शेयर बाजार में निवेश करने वाले निवेशकों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। कोरोना महामारी के बाद निवेशकों की संख्या में तेजी से उछाल आया है। आपको बता दें कि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर रजिस्टर्ड निवेशकों की संख्या 23 सितंबर को 12 करोड़ के पार पहुंच गई है। यानी शेयर बाजार में निवेशकों की संख्या 12 करोड़ के पार निकल गई है। वहीं, पिछले 8 महीने में ही 1 करोड़ नए निवेशक जुड़े हैं। एनएसई के चीफ बिजनेस डेवलपमेंट ऑफिसर श्री श्रीराम कृष्णन ने कहा कि इस साल हमने निवेशक आधार में एक और बड़ा पड़ाव पार किया है। जनवरी 2025 में 11 करोड़ का आंकड़ा छूने के बाद सिर्फ आठ महीनों में एक करोड़ नए निवेशक जुड़ना, यह दिखाता है कि निवेशकों का भरोसा बाजार पर लगातार बढ़ रहा है। आसान KYC प्रक्रिया, निवेशक शिक्षा कार्यक्रम और सकारात्मक बाज़ार भावनाओं ने इसमें अहम भूमिका निभाई है। इक्विटीज़, ETFs, REITs, InvITs, सरकारी व कॉरपोरेट बॉन्ड्स जैसे इंस्ट्रूमेंट्स में निवेशकों की बढ़ती रुचि इसी भरोसे का प्रतीक है।
महिलाओं और युवाओं की बढ़ती भागीदारी
- आज हर चार में से एक निवेशक महिला है। युवाओं की भागीदारी भी रिकॉर्ड स्तर पर है।
- पंजीकृत निवेशकों की औसत आयु अब 33 वर्ष है, जो पांच साल पहले 38 वर्ष थी।
- करीब 40% निवेशक 30 वर्ष से कम उम्र के हैं।
- निवेशक आधार अब भारत के 99.85% पिन कोड्स तक पहुंच चुका है।
- राज्यों की बात करें तो महाराष्ट्र (1.9 करोड़), उत्तर प्रदेश (1.4 करोड़) और गुजरात (1.03 करोड़) यूनिक निवेशकों के लिहाज से टॉप पर हैं।
एसआईपी (SIP) का बढ़ता आकर्षण
- अप्रैल–अगस्त 2025 के बीच 2.9 करोड़ नए SIP खाते खुले।
- इस दौरान औसतन 27,464 करोड़ रुपये मासिक SIP के जरिए निवेश हुए, जो पिछले साल की तुलना में कहीं ज्यादा है।
सबसे पहले लगा था 14 साल का वक्त
एक्सचेंज ने गुरुवार को बताया कि उससे जुड़े हर चार निवेशकों में से एक महिला है। इस साल जनवरी में एनएसई ने 11 करोड़ का आंकड़ा पार किया था। एनएसई ने एक बयान में कहा कि पंजीकृत निवेशक आधार 14 साल बाद एक करोड़ पर पहुंचा था। अगले एक करोड़ जोड़ने में करीब सात साल लगे। इसके बाद एक करोड़ जोड़ने में साढ़े तीन साल लगे और अगले एक करोड़ निवेशक सिर्फ एक साल से कुछ अधिक समय में जुड़ गए।’’ एनएसई के गठन के 25 वर्ष होने पर मार्च, 2021 तक निवेशकों का आधार चार करोड़ पर था। लेकिन इसके बाद हर छह-सात महीने में एक-एक करोड़ निवेशक जुड़ते गए। इसके पीछे डिजिटलीकरण, वित्तीय-प्रौद्योगिकी तक बढ़ती पहुंच, मध्यम वर्ग का विस्तार और नीतिगत सहयोगी कदम अहम कारण रहे हैं।
पूरे देश से लोग लगा रहे हैं पैसा
23 सितंबर तक एनएसई में कुल 23.5 करोड़ निवेशक खाते पंजीकृत थे। इनमें से 12 करोड़ विशिष्ट निवेशक हैं। इनकी औसत आयु 33 साल है जो पांच साल पहले 38 साल थी। करीब 40 प्रतिशत निवेशक 30 साल से कम आयु वर्ग के हैं। निवेशकों का विस्तार अब पूरे देश में हो गया है और यह देश के 99.85 प्रतिशत पिन कोड तक पहुंच चुका है। महाराष्ट्र 1.9 करोड़ निवेशकों के साथ शीर्ष पर है। इसके बाद उत्तर प्रदेश (1.4 करोड़) और गुजरात (1.03 करोड़) का स्थान है। वित्त वर्ष 2025-26 में 23 सितंबर तक एनएसई के मानक सूचकांक निफ्टी 50 ने सात प्रतिशत और निफ्टी 500 ने 9.3 प्रतिशत का रिटर्न दिया है।
