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Spicejet: फिर DGCA की निगरानी में आई स्पाइसजेट, 150 कर्मचारियों को 3 महीने के लिए छुट्टी पर भेजा

Spicejet Furlough And DGCA: डीजीसीए ने कहा कि उसने सात और आठ अगस्त को एयरलाइन की इंजीनियरिंग सुविधाओं का विशेष ऑडिट किया और ऑडिट के दौरान कुछ कमियां पाई गईं। इसके पहले कंपनी ने अपने 150 केबिन क्रू को छुट्टी पर भेज दिया है। इसके तहत केबिन क्रू के 150 कर्मचारी 3 महीने की छुट्टी पर रहेंगे।

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स्पाइजजेट में फिर संकट

Photo : iStock

Spicejet Furlough And DGCA:एविएशन रेग्युलेटर डीजीसीए (DGCA) ने बृहस्पतिवार को संकट से जूझ रही स्पाइसजेट को अधिक निगरानी के दायरे में रखने का फैसला किया। इसके तहत एयरलाइन के परिचालन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मौके पर जांच और रात्रि निगरानी बढ़ाई जाएगी। स्पाइसजेट द्वारा उड़ानें रद्द किए जाने और वित्तीय दिक्कतों का सामना किए जाने की रिपोर्टों के आधार पर, डीजीसीए ने कहा कि उसने सात और आठ अगस्त को एयरलाइन की इंजीनियरिंग सुविधाओं का विशेष ऑडिट किया और ऑडिट के दौरान कुछ कमियां पाई गईं।

क्या है मतलब

नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने जारी एक सूचEन में कहा है कि पिछले रिकॉर्ड और अगस्त 2024 में किए गए विशेष ऑडिट के मद्देनजर, स्पाइसजेट को एक बार फिर तत्काल प्रभाव से निगरानी के दायरे में रखा गया है।डीजीसीए ने कहा कि इससे परिचालन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मौके पर जांच एवं रात्रि निगरानी की संख्या में वृद्धि की जायेगी।

150 कर्मचारियों को 3 महीने की छुट्टी

इसके पहले कंपनी ने अपने 150 केबिन क्रू को छुट्टी पर भेज दिया है। इसके तहत केबिन क्रू के 150 कर्मचारी 3 महीने की छुट्टी पर रहेंगे। इसके लिए उन्हें वेतन भी नहीं मिलेगा। आर्थिक तंगी से जूझ रही स्पाइसजेट ने पैसे बचाने के लिए यह फैसला लिया है। इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार लंबे समय से वित्तीय संकट में स्पाइसजेट सिर्फ 22 विमानों का संचालन करती है। कंपनी का कहना है कि कम उड़ानों और कम पैसेंजर्स के कारणयह फैसला लेना पड़ा है।

हालांकि कंपनी का कहना है कि इस दौरान उन्हें स्वास्थ्य और दूसरी अहम सुविधाएं दी जाएंगी। कंपनी संकट से निकलने के लिए फंड जुटाने की कोशिश में है। उसका कहना है कि संकट टलने के बाद हम सभी क्रू मेंबर्स को छुट्टी से वापस बुला लेंगे।

Prashant Srivastav
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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