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अप्रैल से सोना बेचने के लिए जरूरी होगा 6 अंकों का कोड, खरीदने से पहले जान लें नए नियम

  • Authored by: आशीष कुशवाहा
  • Updated Mar 15, 2023, 04:52 PM IST

उपभोक्ता मंत्रालय के नए नियम के तहत एक अप्रैल से 6 डिजिट वाले अल्फान्यूमेरिक हॉलमार्किंग के बिना सोना नहीं बिकेगा। जैसे आधार कार्ड पर 12 अंकों का कोड होता है, उसी तरह से सोने पर 6 अंकों का हॉलमार्क कोड होगा।

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Gold Jewellery HUID: अल्फान्यूमेरिक (यानी जिसमें 0 से 9 तक की संख्या और अंग्रेजी वर्णमाला के अक्षर) होंगे।

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Gold selling and buying: सोने में नकली-असली का फर्क करना सबके बस की बात नही होती है। कई बार ग्राहक ठगी का शिकार हो जाते हैं। इसी ठगी पर रोक लगाने के लिए सोना खरीदने और बेचने के नियम 1 अप्रैल से बदलने वाले है। उपभोक्ता मंत्रालय के नए नियम के तहत एक अप्रैल से 6 डिजिट वाले अल्फान्यूमेरिक हॉलमार्किंग के बिना सोना नहीं बिकेगा। जैसे आधार कार्ड पर 12 अंकों का कोड होता है, उसी तरह से सोने पर 6 अंकों का हॉलमार्क कोड होगा। इसे हॉलमार्क यूनीक आइडेंटिफिकेशन नंबर यानी HUID कहते हैं।

कितने कैरेट का है सोना ये आसानी से चलेगा पता

ये नंबर अल्फान्यूमेरिक कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। अल्फान्यूमेरिक (यानी जिसमें 0 से 9 तक की संख्या और अंग्रेजी वर्णमाला के अक्षर) होंगे। इस नंबर के जरिए कोई सोना कितने कैरेट का ये पता करने में मदद मिलेगी। देशभर में सोने पर ट्रेड मार्क देने के लिए 940 सेंटर बनाए गए हैं। अब चार डिजिट वाली हॉलमार्किंग पूरी तरह बंद हो जाएगी।

1 अप्रैल से 6 डिजिट वाला हॉलमार्किंग सिस्टम

हॉलमार्किंग, धातु की शुद्धता का प्रमाण है। इसे 2021 में 16 जून से स्वैच्छिक तौर पर लागू किया गया था। हालांकि सरकार ने हॉलमार्किंग सिस्टम को अनिवार्य बनाने का फैसला किया। पहले फेज में 256 जिलों में लागू किया और बाद में 32 जिलों को और शामिल किया गया। अब सरकार ने 51 और जिलों में इसे लागू करने का फैसला लिया है।

क्यों होती है हॉलमार्किंग

किसी सोने आभूषण या गहने की हॉलमार्किंग उसकी असली होने का प्रमाण देता है। ज्वेलर्स का कुछ साल पहले सोने के गहने की हॉलमार्किंग कराना अनिवार्य नहीं था और इसके बिना ही सोना बेच सकते थे। लेकिन एक जून 2021 से ही इसे जरूरी कर दिया गया है। अभी HUID नंबर चार या पांच डिजिट वाले होते है। पर एक अप्रैल 2023 से 6 डिजिट नंबर वाले HUID नंबर को अनिवार्य किया जाएगा।

HUID से आम लोगों को मिलेंगे ये फायदे

  • इससे नकली या कम शुद्ध सोने की बिक्री पर रोक लगाना संभव होगा।
  • सोने से बनी ज्वेलरी कितने कैरेट की है, ग्राहकों को इसकी गारंटी दी जाएगा।
  • सोना या उससे बने ज्वेलरी को ट्रेस करना बेहद आसान हो जाएगा।
क्या है HUID

इसके जरिए आभूषणों की पहचान की जाती है। इसकी मदद से आप तो आभूषण के बारे में पूरी जानकारी हासिल हो जाती है। ज्वैलर्स को जूलरी के बारे में पूरी जानकारी बीआईएस के पोर्टल पर अपलोड करनी होती है। HUID,6 अंकों वाला अल्फान्यूमेरिक कोड होता है।

आशीष कुशवाहा
आशीष कुशवाहाauthor

<p>आशीष कुमार कुशवाहा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। वह 2023 से Timesnowhindi.com के साथ जुड़े हैं। वह यहां शेयर बाजार, स्टॉक्स, IPO, पर्सनल फाइनेंस, बिजनेस न्यूज, कंपनी डेवलपमेंट, सक्सेस स्टोरी, यूटिलिटी, ऑटोमोबाइल, टेक्नोलॉजी और गैजेट से जुड़ी स्टोरी पर काम करते हैं। उनके पास पिछले 3 साल के भारतीय बजट को भी कवर करने का एक्सपीरियंस है। उनके पास ऑटो एक्सपो 2023 को कवर करने का अनुभव है। इसके अलावा ग्राउंड की स्टोरी और रिसर्च बेस्ड स्टोरी करने में विशेष रुचि रखते हैं। उनके पास डिजिटल मीडिया में कुल 3 साल से ज्यादा का एक्सपीरियंस है। इससे पहले इन्होंने वन इंडिया, दैनिक भास्कर डिजिटल में काम किया है। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। वहीं ग्रेजुएशन की पढ़ाई रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर से मास कम्यूनिकेशन में की है। उन्हें शुरू से ही डिबेट करने, सामाजिक मुद्दों पर बात करने और शेयर बाजार में रुचि थी। उन्हें बचपन से ही अखबार के संपादकीय पेज और न्यूज पढ़ने का सौख था। स्कूल के समय उन्होंने कई क्विज कंपटीशन में भी हिस्सा लिया और प्राइज जीते हैं।</p>

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