Stock market today: भारतीय शेयर बाजार गुरुवार को गिरावट के साथ खुले। निफ्टी50 आज 24,650 के नीचे गिर गया, जबकि बीएसई सेंसेक्स में 768 अंकों से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। सुबह 9:37 बजे निफ्टी50 आज 24,617.15 पर कारोबार कर रहा था, जो 196 अंक या 0.79% की गिरावट है। वहीं, बीएसई सेंसेक्स 80,971.45 पर था, जो 768 अंक या 0.77% नीचे था। हालांकि, बाजार विश्लेषकों का मानना है कि मजबूत घरेलू आर्थिक संकेतकों, संतोषजनक कॉर्पोरेट परिणामों और इस मौसम में सामान्य से अधिक वर्षा की संभावना के चलते बाजार में दीर्घकालिक स्थिरता बनी रह सकती है।
वैश्विक जोखिम से सतर्कता
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वी. के. विजयकुमार ने कहा, “वैश्विक बाजारों में हल्का रिस्क-ऑफ मूड नजर आ रहा है, जो सोना और बिटकॉइन जैसे वैकल्पिक परिसंपत्तियों में मजबूती से झलकता है। इसका मूल कारण अमेरिका का अत्यधिक राजकोषीय घाटा है, जिसे बाजार अब अस्थिर मान रहा है।”
उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका में कमजोर 20 वर्षीय बांड की नीलामी और 5, 10 और 30 वर्षीय बांड पर बढ़ती यील्ड्स से यह संकेत मिलते हैं कि निवेशकों का भरोसा अमेरिकी बांडों पर घट रहा है। जापान में भी बांड यील्ड्स में बढ़ोतरी देखी जा रही है।
भारतीय कंपनियों में घरेलू मांग बनी ताकत
वी. के. विजयकुमार ने बताया कि अमेरिकी बांड यील्ड्स में वृद्धि आमतौर पर उभरते बाजारों के लिए नकारात्मक होती है, लेकिन इस बार स्थिति कुछ अलग है। अमेरिका का अत्यधिक ऋण और राजकोषीय घाटा निवेशकों को अन्य विकासशील अर्थव्यवस्थाओं की ओर मोड़ सकता है, जहां वृद्धि और आय की संभावनाएं बेहतर हैं।
उन्होंने यह भी जोड़ा कि “घरेलू मांग से प्रेरित कंपनियां अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं। इंडिगो और भारती एयरटेल के चौथी तिमाही नतीजे इस ट्रेंड का उदाहरण हैं। यह रुझान आगे भी जारी रह सकता है।”
वैश्विक संकेत: अमेरिकी बाजार नीचे, एशियाई बाजारों में दबाव
बुधवार को अमेरिकी शेयर बाजारों में तेज गिरावट दर्ज की गई, वहीं गुरुवार को एशियाई बाजारों में भी गिरावट देखने को मिली। अमेरिका में संभावित ट्रिलियन डॉलर के अतिरिक्त सरकारी खर्चों को लेकर चिंता बनी हुई है, जिससे बांड यील्ड्स में उछाल आया।
सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ी: सोना चढ़ा, कच्चा तेल फिसला
गुरुवार को सोने की कीमतों में तेजी देखी गई, क्योंकि निवेशकों ने अमेरिकी सरकारी ऋण को लेकर चिंता के चलते सुरक्षित निवेश की ओर रुख किया। दूसरी ओर, अमेरिका में कच्चे तेल और ईंधन भंडार में अप्रत्याशित वृद्धि के कारण तेल की कीमतों में गिरावट आई। ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु वार्ता की संभावनाओं ने भी बाजार को सतर्क बना दिया है।
एफपीआई और डीआईआई की स्थिति
बुधवार को विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने शुद्ध रूप से 2,202 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 684 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की।
डिस्क्लेमर : यहां शेयर बाजार में निवेश की सलाह नहीं दी गई है। इक्विटी मार्केट में जोखिम होता है, इसलिए निवेश अपने जोखिम पर करें। निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें।
