गुजरात के अमरेली जिले की राजुला पुलिस ने 27 साल से फरार चल रहे एक आरोपी को महाराष्ट्र के नागपुर से गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान 54 वर्षीय अब्दुल सत्तार मोहम्मद हबीब कुरैशी के रूप में हुई है। वह वर्ष 1999 में दर्ज सीमेंट की हेराफेरी के मामले में वांछित था और अमरेली जिले के फरार आरोपियों की सूची में शामिल था। पुलिस ने आरोपी की पहचान और ठिकाने का पता लगाने के लिए पुरानी केस फाइलों के साथ SIR मतदाता सूची और तकनीकी जांच का सहारा लिया।
पुलिस के मुताबिक, यह मामला राजुला पुलिस स्टेशन में 8 दिसंबर 1999 को IPC की धारा 407 और 408 के तहत दर्ज किया गया था। उस समय आरोपी महेता ट्रांसपोर्ट में ट्रक ड्राइवर के तौर पर काम करता था।
600 बोरी सीमेंट बेचकर फरार होने का आरोप
पुलिस के अनुसार, आरोपी को राजुला तालुका के कोवाया स्थित एक कंपनी से 30 टन यानी 600 बोरी सीमेंट लेकर सूरत पहुंचाना था। आरोप है कि वह रास्ते में तलाजा के पास मुरलीधर होटल के निकट अन्य आरोपियों के साथ मिलकर सीमेंट को कथित तौर पर अवैध रूप से बेचकर ट्रक छोड़कर फरार हो गया। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, सीमेंट की उस समय की कीमत लगभग ₹58,500 थी। पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर बताया कि उसने पूरा सीमेंट ₹20,000 में बेच दिया था। मामले में तीन अन्य आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था, लेकिन ट्रक ड्राइवर अब्दुल सत्तार लगातार पुलिस की गिरफ्त से बाहर था।SIR मतदाता सूची से मिली पहचान की कड़ी
राजुला पुलिस के अनुसार, आरोपी के पुराने पते के आधार पर उसकी तलाश करने पर कोई ठोस जानकारी नहीं मिली। इसके बाद पुलिस ने पुरानी केस फाइलों का दोबारा अध्ययन किया और पहले गिरफ्तार किए गए आरोपियों से संपर्क किया। इनमें से एक आरोपी की मृत्यु हो चुकी थी, जबकि अन्य दो से पूछताछ में कोई निर्णायक जानकारी नहीं मिली।इसके बाद पुलिस ने उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के गांवों और SIR मतदाता सूचियों की जांच शुरू की। पुलिस को आरोपी के नाम से मिलते-जुलते लगभग 150 लोगों की जानकारी मिली। इनमें से चार व्यक्तियों के नाम और पिता के नाम आरोपी के पुराने रिकॉर्ड से मेल खाते थे। आगे गांव, उम्र और अन्य विवरणों की जांच की गई। इसके बाद नई SIR मतदाता सूची में संबंधित व्यक्ति का नाम, उम्र तथा माता-पिता के नाम का मिलान किया गया। पुलिस ने मतदाता पहचान पत्र से जुड़े विवरणों और अन्य दस्तावेजों के आधार पर तकनीकी जांच आगे बढ़ाई।
बुलेट मोटरसाइकिल और मोबाइल लोकेशन से नागपुर तक पहुंची पुलिस
पुलिस के मुताबिक, दस्तावेजों की जांच के दौरान आरोपी की पत्नी के नाम से जुड़े मोबाइल नंबर की जानकारी मिली। उस नंबर के व्हाट्सऐप पर बुलेट मोटरसाइकिल की तस्वीर मिली, जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर UP72BN0614 था। जांच में मोटरसाइकिल आरोपी अब्दुल सत्तार के नाम पर पंजीकृत पाई गई। इसके बाद पुलिस ने मोबाइल नंबर और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) सहित तकनीकी जानकारियों का विश्लेषण किया। आरोपी की गतिविधियां अलग-अलग राज्यों में सामने आने के बाद पुलिस ने उसकी लोकेशन महाराष्ट्र के नागपुर में ट्रेस की।राजुला पुलिस की सर्विलांस टीम नागपुर पहुंची। पुलिस के अनुसार, आरोपी वहां बस ड्राइवर के रूप में काम कर रहा था। उसकी पहचान की पुष्टि करने के लिए एक पुलिसकर्मी यात्री बनकर बस में सवार हुआ और उससे पूछताछ की। इसके बाद आरोपी को गिरफ्तार कर राजुला लाया गया, जहां उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई।
