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टेस्ला की भारत में एंट्री की आ गई तारीख, मस्क देंगे चीन बड़ा झटका

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  • Updated Nov 7, 2023, 11:20 AM IST

Tesla To Enter India In Early 2024: टेस्ला के सीनियर अधिकारियों ने भारत में कार और बैटरी मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी स्थापित करने की सरकार की योजना पर चर्चा की है। इसके अलावा टेस्ला ने भारत में अपना सप्लाई चेक इकोसिस्टम डेवलप करने के लिए भी हामी भरी है।

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नए साल में एंट्री

Tesla To Enter India In Early 2024: एलम मस्क और उनकी टीम की पिछले काफी दिनों से चल रही कवायद रंग ला रही है। ऐसी संभावना है कि एलन मस्क की इलेक्ट्रिक कार कंपनी टेस्ला को भारत में एंट्री के लिए नए साल में मंजूरी मिल सकती है। मंजूरी की सारी प्रक्रिया जनवरी 2024 तक पूरी होने की उम्मीद है। इस संबंध में पीएमओ ने एक अहम बैठक भी कर ली है। और ताजा डेवलपमेंट से साफ है कि एप्पल के बाद अब टेस्ला की भारत में एंट्री चीन के लिए बड़ा झटका होगी।

क्या है प्लानिंग

इकोनॉमिक्स टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएम) ने देश में इलेक्टिक वाहनों के इको सिस्टम को लेकर अगले चरण की तैयारियों का जायजा लिया है। जिसमें टेस्ला के निवेश पर भी चर्चा हुआ है। और टेस्ला के प्रस्तावित निवेश को जनवरी 2024 तक मंजूरी देने की बात कही गई है। इसके पहले पिछले कुछ समय से टेस्ला के अधिकारियों के साथ सरकार लगातार चर्चा में थी। और एलन मस्क की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिकी यात्रा के दौरान मीटिंग भी जून में हुई थी। जिसके बाद से मस्क के बयानों से ऐसी उम्मीद जताई जा रही थी, टेस्ल की एंट्री का रास्ता साफ हो सकता है।

लगेगी फैक्ट्री

इसके पहले टेस्ला के सीनियर अधिकारियों ने भारत में कार और बैटरी मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी स्थापित करने की सरकार की योजना पर चर्चा की है। इसके अलावा टेस्ला ने भारत में अपना सप्लाई चेक इकोसिस्टम डेवलप करने के लिए भी हामी भरी है। सूत्रों के अनुसार बैठक में मंत्रालयो को टेस्ला के साथ किसी भी तरह के मतभेद को दूर करने को कहा गया है। इसके पहले टेस्ला ने पहले पूरी तरह से असेंबल की गई इलेक्ट्रिक कारों पर 40 फीसदी इंपोर्ट शुल्क लगाने की मांग की थी। अभी 40,000 डॉलर से कम कीमत वाले वाहनों पर 60 फीसदी और इससे अधिक कीमत वाले वाहनों पर 100 फीसदी शुल्क लगता है।

ईवी पॉलिसी में होगा बदलाव

रिपोर्ट के अनुसार टेस्ला को लेकर भारत ईवी पॉलिसी में भी बदलाव कर सकती है। इसके लिए इस पॉलिसी में एक नई कैटेगिरी की भी ऐलान हो सकता है। अगर ऐसा होता है तो टेस्ला के साथ दुनिया के कई दिग्गज ईवी कंपनी भारत को अपना मैन्युफैक्चरिंग हब बना सकती हैं। इस बीच चीन में टेस्ला की कमाई गिर रही है। उसे वहा चीन की कंपनी बीवाईडी से कड़ी टक्कर मिलती है।

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