Money in a Savings Account: भारत में अधिकतर लोग अपने पैसे को सुरक्षित रूप से संभालने के लिए बैंक में सेविंग अकाउंट खुलवाते हैं। सेविंग अकाउंट के साथ जरूरत पड़ने पर पैसा एटीएम से निकाला जा सकता है और समय के साथ बैंक में जमा धनराशि पर व्यक्ति को ब्याज भी मिल जाता है। हालांकि, सवाल यह कि क्या आज के समय में पैसे को सुरक्षित रूप से रखने के लिए इसे केवल सेविंग अकाउंट में रखना ही एकमात्र विकल्प रह गया है? क्या सेविंग अकाउंट में पैसा रखना समझदारी भरा कदम है? अगर आपके जेहन में भी यही सवाल है तो इसके लिए आपको सेविंग अकाउंट के फायदों के साथ-साथ नुकसान भी जानने की जरूरत है। इस आर्टिकल में आपको सेविंग अकाउंट के फायदे और नुकसान दोनों ही बता रहे हैं-
सेविंग अकाउंट के फायदे
बिल और भुगतान को ऑटोमेट करना
सेविंग अकाउंट का सबसे बड़ा फायदा यह है कि आप अपने बिल और पेमेंट को ऑटो कर सकते हैं। इससे हर महीने समय पर जरूरी पेमेंट हो जाती है और लेट फीस की नौबत ही नहीं आती।
कम जोखिम
अगर आप अपनी बचत को लेकर किसी तरह का जोखिम नहीं उठाना चाहते हैं तो आपके लिए सेविंग अकाउंट एक बढ़िया विकल्प हो सकता है। सेविंग अकाउंट में मूल राशि सुरक्षित रहती है और समय के साथ ब्याज भी मिलता है।
नियमित बचत की आदत
सेविंग अकाउंट का एक फायदा यह है कि इससे नियमित बचत की आदत बनती है। हर महीने की कमाई के साथ कुछ धनराशि अकाउंट में जुड़ती रहती है और पैसे जुड़ते रहने से व्यक्ति बचत के लिए प्रेरित होता है।
पैसे तक आसान पहुंच (लिक्विडिटी)
सेविंग अकाउंट का एक बड़ा फायदा यह है कि इसमें जमा पैसा आसानी से निकाला जा सकता है। एटीएम, इंटरनेट बैंकिंग, यूपीआई और मोबाइल बैंकिंग जैसी सुविधाओं से कभी भी पैसे ट्रांसफर या निकाल सकते हैं।
बैंकिंग संबंध बनाने में मदद
किसी बैंक में सेविंग अकाउंट खोलने से ग्राहक और बैंक के बीच संबंध बनता है। इससे भविष्य में लोन, क्रेडिट कार्ड या अन्य बैंकिंग सुविधाएं प्राप्त करने में आसानी होती है।
हालांकि, सेविंग अकाउंट के फायदे हैं तो इसके कुछ नुकसान भी हैं, जिन्हें भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है-
सेविंग अकाउंट के नुकसान
कम ब्याज दर
सेविंग अकाउंट पर आमतौर पर लगभग 2.5% से 7% तक ब्याज मिलता है, जो कई बार महंगाई दर से कम हो सकता है। इससे लंबे समय में पैसे की वास्तविक कीमत कम हो सकती है। यानी लंबे समय तक पैसा जमा करने के बाद भी आपकी धनराशि एक बड़े फंड में नहीं बदलती।
अलग-अलग तरह की फीस
सेविंग अकाउंट का एक नुकसान बैंक द्वारा वसूली जाने वाली अलग-अलग तरह की फीस है। कुछ बैंक सेविंग अकाउंट पर मेंटेनेंस फीस या कुछ लेनदेन पर शुल्क लेते हैं। इससे व्यक्ति की कुल बचत और रिटर्न कम हो सकते हैं।
अवसर लागत
आज के समय में निवेश करना हर आदमी के लिए जरूरी हो गया है। ऐसे में अगर आप अपनी बड़ी राशि सेविंग अकाउंट में रखते हैं, तो संभव है कि आप शेयर, बॉन्ड या अन्य निवेश विकल्पों से मिलने वाले अधिक रिटर्न से चूक जाएं।
न्यूनतम बैलेंस की शर्त
कई सेविंग अकाउंट में न्यूनतम बैलेंस रखना जरूरी होता है। अगर बैलेंस तय सीमा से कम हो जाए तो बैंक पेनल्टी चार्ज कर सकता है। यह सेविंग अकाउंट का एक बड़ा नुकसान है कि आपको अपने ही पैसे की लिमिट को लेकर भी चार्ज देना पड़ जाता है।
ट्रांजैक्शन लिमिट
कुछ बैंकों में मुफ्त निकासी या ट्रांसफर की संख्या सीमित होती है। इसे सेविंग अकाउंट का नुकसान ही समझिए कि तय सीमा से ज्यादा लेनदेन करने पर आपको अतिरिक्त शुल्क देना पड़ सकता है।
