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Stocks in News: जोमैटो, डॉ. रेड्डीज और टाटा कम्युनिकेशन सहित 7 स्टॉक्स में दिखेगा एक्शन, रखें नजर

Share Market में गुरुवार को ग्लोबल संकेत और अर्निंग्स सीजन की हलचल निवेशकों की रणनीति तय करेगी। बुधवार को सेंसेक्स-निफ्टी कमजोरी के साथ बंद हुए थे, वहीं आज के कारोबार में स्टॉक-स्पेसिफिक एक्शन ज्यादा रहने की संभावना है। Eternal में CEO बदलाव, Dr Reddy’s और Tata Communications के तिमाही नतीजे, Bank of India की कमाई, NSDL की अर्निंग डेट और Rashmi Group का बड़ा MoU जैसे ट्रिगर्स इन शेयरों को फोकस में रखेंगे।

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इन शेयरों में रहेगी हलचल

Stocks in News: बुधवार को ग्लोबल संकेतों और अर्निंग्स सीजन के दबाव के बीच भारतीय बाजार उतार-चढ़ाव के बाद लाल निशान में बंद हुआ। Nifty 50 75 अंक फिसलकर 25,157 पर बंद हुआ, जबकि Sensex 270 अंक गिरकर 81,909 पर आ गया। गुरुवार को एशियाई बाजारों से मिले-जुले संकेतों के बीच ओपनिंग सतर्क रह सकती है, लेकिन स्टॉक-स्पेसिफिक एक्शन तेज रहने की संभावना है।

इटरनल

Eternal (जोमैटो) के शेयर गुरुवार को फोकस में रहेंगे क्योंकि कंपनी ने Q3 में करीब 73% की प्रॉफिट ग्रोथ रिपोर्ट की है। सबसे बड़ा ट्रिगर टॉप मैनेजमेंट में बदलाव है, जहां Deepinder Goyal ने CEO और MD पद से इस्तीफा दिया है और अब Blinkit के CEO Albinder Dhindsa को कंपनी की कमान सौंपी गई है। बाजार इस बदलाव को ग्रोथ स्ट्रैटेजी और एग्जीक्यूशन के नजरिए से देखेगा, जिससे स्टॉक में वॉल्यूम बढ़ सकता है।

डॉ. रेड्डीज

Dr Reddy’s Laboratories ने Q3 में ₹1,210 करोड़ का प्रॉफिट और ₹8,753 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया है। हालांकि निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि रेवेन्यू ग्रोथ के बावजूद बॉटमलाइन में उतार-चढ़ाव क्यों दिखा। फार्मा सेक्टर में मार्जिन, US बिजनेस और प्रोडक्ट मिक्स जैसे फैक्टर्स स्टॉक के लिए अहम रहेंगे।

टाटा कम्युनिकेशन

Tata Communications ने Q3 में मजबूत प्रदर्शन दिखाया है, जहां कंपनी का प्रॉफिट 55% सालाना बढ़कर ₹365 करोड़ पर पहुंच गया। रेवेन्यू में भी 6.7% की ग्रोथ दर्ज हुई है। डेटा, क्लाउड और एंटरप्राइज नेटवर्क सेगमेंट में डिमांड और आगे की गाइडेंस पर बाजार की नजर रहेगी, क्योंकि यही फैक्टर्स स्टॉक का शॉर्ट टर्म ट्रेंड तय कर सकते हैं।

बैंक ऑफ इंडिया

Bank of India के शेयर भी ट्रेडर्स की लिस्ट में रहेंगे क्योंकि बैंक ने दिसंबर तिमाही में ₹2,705 करोड़ का नेट प्रॉफिट दिखाया है, जो 7.5% की सालाना बढ़त को दर्शाता है। बैंकिंग सेक्टर में इस समय अर्निंग्स के आधार पर स्टॉक सेलेक्शन हो रहा है, ऐसे में निवेशक NII, एसेट क्वालिटी और मैनेजमेंट कमेंट्री जैसे संकेतों को भी प्राइस में जोड़ सकते हैं।

NSDL

NSDL ने बताया है कि वह 28 जनवरी को Q3 FY26 के नतीजे घोषित करेगा। आमतौर पर अर्निंग डेट के आसपास स्टॉक्स में पोजिशनिंग बनती है, इसलिए निवेशक इस काउंटर में वॉल्यूम और प्राइस एक्शन पर नजर रख सकते हैं।

धनलक्ष्मी बैंक

Dhanlaxmi Bank ने Q3 में 20.3% की बढ़त के साथ ₹23.88 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। कुल आय बढ़कर ₹456 करोड़ रही और NPA 2.36% तक सुधरा है। एसेट क्वालिटी में सुधार बैंकिंग शेयरों में पॉजिटिव सिग्नल माना जाता है, इसलिए स्टॉक में रिएक्शन देखने को मिल सकता है।

केनरा HSBC Life

Canara HSBC Life के नतीजों में तस्वीर मिली-जुली रही है। कंपनी का प्रॉफिट 5.8% घटा है, लेकिन नेट प्रीमियम इनकम 43% बढ़ी है। बाजार इस बात को तौल सकता है कि ग्रोथ तेज होने के बावजूद प्रॉफिटेबिलिटी पर दबाव क्यों दिख रहा है, जिससे शेयर में सीमित दायरे में मूवमेंट संभव है।

रश्मी ग्रुप

Rashmi Group के लिए सबसे बड़ा ट्रिगर तेलंगाना के साथ ₹12,500 करोड़ का MoU है, जो WEF 2026 के दौरान साइन किया गया। कंपनी के मुताबिक इससे करीब 12,000 नौकरियां बनने की संभावना है। बड़े निवेश और कैपेक्स प्लान्स अक्सर स्टॉक में सेंटिमेंट को सपोर्ट करते हैं, इसलिए इस काउंटर में भी ट्रेडिंग एक्शन बढ़ सकता है।

आज के बड़े एक्शन वाले नाम

कमाई के मोर्चे पर HPCL और Waaree Energies जैसे शेयर मजबूत प्रॉफिट ग्रोथ के चलते चर्चा में हैं, जबकि KEI Industries के नतीजों ने भी पॉजिटिव संकेत दिए हैं। वहीं RBL Bank में स्टेक खरीद और Adani Green में बड़े संस्थागत निवेशकों की एंट्री से इन काउंटरों में भी वॉल्यूम आधारित हलचल संभव है। Senco Gold की Melorra में हिस्सेदारी खरीदने की डील भी स्टॉक के लिए एक स्ट्रैटेजिक ट्रिगर बन सकती है।

डिस्क्लेमर: TimesNow Hindi किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है। यहां पर केवल जानकारी दी गई है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें।

Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानियाauthor

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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