बिजनेस

Swiggy Q2 Results: स्विगी को जुलाई-सितंबर तिमाही में 625.5 करोड़ रु का घाटा, 3,601 करोड़ रु रहा रेवेन्यू

Swiggy FY25 Q2 Results: फूड डिलीवरी एग्रीगेटर स्विगी लिमिटेड ने जुलाई-सितंबर तिमाही (FY25 Q2) के फाइनेंशियल रिजल्ट घोषित कर दिए हैं। कंपनी को इस तिमाही में 625.5 करोड़ रुपये का घाटा हुआ।

Image

स्विगी वित्त वर्ष 25 की दूसरी तिमाही के नतीजे

Photo : Times Now Digital
KEY HIGHLIGHTS
  • स्विगी ने जारी किए तिमाही नतीजे
  • जुलाई-सितंबर तिमाही के नतीजे किए पेश
  • हुआ 625.5 करोड़ रु का घाटा

Swiggy FY25 Q2 Results: फूड डिलीवरी एग्रीगेटर स्विगी लिमिटेड ने जुलाई-सितंबर तिमाही (FY25 Q2) के फाइनेंशियल रिजल्ट घोषित कर दिए हैं। कंपनी को इस तिमाही में 625.5 करोड़ रुपये का घाटा हुआ। ये पिछले महीने स्विगी की शेयर बाजार में लिस्टिंग के बाद पहले तिमाही नतीजे रहे। कंपनी ने पिछले वर्ष समान तिमाही में 657 करोड़ रुपये का घाटा दर्ज किया था। वहीं इस साल अप्रैल-जून तिमाही में इसका घाटा 611 करोड़ रुपये रहा था।

ये भी पढ़ें -

रेवेन्यू में कितनी हुई बढ़ोतरी

स्विगी ने सितंबर तिमाही में 3,601 करोड़ रुपये का रेवेन्यू दर्ज किया, जबकि पिछले साल यह समान तिमाही में 2,763 करोड़ रुपये और जून तिमाही में 3,222 करोड़ रुपये था। स्विगी के अलग-अलग बिजनेसों में, फूड डिलिवरी बिजनेस ने पिछले वर्ष की तुलना में 22% और जून तिमाही के मुकाबले 4% की वृद्धि दर्ज की। इसके फूड डिलिवरी बिजनेस का रेवेन्यू 1,577 करोड़ रु रहा।

इंस्टामार्ट का कैसा रहा परफॉर्मेंस

स्विगी के इंस्टामार्ट या क्विक-कॉमर्स बिजनेस ने पिछले वर्ष की तुलना में रेवेन्यू में 136% की वृद्धि दर्ज की, जो 490 करोड़ रु रहा। इस बिजनेस का EBIT 317 करोड़ रु के घाटे पर रहा, जबकि पिछले वर्ष समान तिमाही में 320 करोड़ रु के घाटे पर रहा।

शेयर में आई मजबूती

मंगलवार को स्विगी का शेयर BSE पर 5.95 रु या 1.20 फीसदी की मजबूती के साथ 501.30 रु पर बंद हुआ। सोमवार को इसका शेयर 495.35 रु पर बंद हुआ था। लिस्टिंग के बाद इसका अब तक का हाई लेवल 542.10 रु और लो लेवल 390.70 रु रहा है।

डिस्क्लेमर : यहां मुख्य तौर पर शेयर के रिटर्न की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। इक्विटी मार्केट में जोखिम होता है, इसलिए निवेश अपने जोखिम पर करें। निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें।

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

और पढ़ें
End of Article