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14 हजार रुपए सस्ती हुई चांदी, एक किलो Silver का रेट जानकर नहीं होगा यकीन

चांदी की कीमतों में अचानक बड़ी गिरावट देखने को मिली है। जो चांदी कुछ समय पहले रिकॉर्ड ऊंचाई पर थी, अब करीब 14 हजार रुपये प्रति किलो सस्ती हो गई है। MCX पर चांदी का लाइफटाइम हाई ₹2,59,692 प्रति किलो के आसपास रहा है, जबकि अब यह उससे करीब 14 हजार रुपये तक सस्ती हो चुकी है।

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Silver Price

चांदी की कीमतों में हाल के दिनों में जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। जिस चांदी ने कुछ समय पहले निवेशकों और खरीदारों को रिकॉर्ड ऊंचे दाम दिखाए थे, वही अब अचानक सस्ती हो गई है। ताजा हालात यह हैं कि चांदी की कीमत में करीब 14 हजार रुपये प्रति किलो तक की गिरावट दर्ज की गई है। एक किलो चांदी का रेट देखकर लोगों को यकीन नहीं हो रहा कि कुछ ही समय पहले यही चांदी इतनी महंगी थी।

MCX पर Silver Futures (05 March 2026) का भाव करीब ₹24,511 प्रति किलो दिख रहा है, जिसमें एक ही दिन में लगभग ₹2,187 की बढ़त (0.9%) भी नजर आ रही है। हालांकि, इससे पहले चांदी अपने लाइफटाइम हाई लेवल से फिसलकर काफी नीचे आ चुकी है। MCX पर चांदी का लाइफटाइम हाई ₹2,59,692 प्रति किलो के आसपास रहा है, जबकि अब यह उससे करीब 14 हजार रुपये तक सस्ती हो चुकी है।

एक दिन में 10 हजार रुपए सस्ती हुई कीमत

दरअसल, बीते दिनों चांदी की कीमतों में एक ही दिन में 10 हजार रुपये तक की बड़ी गिरावट देखने को मिली थी। इसी वजह से बाजार में हलचल तेज हो गई। निवेशकों के मन में सवाल उठने लगा कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि चांदी, जो लगातार ऊपर जा रही थी, अचानक धड़ाम से गिर गई। विशेषज्ञों के मुताबिक, इसके पीछे कई बड़े कारण हैं।

सबसे बड़ा कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में आई कमजोरी को माना जा रहा है। ग्लोबल लेवल पर जब डॉलर मजबूत होता है और ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता बढ़ती है, तो कीमती धातुओं पर दबाव आता है। अमेरिका समेत कई देशों के केंद्रीय बैंकों के रुख और बॉन्ड यील्ड में उतार-चढ़ाव का सीधा असर चांदी और सोने की कीमतों पर पड़ता है। यही वजह है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कमजोरी आते ही घरेलू बाजार में भी चांदी सस्ती हो गई।

मुनाफावसूली भी है कारण

दूसरा बड़ा कारण मुनाफावसूली है। जब चांदी ने रिकॉर्ड ऊंचाई को छुआ, तो कई निवेशकों ने मुनाफा कमाने के लिए बिकवाली शुरू कर दी। ज्यादा बिकवाली होते ही कीमतों में तेज गिरावट देखने को मिली। खासतौर पर वायदा बाजार (Futures Market) में यह असर ज्यादा दिखाई दिया, जहां बड़े खिलाड़ी तेजी से अपने सौदे काटने लगे।

इसके अलावा औद्योगिक मांग में आई थोड़ी सुस्ती भी चांदी की कीमतों पर असर डाल रही है। चांदी का इस्तेमाल सिर्फ निवेश या गहनों में ही नहीं, बल्कि इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर पैनल और अन्य इंडस्ट्रियल सेक्टर में भी होता है। जब इन सेक्टरों से मांग थोड़ी कमजोर होती है, तो कीमतों पर दबाव बनता है।

क्या है ताजा चांदी का हाल

हालांकि, जानकारों का मानना है कि लंबी अवधि में चांदी को लेकर तस्वीर अभी भी पूरी तरह कमजोर नहीं है। आज के दायरे में चांदी का लो लेवल करीब ₹24,370 और हाई लेवल ₹24,712 के आसपास रहा है। यानी गिरावट के बाद भी बाजार में उतार-चढ़ाव बना हुआ है और निवेशकों की नजर आगे की चाल पर टिकी है।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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