Indian Men's Relay Team Exclusive: मंगलवार को एशियाई खेलों 2026 के फाइनल में शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत की पुरुष 4x400 मीटर रिले टीम ने ब्रॉन्ज़ मेडल जीता। धर्मवीर चौधरी, मनु थेक्किनालिल, जय कुमार और विशाल थेन्नारासु की भारतीय टीम ने 3:01.61 का समय लेकर तीसरा स्थान हासिल किया। यह मुकाबला बहुत कड़ा था, जिसमें शीर्ष तीन टीमों के बीच एक सेकंड से भी कम का अंतर था।
जापान ने 3:00.75 के समय के साथ गोल्ड मेडल जीता, जबकि कतर ने 3:00.93 का समय लेकर सिल्वर मेडल हासिल किया। भारत, जो सबसे तेज क्वालिफ़ायर के तौर पर फ़ाइनल में पहुंचा था, ने पोडियम पर जगह बनाने के लिए ज़बरदस्त दौड़ लगाई। इससे पहले दिन में महिला 4x400 मीटर रिले टीम के गोल्ड मेडल जीतने के बाद, इस ब्रॉन्ज़ मेडल ने आइची-नागोया एशियाई खेलों में भारत के एथलेटिक्स अभियान में एक और उपलब्धि जोड़ दी।
SPORTS NOW ने कांस्य पदक जीतने भारतीय पुरुष रिले टीम के चारों धावकों धर्मवीर चौधरी, मनु थेक्किनालिल, जय कुमार और विशाल थेन्नारासु से खास बातचीत की जिसमें उन्होंने अपनी भावनाएं जाहिर कीं। ये हैं उस इंटरव्यू के प्रमुख अंश।
सवालः हमारे साथ पुरुषों की 4*400 मीटर रिले जीतने वाली टीम है, भारत के लिए जीतना एक गर्व वाला अहसास होता है, इन चुनौतीपूर्ण हालातों में जीतना उससे भी ज़्यादा मुश्किल होता है। क्या कहना चाहेंगे आपके इस सफर के बारे में?
जवाबः ठीक है, हमारे यह पहला एशियन गेम्स है, हम सारे सबके लिए अच्छा करने के लिए आये थे, हम गोल्ड के लिए आये थे, पर वो हो नहीं पाया तो थोड़ी निराशा है, पर ठीक है, थोड़ा बहुत खुश भी है कि हमारी पहली प्रतियोगिता और पहले में मेडल आया। इसके लिए धन्यवाद। इन्होंने हमें बैक किया, हम पिछले साल अच्छा नहीं कर पाए थे, पिछले एशियन चैंपियनशिप में हमारा सिल्वर था, इन्होंने हमे समर्थन दिया और इस बार अच्छा प्रदर्शन हुआ।
सवालः आप क्या कहना चाहते हैं, इन्होंने निराशा की बात की, ऐसा होता है जब आप मेडल जीतते भी हैं और हारते भी हैं?
जवाबः पिछले साल गोल्ड था, इस बार ब्रॉन्ज है। थोड़ी निराशा जरूर है, JSW, भारत सरकार और टॉप्स को सारे समर्थन के लिए धन्यवाद कहना चाहते हैं।
सवालः जैसा कि इन्होंने कहा कि पिछली बार गोल्ड आया था, इस बार सिल्वर आया, तो क्या लगता है कहां चूक हुई?
जवाबः ये परफेक्ट नहीं हो सकता, थोड़ी-थोड़ी चूक हो जाती, अगली बार हम अपना सर्वश्रेष्ठ देंगे और गोल्ड जीतने की कोशिश करेंगे।
सवालः आप क्या कहेंगे, इन चुनौतीपूर्ण स्थितियों में पदक जीतना कितना चैलेंजिंग था?
जवाबः कंडीशन तो थोड़ी कठिन थी, सोचा था कि हम गोल्ड के लिए जाएंगे, लेकिन मेडल तो मेडल है।
सवालः एथलेटिक्स के लिए काफी अच्छा दिन रहा। गुलवीर की बात करें, महिला रिले टीम की बात करें उन्होंने गोल्ड जीता, तो कही ना कहीं एथलेटिक्स का जो अंतिम दिन था वो रोमांचक हो गया?
जवाबः जी, हमने शुरू सिल्वर से किया, मिक्स्ड रिले ने शुरुआत सिल्वर मेडल से की और लड़कियों ने फिनिश गोल्ड से किया तो ये अच्छी बात है।
सवालः आप एक संदेश भारत में क्या देना चाहेंगे, आप क्या चाहेंगे कि वो इससे क्या सीखें इस संस्करण से क्योंकि दबाव होता है लेकिन वे हमेशा समर्थन करने आते हैं?
जवाबः हम और मेडल उनके लिए जीतेंगे, भविष्य में अंतरराष्ट्रीय व विश्व स्तर पर हम और मेडल लाएंगे। हम ये पदक अपने भारत के लोगों, परिवार, दोस्तों के लिए ये समर्पित करते हैं जिन्होंने इतना समर्थन किया।
