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Stock Investment: शेयरों के कारोबार में Stop Loss और टार्गेट हैं बहुत अहम, नुकसान से बचने के लिए जानें इनकी खासियत

Stop Loss And Target Price: शेयर बाजार में निवेश करने वाले करोड़ों निवेशक हैं। शेयर बाजार निवेश के लिहाज से एक अच्छा ऑप्शन बनकर उभरा है। मगर यहां कई जोखिम भी है। इसके लिए आपको टार्गेट प्राइस और स्टॉपलॉस की जानकारी होनी चाहिए।

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स्टॉप लॉस और टारगेट प्राइस

Photo : Times Now Digital
KEY HIGHLIGHTS
  • स्टॉपलॉस के कंट्रोल रहता है घाटा
  • टार्गेट प्राइस से बेचने में होती है आसानी
  • शेयर ट्रेडिंग में जरूर करें इस्तेमाल

Stop Loss And Target Price: देश भर में शेयर बाजार (Stock Market) में निवेश करने वाले करोड़ों निवेशक हैं। शेयर बाजार निवेश के लिहाज से एक अच्छा ऑप्शन बनकर उभरा है। मगर यहां कई जोखिम भी है। इन जोखिमों से बचने के लिए आपको शेयर बाजार से जुड़ी जानकारी बढ़ानी होगी। शेयर बाजार से जुड़ी कई चीजें हैं। इनमें स्टॉपलॉस और टार्गेट शामिल हैं।

क्या है समानता

सही मायनों में स्टॉपलॉस और टार्गेट प्राइस तकनीकी रूप से एक ही चीज है। ये एक दाम है, जो आप शेयर को बेचने के लिए सेट कर लेते हैं। बस इनके इस्तेमाल के आधार पर इनका नाम बदल जाता है।

स्टॉपलॉस से घाटा रहता है सीमित

आसान शब्दों में कहें तो मान लीजिए आपके 10 रु का कोई शेयर है। उसके लिए आपने सोचा कि यदि ये ऊपर गया तो 12 रु पर बेचूंगा। ये आपका टार्गेट प्राइस है। आपने सोचा कि अगर ये गिरा तो 8 रु पर बेच दूंगा। अब जब आप देखें कि शेयर गिर रहा है तो फटाफट सेल प्राइस 8 रु लगा दें। ये आपके स्टॉपलॉस का काम करेगा। वहीं अगर शेयर चढ़े तो 12 रु का सेल प्राइस लगा दीजिए। ये आपका टार्गेट प्राइस है।

पहले से तय कर लीजिए स्टॉपलॉस

स्टॉपलॉस पहले से तय करने और ट्रेडिंग के दौरान सेट करने पर आपका घाटा सीमित रहेगा। क्योंकि शेयर आपके स्टॉपलॉस तक गिरने पर ऑटोमैटिक सेल हो जाएगा। टार्गेट और स्टॉपलॉस दोनों ही इंट्राडे और डिलिवरी ट्रेडिंग में काम करते हैं। डिलिवरी ट्रेडिंग में आप शेयर लॉन्ग टर्म के लिए रखते हैं।

मगर ध्यान रहे कि स्टॉपलॉस या टार्गेट की लिमिट कई प्लेटफॉर्म पर एक दिन होती है। इसलिए आपको इसे डेली सेट करना होगा। मगर कुछ प्लेटफॉर्म पर इनकी एक्सपायरी लंबी होती है। यानी आपका सेल प्राइस कई दिन लागू रह सकता है।

डिस्क्लेमर : यहां मुख्य तौर पर शेयर बाजार की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। इक्विटी मार्केट में जोखिम होता है, इसलिए निवेश अपने जोखिम पर करें। निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें।

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

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