Tata Sons results: टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी Tata Sons ने बीते पांच वर्षों में अपने मुनाफे में जबरदस्त उछाल दर्ज की है। कंपनी का एकीकृत शुद्ध लाभ वित्त वर्ष 2019-20 में जहां ₹2,680 करोड़ था, वह बढ़कर 2024-25 में ₹26,232 करोड़ हो गया है। यानी इस अवधि में मुनाफे में लगभग 10 गुना की बढ़ोतरी हुई है।
रेवेन्यू और नेटवर्थ में भी बंपर ग्रोथ
सिर्फ प्रॉफिट ही नहीं, Tata Sons के कुल राजस्व और नेटवर्थ में भी जबरदस्त इजाफा देखने को मिला है। कंपनी की आय (Revenue) FY20 में ₹24,896 करोड़ थी, जो FY25 में ₹38,835 करोड़ तक पहुंच गई, यानी करीब 56% की ग्रोथ। वहीं नेटवर्थ की बात करें तो यह ₹45,586 करोड़ से बढ़कर ₹1,49,680 करोड़ पर पहुंच गई है। यह एक बड़ी वित्तीय छलांग मानी जा रही है।
ग्रुप ने किया ₹5.5 लाख करोड़ का निवेश
Tata Group ने बीते पांच वर्षों में ग्रुप की कंपनियों में कुल मिलाकर ₹5.5 लाख करोड़ का निवेश किया है। इस निवेश का उद्देश्य था भविष्य के लिए खुद को तैयार करना (Future-fit transformation)। इस दौरान ग्रुप ने डिजिटल, टेक्नोलॉजी, इनोवेशन, और विस्तार जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया।
Tata Group का कुल प्रदर्शन
वित्त वर्ष 2024-25 (FY25) में टाटा समूह ने समग्र रूप से शानदार प्रदर्शन किया है। समूह का कुल रेवेन्यू ₹15.34 लाख करोड़ रहा, जबकि शुद्ध लाभ ₹1.13 लाख करोड़ तक पहुंच गया। इसके साथ ही समूह की कुल मार्केट कैप भी बढ़कर ₹37.84 लाख करोड़ हो गई। इन आंकड़ों से साफ है कि टाटा ग्रुप ने न सिर्फ मुनाफे में, बल्कि बाजार मूल्य में भी जबरदस्त वृद्धि दर्ज की है।
कौन-कौन सी कंपनियों ने निभाई बड़ी भूमिका
Tata Sons की होल्डिंग के तहत आने वाली कंपनियों में सबसे बड़ा योगदान Tata Motors का रहा। इसने FY25 में अकेले ₹4,45,939 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया। इसके बाद Tata Consultancy Services (TCS) और Tata Steel जैसे दिग्गजों का प्रदर्शन भी उल्लेखनीय रहा।
