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सीनियर सिटीजन की होगी छप्परफाड़ कमाई! 60 लाख के निवेश पर हर साल मिलेंगे करीब 5 लाख

रिटायरमेंट के बाद पति-पत्नी मिल कर Senior Citizens Savings Scheme (SCSS) में निवेश करें तो अच्छी कमाई की जा सकती है।

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SCSS (Photo: iStock)

रिटायरमेंट के बाद नियमित आय और पूंजी की सुरक्षा वरिष्ठ नागरिकों की प्राथमिकता होती है। ऐसे में Senior Citizens Savings Scheme (SCSS) वरिष्ठ नागरिकों के लिए सबसे लोकप्रिय और सुरक्षित निवेश विकल्पों में से एक मानी जाती है। यह केंद्र सरकार समर्थित बचत योजना है, जिसमें 8.2 प्रतिशत की दर से वार्षिक ब्याज दिया जा रहा है। इस योजना की खास बात यह है कि इसमें निवेशकों को तिमाही आधार पर ब्याज का भुगतान किया जाता है, जिससे नियमित आय का स्रोत बना रहता है।

क्या है SCSS?

SCSS विशेष रूप से 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के भारतीय नागरिकों के लिए बनाई गई योजना है। कुछ विशेष परिस्थितियों में 55 से 60 वर्ष के बीच के सेवानिवृत्त कर्मचारी भी इसमें निवेश कर सकते हैं। यह योजना डाकघरों और अधिकृत बैंकों के माध्यम से उपलब्ध है।

कितना कर सकते हैं निवेश

इस योजना में न्यूनतम 1,000 रुपये से निवेश शुरू किया जा सकता है, जबकि अधिकतम निवेश सीमा 30 लाख रुपये प्रति व्यक्ति है। योजना की अवधि 5 वर्ष होती है, जिसे बाद में 3 वर्ष के लिए बढ़ाया भी जा सकता है।

पति-पत्नी कमा सकते हैं करीब 5 लाख सालाना

SCSS में एक व्यक्ति अधिकतम 30 लाख रुपये तक निवेश कर सकता है, इसलिए अगर पति और पत्नी दोनों पात्र हैं, तो वे अपने-अपने नाम पर 30-30 लाख रुपये निवेश कर सकते हैं। इस तरह कुल निवेश राशि 60 लाख रुपये हो जाएगी।

इस प्रकार एक वरिष्ठ नागरिक दंपति SCSS में 60 लाख रुपये निवेश कर करीब 4.92 लाख रुपये सालाना यानी लगभग 41 हजार रुपये प्रति माह के बराबर आय प्राप्त कर सकता है।

विवरणराशि
प्रति व्यक्ति निवेश₹30 लाख
कुल निवेश (पति-पत्नी)₹60 लाख
ब्याज दर8.2%
वार्षिक ब्याज आय₹4,92,000
मासिक औसत आयलगभग ₹41,000

तिमाही आधार पर मिलता है ब्याज

SCSS में ब्याज का भुगतान हर तिमाही किया जाता है। ब्याज राशि निवेशक के बचत खाते में जमा कर दी जाती है। इससे वरिष्ठ नागरिकों को नियमित नकदी प्रवाह मिलता रहता है, जो दैनिक खर्चों और अन्य जरूरतों को पूरा करने में मददगार हो सकता है।

टैक्स लाभ भी मिलता है

SCSS में किया गया निवेश पुरानी कर व्यवस्था (Old Tax Regime) के तहत धारा 80C में कर कटौती के लिए पात्र हो सकता है। हालांकि, योजना से मिलने वाला ब्याज निवेशक की आय में शामिल किया जाता है और लागू आयकर नियमों के अनुसार उस पर टैक्स लग सकता है। निर्धारित सीमा से अधिक ब्याज आय होने पर TDS भी काटा जा सकता है।

Shivani Kotnala
शिवानी कोटनालाauthor

शिवानी कोटनाला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के करियर में 3 साल से ज्यादा के अनुभव के साथ शिवानी ने बिजनेस और टेक से जुड़ी खबरों पर काम किया है। यूटीलिटी, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग से जुड़ी खबरों पर वह लगातार लिख रही हैं। शिवानी ने डिजिटल के साथ-साथ न्यूज एजेंसी में भी काम किया है।

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