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20 साल की उम्र से ही क्यों शुरू कर देनी चाहिए रिटायरमेंट की प्लानिंग? जानिए सीक्रेट

अक्सर कहा जाता है कि रिटायरमेंट की प्लानिंग व्यक्ति को छोटी उम्र से ही शुरू कर देनी चाहिए। आखिर ऐसा क्यों कहा जाता है। अगर कोई व्यक्ति 20 साल की उम्र से ही रिटायरमेंट प्लानिंग करे तो क्या फायदा होगा।

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Retirement Planning (Photo: iStock)

अक्सर वित्तीय विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि रिटायरमेंट प्लानिंग (Retirement Planning) की शुरुआत जितनी जल्दी हो सके, उतनी जल्दी कर लेनी चाहिए। कई लोगों को लगता है कि रिटायरमेंट की चिंता 50 या 60 साल की उम्र में करनी चाहिए, लेकिन वास्तव में इसकी तैयारी करियर की शुरुआत से ही शुरू करना ज्यादा फायदेमंद माना जाता है। जल्दी शुरुआत करने से व्यक्ति को लंबे समय तक निवेश करने का मौका मिलता है, जिससे उसकी बचत और निवेश समय के साथ तेजी से बढ़ सकते हैं।

क्यों करें रिटायरमेंट प्लानिंग

Retirement Planning

Retirement Planning (Photo: iStock)

रिटायरमेंट प्लानिंग का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना होता है कि नौकरी या व्यवसाय से नियमित आय बंद होने के बाद भी व्यक्ति अपनी जरूरतों को आराम से पूरा कर सके। बढ़ती महंगाई, चिकित्सा खर्च और जीवनशैली की जरूरतों को देखते हुए भविष्य के लिए पर्याप्त धन जुटाना बेहद जरूरी हो जाता है। इसे कुुछ यूं समझिये कि अगर कोई व्यक्ति देर से निवेश शुरू करता है, तो उसे अपने लक्ष्य तक पहुंचने के लिए हर महीने ज्यादा राशि निवेश करनी पड़ सकती है।

जल्दी निवेश शुरू करने का सबसे बड़ा फायदा कंपाउंडिंग यानी चक्रवृद्धि का लाभ है। कंपाउंडिंग (Power of Compounding) में केवल मूलधन ही नहीं, बल्कि उस पर मिलने वाला रिटर्न भी आगे रिटर्न कमाने लगता है। यही कारण है कि समय निवेशक का सबसे बड़ा साथी माना जाता है।

20 साल की उम्र से शुरुआत करने का फायदा

मान लीजिए कि कोई व्यक्ति 20 साल की उम्र में हर महीने 5,000 रुपये निवेश करना शुरू करता है और उसे औसतन 10 प्रतिशत सालाना रिटर्न मिलता है। अगर वह यह निवेश 60 साल की उम्र तक जारी रखता है, तो उसके पास रिटायरमेंट तक एक बड़ा फंड तैयार हो सकता है।

दूसरी ओर, अगर कोई व्यक्ति यही निवेश 35 साल की उम्र में शुरू करता है, तो उसके पास निवेश के लिए 15 साल कम समय होगा। ऐसे में उसे समान रिटायरमेंट कॉर्पस बनाने के लिए हर महीने कहीं अधिक राशि निवेश करनी पड़ सकती है। यही वजह है कि फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स समय को धन सृजन का सबसे महत्वपूर्ण तत्व मानते हैं।

जल्दी शुरुआत से कम होता है दबाव

कम उम्र में निवेश शुरू करने का एक और फायदा यह है कि आपको हर महीने बड़ी रकम निवेश करने की जरूरत नहीं पड़ती। छोटी-छोटी बचत भी लंबे समय में बड़ा फंड बना सकती है। इससे वित्तीय दबाव कम रहता है और व्यक्ति अपने अन्य लक्ष्यों जैसे घर खरीदना, बच्चों की शिक्षा या आपातकालीन फंड बनाने पर भी ध्यान दे सकता है।

महंगाई को मात देने में मदद

यह भी समझिए कि आज जो खर्च 20,000 रुपये में पूरा हो जाता है, वह 30-40 साल बाद कई गुना बढ़ सकता है। इसलिए केवल बचत करना काफी नहीं है, बल्कि ऐसा निवेश करना जरूरी है जो महंगाई को भी मात दे सके। जल्दी शुरुआत करने से निवेश को बढ़ने के लिए पर्याप्त समय मिलता है और भविष्य की बढ़ी हुई जरूरतों को पूरा करना आसान हो जाता है।

Shivani Kotnala
शिवानी कोटनालाauthor

शिवानी कोटनाला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के करियर में 3 साल से ज्यादा के अनुभव के साथ शिवानी ने बिजनेस और टेक से जुड़ी खबरों पर काम किया है। यूटीलिटी, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग से जुड़ी खबरों पर वह लगातार लिख रही हैं। शिवानी ने डिजिटल के साथ-साथ न्यूज एजेंसी में भी काम किया है।

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