आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI की डेटा की भूख बढ़ती जा रही है। AI की इस भूख ने डेटा सेंटर कारोबार की किस्मत बदल दी है। इसकी एक बड़ी मिसाल टाटा कम्युनिकेशन (Tata Communications) की डेटा सेंटर कंपनी STT Global Data Centres India (STT GDC India) है।
करीब 10 साल पहले जिस कारोबार का वैल्यूएशन 3,140 करोड़ रुपये आंका गया था। अब उसके लिए 5.5 अरब डॉलर यानी करीब 52,200 करोड़ रुपये से ज्यादा की कीमत मिलने की उम्मीद है। इस तरह टाटा को अपने निवेश पर महज 10 साल में 1,563% का रिटर्न मिल सकता है।
देश का सबसे बड़ा सौदा
डेटा सेंटर के लिहाज से यह देश की सबसे बड़ी डील हो सकती है। इस सौदे में दुनिया की दिग्गज प्राइवेट इक्विटी कंपनी KKR, सिंगापुर की Singtel और Tata Communications शामिल हैं। ET की रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी के शेयरधारक भारतीय कारोबार बेचकर अपनी हिस्सेदारी से वैल्यू अनलॉक करना चाहते हैं। कंपनी के पास देश के 10 शहरों में 34 डेटा सेंटर हैं और कुल क्षमता 613 मेगावाट है।
16 गुना बढ़ा वैल्यूएशन
2016 में सिंगापुर की STT ने Tata Communications के भारतीय डेटा सेंटर कारोबार में 74% हिस्सेदारी खरीदी थी। उस समय पूरे कारोबार का वैल्यूएशन 3,140 करोड़ रुपये आंका गया था। अब कंपनी की संभावित बिक्री का वैल्यूएशन 5.5 अरब डॉलर से ज्यादा बताया जा रहा है। 2 नवंबर, 2026 के करीब 94.96 रुपये प्रति डॉलर के सांकेतिक एक्सचेंज रेट पर यह रकम लगभग 52,228 करोड़ रुपये बैठती है। यानी दोनों वैल्यूएशन की तुलना करें तो कंपनी का मूल्यांकन करीब 16.6 गुना हो गया है।
किसकी कितनी हिस्सेदारी?
STT GDC India में STT Telemedia की 74% और Tata Communications की 26% हिस्सेदारी है। KKR और Singtel ग्लोबल STT GDC कारोबार के प्रमुख निवेशक हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, संभावित बिक्री के लिए वैश्विक डेटा सेंटर ऑपरेटरों, भारत में कारोबार बढ़ाने की योजना बना रही विदेशी कंपनियों, बड़े भारतीय कारोबारी समूहों और इंफ्रास्ट्रक्चर फंड्स से संपर्क किया जा सकता है।
पहले IPO पर किया गया विचार
शेयरधारक इससे पहले कंपनी के IPO के विकल्प पर भी विचार कर रहे थे। करीब जुलाई 2026 में कारोबार की 6-7 अरब डॉलर के वैल्यूएशन पर भारतीय शेयर बाजार में लिस्टिंग की संभावना का मूल्यांकन शुरू किया गया था। अब 5.5 अरब डॉलर से ज्यादा की संभावित बिक्री वैल्यूएशन को IPO के मुकाबले एक विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है।
कहां से हो रही कंपनी की कमाई?
STT GDC India की कमाई का करीब 75% हिस्सा हाइपरस्केलर्स से आता है। इनमें बड़ी टेक और क्लाउड कंपनियां शामिल होती हैं, जिन्हें AI मॉडल, क्लाउड कंप्यूटिंग और डिजिटल सेवाओं के संचालन के लिए भारी डेटा सेंटर क्षमता की जरूरत होती है। कंपनी के इन ग्राहकों के साथ आमतौर पर 7 से 15 साल तक के कॉन्ट्रैक्ट होते हैं। लंबे समय के ये समझौते डेटा सेंटर कंपनियों को भविष्य में कमाई की बेहतर दृश्यता देते हैं।
टाटा की नई रणनीति
STT GDC India की संभावित बिक्री के पीछे Tata Group की अपनी कारोबारी रणनीति भी एक अहम वजह है। रिपोर्ट के मुताबिक, टाटा समूह ने TPG और अपनी प्रमुख IT कंपनी TCS के साथ मिलकर एक स्वतंत्र डेटा सेंटर प्लेटफॉर्म तैयार करने की योजना बनाई है। ऐसे में Tata Communications की STT GDC India में 26% हिस्सेदारी का भविष्य अहम हो जाता है।
