India Gold Import : देश में अक्टूबर 2025 के दौरान सोने का आयात जबरदस्त बढ़ोतरी के साथ एक नया रिकॉर्ड बना गया। वाणिज्य मंत्रालय के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, इस महीने सोने का आयात लगभग तीन गुना बढ़कर 14.72 अरब डॉलर तक पहुंच गया। पिछले साल अक्टूबर 2024 में यह आयात केवल 4.92 अरब डॉलर था। इस तरह एक साल में सोने के आयात में भारी उछाल देखने को मिली है।
वित्त वर्ष में कुल आयात में बड़ी बढ़ोतरी
अप्रैल से अक्टूबर 2025 तक के सात महीनों में भी सोने का कुल आयात काफी बढ़ा है। इस अवधि में सोने का आयात 21.44 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 41.23 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 34 अरब डॉलर था। इससे साफ दिखता है कि देश में सोने की मांग लगातार बढ़ रही है और इसका असर आयात के आंकड़ों पर स्पष्ट रूप से नजर आ रहा है।
व्यापार घाटा भी रिकॉर्ड स्तर पर
सोने के इस बढ़ते आयात का सीधा असर देश के व्यापार घाटे पर भी पड़ा है। अक्टूबर 2025 में देश का व्यापार घाटा बढ़कर 41.68 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। व्यापार घाटा वह अंतर होता है जो आयात और निर्यात के बीच बनता है। आयात ज्यादा और निर्यात कम होने पर घाटा बढ़ जाता है। इस बार सोने के बड़े आयात ने इस घाटे को काफी ऊपर पहुंचा दिया।
सोने की कीमतों में भी उछाल
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सोने की कीमतें भी तेजी से बढ़ी हैं। यहां सोना 1.29 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास बिक रहा है। कीमतों में यह उछाल त्योहारों व शादियों के मौसम की मांग के चलते देखने को मिल रहा है।
वाणिज्य सचिव ने बताई बढ़ोतरी की वजह
न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने कहा कि सोने के आयात में बढ़ोतरी का मुख्य कारण त्योहारों के दौरान बढ़ी मांग हो सकती है। भारत में दिवाली, धनतेरस और शादी के मौसम में सोने की खरीद बढ़ जाती है, जिससे आयात में उछाल आता है।
कहां से आता है सबसे ज्यादा सोना?
भारत को सबसे ज्यादा सोना स्विट्जरलैंड से मिलता है, जिसकी हिस्सेदारी लगभग 40 प्रतिशत है। इसके बाद संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से 16 प्रतिशत से ज्यादा और दक्षिण अफ्रीका से करीब 10 प्रतिशत सोना आता है। देश के कुल आयात में सोने का हिस्सा 5 प्रतिशत से अधिक है।
चांदी के आयात में भी जोरदार उछाल
सोने की तरह ही चांदी का आयात भी अक्टूबर 2025 में तेजी से बढ़ा है। इस महीने चांदी का आयात 528.71 प्रतिशत बढ़कर 2.71 अरब डॉलर पहुंच गया। यह दर्शाता है कि इस साल बहुमूल्य धातुओं की मांग काफी तेज रही।
