बिजनेस

सोमवार को शेयर बाजार में जारी रहेगी गिरावट या लौटेगी रिकवरी ? निवेशक हैं तो जान लें मार्केट का मूड

शेयर बाजार की दिशा विदेशी निवेशकों का प्रवाह, रुपये का उतार-चढ़ाव और वैश्विक बाजार रुख से तय होंगे। पिछले सप्ताह में बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 949.74 अंक या 1.27 प्रतिशत नीचे आया था।

Image

शेयर बाजार

ईरान संकट के कारण दुनियाभर के शेयर बाजारों में गिरावट है। इसका असर भारतीय शेयर बाजार पर भी है। भारतीय शेयर बाजार में हाल के दिनों तगड़ी गिरावट आई है, जिससे निवेशकों को भारी नुकसान हुआ है। अब निवेशकों की नजर सोमवार से शुरू हो रहे नए सप्ताह है। हालांकि, वैश्विक हालात ठीक नहीं हुए है। अमेरिका अब ईरान में फौज उतारने की तैयारी कर रहा है। इससे हालात और भयावह हो सकते हैं, जिससे होर्मुज स्ट्रेट से तेल की सप्लाई रुक सकती है। इससे कच्चे तेल की कीमत में बड़ा उछाल आ सकता है। यह बाजार की लिए बुरी खबर होगी। बाजार में और बड़ी गिरावट आ सकती है। मार्केट एक्सपर्ट का कहना है कि शेयर बाजार की दिशा सोमवार से पश्चिम एशिया संघर्ष की वजह से कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ने वाले असर और वैश्विक रुझानों से तय होगी।

रुपये की कमजोरी का भी असर दिखेगा

विश्लेषकों ने कहा कि इसके अलावा रुपये-डॉलर का रुख और विदेशी निवेशकों की कारोबारी गतिविधियां भी इस कम कारोबारी सत्र वाले सप्ताह में धारणा को प्रभावित करेंगी। शेयर बाजार मंगलवार को 'महावीर जयंती’ और शुक्रवार को ’गुड फ्राइडे’ के मौके पर बंद रहेंगे। रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष-शोध अजित मिश्रा ने कहा कि इस सप्ताह वैश्विक वृहद घटनाक्रम खासकर कच्चे तेल की कीमतें और अमेरिका-ईरान के बीच संघर्षविराम को लेकर बातचीत की प्रगति से बाजार की दिशा प्रभावित होगी। विदेशी संस्थागत निवेशकों का प्रवाह बढ़ाने के लिए रुपये की स्थिरता जरूरी है।

इन आंकड़ों पर भी रखें नजर

उन्होंने कहा कि घरेलू मोर्चे पर, फरवरी के औद्योगिक उत्पादन के आंकड़े और मार्च का एचएसबीसी विनिर्माण पीएमआई महत्वपूर्ण रहेगा।

पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष और कमजोर होते रुपये के बीच विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने इस महीने घरेलू शेयर बाजार से 1.14 लाख करोड़ रुपये (लगभग 12.3 अरब डॉलर) निकाले हैं। पश्चिम एशिया संघर्ष 28 फरवरी को शुरू हुआ था। जब अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर हमला किया। वहीं ईरान ने इसके जवाब में अमेरिका के सहयोगी देशों और तेल अवीव पर हमले किए।

उतार-चढ़ाव बना रहने की संभावना

ऑनलाइन ट्रेडिंग और संपदा प्रौद्योगिकी कंपनी एनरिच मनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) पोनमुडी आर ने कहा कि आगे देखें तो, बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है और भूराजनीतिक घटनाक्रम इसकी प्रमुख वजह हैं। निवेशकों की निगाह पश्चिम एशिया की स्थिति पर रहेगी। संघर्ष बढ़ने या घटने का धारणा पर सीधा प्रभाव पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि विदेशी निवेशकों का प्रवाह, रुपये का उतार-चढ़ाव और वृहद वैश्विक बाजार रुख निकट भविष्य में धारणा तय करेंगे।

बीते कम कारोबारी सत्रों वाले सप्ताह में बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 949.74 अंक या 1.27 प्रतिशत नीचे आया। वहीं एनएसई निफ्टी 294.9 अंक या 1.27 प्रतिशत के नुकसान में रहा।

लाइवलॉन्ग वेल्थ के शोध विश्लेषक और संस्थापक हरिप्रसाद के ने कहा कि आने वाले सप्ताह में बाजार की दिशा काफी हद तक वैश्विक रुख से तय होने की उम्मीद है। कच्चा तेल, मुद्रा का उतार-चढ़ाव और भूराजनीतिक घटनाक्रम बाजार के लिए महत्वपूर्ण रहेंगे।

Alok Kumr
आलोक कुमार author

आलोक कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में एसोसिएट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव रखने वाले आलोक ने अपने पत्रकारिता करियर में कई प्रमुख कॉर्पोरेट इवेंट्स और चर्चित स्टोरीज कवर की हैं। वह बिजनेस, बैंकिंग, शेयर मार्केट और पर्सनल फाइनेंस पर गहरी समझ रखते हैं और जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और पाठक-केंद्रित तरीके से प्रस्तुत करने में माहिर हैं। अब तक आलोक ने लगभग 18,000 स्टोरीज लिखी हैं। उनकी लेखन शैली भरोसेमंद, विश्लेषणात्मक और व्यावहारिक जानकारी देने वाली होती है।

और पढ़ें
End of Article