 270% का शानदार रिटर्न

कमोडिटी बाजार में चांदी की कीमत में जितनी तेजी आई है, उसी रफ्तार से Silver Exchange Traded Funds (ETF) की चमक भी बढ़ी है। बीते एक साल में सिल्वर ETF ने 270 प्रतिशत तक का जबरदस्त रिटर्न दिया है। बढ़ती औद्योगिक मांग, वैश्विक अनिश्चितता और सुरक्षित निवेश की तलाश ने सिल्वर ETFs को निवेशकों के पोर्टफोलियो में एक मजबूत विकल्प के तौर पर स्थापित किया है।

Top 10 Silver ETF

ये हैं 10 सबसे बढ़िया सिल्वर ईटीएफ

लगातार बढ़ती इंडस्ट्रियल डिमांड, ग्लोबल इकोनॉमी में अनिश्चितता और आपूर्ति में कमी की वजह से चांदी की कीमत आसमान छू रही है। सिल्वर अब केवल कीमती धातु नहीं, बल्कि एक स्ट्रैटेजिक एसेट है। Ace MF के आंकड़ों के मुताबिक, भारतीय Silver Exchange Traded Funds (ETFs) ने बीते एक साल में 270 प्रतिशत से ज्यादा का जबरदस्त रिटर्न दिया है, जबकि तीन साल का औसत रिटर्न करीब 70 प्रतिशत के आसपास रहा है।

कीमतों की रैली ने बदली Silver ETFs की तस्वीर

चांदी की कीमतों में आई इस ऐतिहासिक तेजी का सीधा फायदा सिल्वर ETF को मिला है। सोने की तरह अब चांदी को भी महंगाई और करेंसी वोलैटिलिटी से बचाव के साथ-साथ पोर्टफोलियो डायवर्सिफिकेशन के लिए अहम माना जा रहा है। खास बात यह है कि सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स और ग्रीन एनर्जी सेक्टर से बढ़ती मांग ने चांदी की इंडस्ट्रियल वैल्यू को और मजबूत किया है, जिससे इसकी कीमतों में लगातार सपोर्ट बना हुआ है।

AUM और परफॉर्मेंस में Nippon, ICICI Pru सबसे आगे

AUM और रिटर्न दोनों के लिहाज से Nippon India Silver ETF इंडस्ट्री में सबसे आगे है। इस फंड का AUM करीब ₹28,944 करोड़ तक पहुंच चुका है और एक साल का रिटर्न 272 प्रतिशत रहा है। इसके बाद ICICI Prudential Silver ETF का नंबर आता है, जिसका AUM ₹14,828 करोड़ है और एक साल में इसने 274 प्रतिशत का रिटर्न दिया है। HDFC, SBI, Kotak और Aditya Birla Sun Life जैसे बड़े फंड्स ने भी 270 प्रतिशत के आसपास का सालाना रिटर्न देकर निवेशकों को मजबूत मुनाफा दिया है।

Tata Silver ETF ने YTD में मारी बाजी

परफॉर्मेंस के लिहाज से Tata Silver ETF खास तौर पर चर्चा में रहा। इस फंड ने Year-to-Date आधार पर करीब 708 प्रतिशत का एब्सोल्यूट रिटर्न दर्ज किया, जो सिल्वर में बनी तेज मोमेंटम को साफ तौर पर दिखाता है। DSP, Axis और UTI जैसे अपेक्षाकृत छोटे फंड्स ने भी इसी ट्रेंड को फॉलो करते हुए शानदार रिटर्न दिए हैं, जिससे यह साफ है कि चांदी की रैली ने लगभग पूरी ETF कैटेगरी को ऊपर उठा दिया है।

स्कीम का नामAUM (₹ करोड़)YTD रिटर्न % (एब्सोल्यूट)1 साल का रिटर्न %3 साल का रिटर्न %
Nippon India Silver ETF28,94467327269
ICICI Prudential Silver ETF14,82867527470
HDFC Silver ETF6,07467126969
SBI Silver ETF4,747670272
Kotak Silver ETF3,37967427369
Aditya Birla SL Silver ETF2,89567327368
Tata Silver ETF2,883708287
DSP Silver ETF2,17267427469
Axis Silver ETF1,47367027269
UTI Silver ETF1,375695270

क्यों बढ़ रही है Silver ETFs की लोकप्रियता

फिजिकल चांदी की तुलना में सिल्वर ETFs निवेशकों को ज्यादा सुविधा देते हैं। स्टोरेज, सेफ्टी और प्योरिटी जैसी चिंताओं के बिना इन्हें डिमैट अकाउंट के जरिए शेयरों की तरह खरीदा-बेचा जा सकता है। इसी वजह से निवेशकों का झुकाव तेजी से ETFs की तरफ बढ़ा है। बाजार जानकारों का मानना है कि रेगुलेटेड और ट्रांसपेरेंट इंस्ट्रूमेंट्स के जरिए बुलियन में निवेश का यह ट्रेंड आने वाले समय में और मजबूत हो सकता है।

टैक्सेशन और निवेश की रणनीति

भारत में सिल्वर ETFs को लिस्टेड सिक्योरिटी माना जाता है। 12 महीने से ज्यादा होल्ड करने पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन पर 12.5 प्रतिशत टैक्स लगता है, जबकि एक साल से कम अवधि में बेचने पर शॉर्ट टर्म गेन पर स्लैब के हिसाब से टैक्स देना होता है। यही वजह है कि टैक्स एफिशिएंसी के मामले में ETFs, फिजिकल सिल्वर की तुलना में ज्यादा आकर्षक माने जाते हैं। हालांकि, एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि चांदी समेत कमोडिटी एक्सपोजर कुल पोर्टफोलियो का 10–15 प्रतिशत से ज्यादा नहीं होना चाहिए, क्योंकि इनमें वोलैटिलिटी बनी रहती है।

डिस्क्लेमर: TIMES NOW नवभारत किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है। यहां पर केवल जानकारी दी गई है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें।

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यतींद्र लवानिया
यतींद्र लवानिया author

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों... और देखें

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