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त्योहारी सीजन में चीनी होगी फीकी ! फिर बढ़ेंगी कीमतें, दो महीने में 300 रु क्विंटल बढ़े दाम

Sugar Price May Rise: देश में चीनी की मात्रा बढ़ाकर कीमतों को काबू में रखने के लिए सरकार इसके एक्सपोर्ट पर बैन लगा सकती है। अप्रैल-जुलाई के दौरान चीनी के दाम घरेलू स्तर पर 36 रु प्रति किलो रहे। मगर अगस्त-सितंबर के दौरान ये 39 रु तक बढ़े। यानी प्रति क्विंटल 300 रु।

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चीनी की कीमत बढ़ सकती है

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KEY HIGHLIGHTS
  • महंगी हो सकती है चीनी
  • गन्ने का उत्पादन हुआ है कम
  • सरकार एक्सपोर्ट कर सकती है बैन

Sugar Price May Rise: भारत में चीनी का सीजन अक्टूबर से अगले साल सितबंर तक रहता है। चीनी सीजन 2023-24 शुरू हो गया है। मगर इस सीजन में चीनी का उत्पादन घट सकता है। इसी वजह से आगामी फेस्टिव सीजन (Festive Season) में चीनी के दाम ऊंचे रह सकते हैं। यह अनुमान ऐसे समय पर लगाए जा रहे हैं, जब इंटरनेशनल मार्केट में भी चीनी के दाम काफी अधिक बने हुए हैं।

एक्सपोर्ट पर लग सकती है रोक

देश में चीनी की मात्रा बढ़ाकर कीमतों को काबू में रखने के लिए सरकार इसके एक्सपोर्ट पर बैन लगा सकती है। आईसीआरए (ICRA) की रिपोर्ट के मुताबिक अप्रैल-जुलाई के दौरान चीनी के दाम घरेलू स्तर पर 36 रु प्रति किलो रहे। मगर अगस्त-सितंबर के दौरान ये 39 रु तक बढ़े। यानी प्रति क्विंटल 300 रु।

सप्लाई में कमी से चीनी की कीमत बढ़ी है और इसके आगे भी और बढ़ने की संभावना है।

क्यों कम रह सकती है सप्लाई

महाराष्ट्र में असमान बारिश देखने को मिली है, जिससे गन्ने का उत्पादन कम रहा। यही वजह है कि गन्ने के कम उत्पादन से चीनी का उत्पादन प्रभावित होगा और फिर सप्लाई कम रहेगी। नतीजे में चीनी महंगी हो सकती है।

पिछले साल से ज्यादा हैं रेट

2021-22 के मुकाबले चीनी का उत्पादन 2022-23 में कम रहा है। घरेलू स्तर पर चीनी के दाम औसतन 35.6 रु प्रति किलो रहे हैं। ये कीमत 2022 से ज्यादा है। कीमतें कंट्रोल में रखने के लिए सरकार निर्यात को रोकने के लिए काम शुरू कर चुकी है।

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

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