Small Saving Scheme Interest Rates Hike: सरकार ने जुलाई-सितंबर 2023 तिमाही के लिए छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में 30 बीपीएस तक की बढ़ोतरी की है। वित्त मंत्रालय ने 30 जून, 2023 को जारी एक सर्कुलर के माध्यम से यह घोषणा की। (एक प्रतिशत अंक 100 आधार अंकों के बराबर है)। 1 और 2 साल की पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट, 5 साल की रेकरिंग डिपॉजिट जैसी योजनाओं की ब्याज दरें जमा राशि में बढ़ोतरी की गई है। सार्वजनिक भविष्य निधि (PPF) पर ब्याज दर को एक बार फिर 7.1 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रखा गया है। वित्त मंत्रालय ने कहा कि जुलाई-सितंबर तिमाही के लिए छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दर 10-30 आधार अंक यानी 0.10% से लेकर 0.30% तक बढ़ा दिया गया है। अब छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दर 4.0% से 8.2% तक है। वित्त वर्ष 2023-24 की दूसरी तिमाही के लिए विभिन्न लघु बचत योजनाओं पर ब्याज दरों पर एक नजर है।
जुलाई-सितंबर तिमाही के लिए छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरें
| छोटी बचत योजनाएं | 01 अप्रैल 2023 से 30 जून 2023 तक ब्याज दरें | 01 जुलाई 2023 से 30 सितंबर 2023 तक ब्याज दरें |
| सेविंग डिपॉजिट | 4 प्रतिशत | 4 प्रतिशत |
| 1 साल टाइम डिपॉजिट | 6.8 प्रतिशत | 6.9 प्रतिशत |
| 2 साल टाइम डिपॉजिट | 6.9 प्रतिशत | 7 प्रतिशत |
| 5 साल टाइम डिपॉजिट | 7.5 प्रतिशत | 7.5 प्रतिशत |
| 5 साल रेकरिंग टिपॉजिट | 6.2 प्रतिशत | 6.5 प्रतिशत |
| सीनियर सिटिजन सेविंग्स स्कीम | 8.2 प्रतिशत | 8.2 प्रतिशत |
| मंथली इनकम अकाउंट स्कीम | 7.4 प्रतिशत | 7.4 प्रतिशत |
| नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट | 7.7 प्रतिशत | 7.7 प्रतिशत |
| पीपीएफ | 7.1 प्रतिशत | 7.1 प्रतिशत |
| किसान विकास पत्र | 7.5 प्रतिशत | 7.5 प्रतिशत |
| सुकन्या समृद्धि योजना | 8 प्रतिशत | 8 प्रतिशत |
| 3 साल टाइम डिपॉजिट | 7 प्रतिशत | 7 प्रतिशत |
इन योजनाओं पर पिछली बार बढ़ाई गई थीं ब्याज दरें
सरकार ने अप्रैल-जून 2023 तिमाही के लिए छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में 70 बीपीएस तक की बढ़ोतरी की ती। सीनियर सिटीजन बचत योजना, मासिक आय बचत योजना, राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र, किसान विकास पत्र, सभी डाकघर सावधि जमा और सुकन्या समृद्धि खाता योजना जैसी योजनाओं की ब्याज दरों में बढ़ोतरी की गई थी। सार्वजनिक भविष्य निधि (पीपीएफ) पर ब्याज दर को एक बार फिर 7.1 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रखा गया है।
छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दरें निर्धारित करने के नियम
सरकार द्वारा हर तिमाही छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दरों की समीक्षा की जाती है। लघु बचत योजना के लिए ब्याज दरें निकालने का फॉर्मूला श्यामला गोपीनाथ कमिटी द्वारा दिया गया था। कमिटी ने सुझाव दिया था कि विभिन्न योजनाओं की ब्याज दरें समान मैच्योरिटी वाले सरकारी बांडों से 25-100 बीपीएस अधिक होनी चाहिए।
