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Why Stock market Down Today: आज शेयर बाजार में क्यों आई गिरावट, सेंसेक्स 750 पॉइंट से ज्यादा गिरा, निफ्टी 24585 पर

Stock market today: भारतीय शेयर बाजार आज कमजोरी के साथ खुले, जहां निफ्टी50 में 196 अंकों की गिरावट के साथ यह 24,617.15 पर और सेंसेक्स 625 अंक गिरकर 80,971.45 पर पहुंच गया। वैश्विक स्तर पर निवेशकों का रुझान सुरक्षित संपत्तियों जैसे सोना और बिटकॉइन की ओर बढ़ा है, जिससे रिस्क-ऑफ मूड नजर आ रहा है। इसकी बड़ी वजह अमेरिका का बढ़ता राजकोषीय घाटा और बांड यील्ड्स में तेजी है, जिससे निवेशकों का भरोसा अमेरिकी बांडों से हट रहा है।

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शेयर बाजार की चाल

Stock market today: भारतीय शेयर बाजार गुरुवार को गिरावट के साथ खुले। निफ्टी50 आज 24,650 के नीचे गिर गया, जबकि बीएसई सेंसेक्स में 768 अंकों से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। सुबह 9:37 बजे निफ्टी50 आज 24,617.15 पर कारोबार कर रहा था, जो 196 अंक या 0.79% की गिरावट है। वहीं, बीएसई सेंसेक्स 80,971.45 पर था, जो 768 अंक या 0.77% नीचे था। हालांकि, बाजार विश्लेषकों का मानना है कि मजबूत घरेलू आर्थिक संकेतकों, संतोषजनक कॉर्पोरेट परिणामों और इस मौसम में सामान्य से अधिक वर्षा की संभावना के चलते बाजार में दीर्घकालिक स्थिरता बनी रह सकती है।

वैश्विक जोखिम से सतर्कता

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वी. के. विजयकुमार ने कहा, “वैश्विक बाजारों में हल्का रिस्क-ऑफ मूड नजर आ रहा है, जो सोना और बिटकॉइन जैसे वैकल्पिक परिसंपत्तियों में मजबूती से झलकता है। इसका मूल कारण अमेरिका का अत्यधिक राजकोषीय घाटा है, जिसे बाजार अब अस्थिर मान रहा है।”

उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका में कमजोर 20 वर्षीय बांड की नीलामी और 5, 10 और 30 वर्षीय बांड पर बढ़ती यील्ड्स से यह संकेत मिलते हैं कि निवेशकों का भरोसा अमेरिकी बांडों पर घट रहा है। जापान में भी बांड यील्ड्स में बढ़ोतरी देखी जा रही है।

भारतीय कंपनियों में घरेलू मांग बनी ताकत

वी. के. विजयकुमार ने बताया कि अमेरिकी बांड यील्ड्स में वृद्धि आमतौर पर उभरते बाजारों के लिए नकारात्मक होती है, लेकिन इस बार स्थिति कुछ अलग है। अमेरिका का अत्यधिक ऋण और राजकोषीय घाटा निवेशकों को अन्य विकासशील अर्थव्यवस्थाओं की ओर मोड़ सकता है, जहां वृद्धि और आय की संभावनाएं बेहतर हैं।

उन्होंने यह भी जोड़ा कि “घरेलू मांग से प्रेरित कंपनियां अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं। इंडिगो और भारती एयरटेल के चौथी तिमाही नतीजे इस ट्रेंड का उदाहरण हैं। यह रुझान आगे भी जारी रह सकता है।”

वैश्विक संकेत: अमेरिकी बाजार नीचे, एशियाई बाजारों में दबाव

बुधवार को अमेरिकी शेयर बाजारों में तेज गिरावट दर्ज की गई, वहीं गुरुवार को एशियाई बाजारों में भी गिरावट देखने को मिली। अमेरिका में संभावित ट्रिलियन डॉलर के अतिरिक्त सरकारी खर्चों को लेकर चिंता बनी हुई है, जिससे बांड यील्ड्स में उछाल आया।

सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ी: सोना चढ़ा, कच्चा तेल फिसला

गुरुवार को सोने की कीमतों में तेजी देखी गई, क्योंकि निवेशकों ने अमेरिकी सरकारी ऋण को लेकर चिंता के चलते सुरक्षित निवेश की ओर रुख किया। दूसरी ओर, अमेरिका में कच्चे तेल और ईंधन भंडार में अप्रत्याशित वृद्धि के कारण तेल की कीमतों में गिरावट आई। ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु वार्ता की संभावनाओं ने भी बाजार को सतर्क बना दिया है।

एफपीआई और डीआईआई की स्थिति

बुधवार को विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने शुद्ध रूप से 2,202 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 684 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की।

डिस्क्लेमर : यहां शेयर बाजार में निवेश की सलाह नहीं दी गई है। इक्विटी मार्केट में जोखिम होता है, इसलिए निवेश अपने जोखिम पर करें। निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें।

Ashish Kushwaha
आशीष कुशवाहाauthor

<p>आशीष कुमार कुशवाहा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। वह 2023 से Timesnowhindi.com के साथ जुड़े हैं। वह यहां शेयर बाजार, स्टॉक्स, IPO, पर्सनल फाइनेंस, बिजनेस न्यूज, कंपनी डेवलपमेंट, सक्सेस स्टोरी, यूटिलिटी, ऑटोमोबाइल, टेक्नोलॉजी और गैजेट से जुड़ी स्टोरी पर काम करते हैं। उनके पास पिछले 3 साल के भारतीय बजट को भी कवर करने का एक्सपीरियंस है। उनके पास ऑटो एक्सपो 2023 को कवर करने का अनुभव है। इसके अलावा ग्राउंड की स्टोरी और रिसर्च बेस्ड स्टोरी करने में विशेष रुचि रखते हैं। उनके पास डिजिटल मीडिया में कुल 3 साल से ज्यादा का एक्सपीरियंस है। इससे पहले इन्होंने वन इंडिया, दैनिक भास्कर डिजिटल में काम किया है। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। वहीं ग्रेजुएशन की पढ़ाई रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर से मास कम्यूनिकेशन में की है। उन्हें शुरू से ही डिबेट करने, सामाजिक मुद्दों पर बात करने और शेयर बाजार में रुचि थी। उन्हें बचपन से ही अखबार के संपादकीय पेज और न्यूज पढ़ने का सौख था। स्कूल के समय उन्होंने कई क्विज कंपटीशन में भी हिस्सा लिया और प्राइज जीते हैं।</p>

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