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क्या समय से पहले कर्ज चुकाना वाकई है फायदे का सौदा? जानिए क्या होता है Loan Prepayment

लोन लेने वाले लोगों के मन में सरप्लस मनी आने पर अक्सर एक सवाल आता है, सवाल यही कि इस पैसे को निवेश किया जाए या लोन का कुछ हिस्सा पहले ही चुकाने में लगाया जाए।

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Loan Prepayment क्या होता है (AI Generated Image)

होम लोन (Home Loan), कार लोन (Car Loan) या पर्सनल लोन (Personal Loan) लेने वाले लोग अतिरिक्त पैसा आने पर अक्सर यह सोचते हैं कि इस रकम को निवेश किया जाए या लोन का कुछ हिस्सा समय से पहले चुकाने में इस्तेमाल किया जाए। लोन की तय अवधि खत्म होने से पहले पूरी या कुछ रकम चुका देना ही लोन प्रीपेमेंट (Loan Prepayment) कहलाता है। इससे बकाया मूलधन कम होता है और आगे लगने वाला ब्याज भी घट सकता है। आइए जानते हैं लोन-प्रीपेमेंट कैसे काम करता है-

Loan Prepayment कैसे काम करता है?

हर EMI में दो हिस्से होते हैं। एक हिस्सा लोन के ब्याज को चुकाने में जाता है, जबकि दूसरा हिस्सा मूलधन यानी Principal को कम करता है। जब आप EMI के अलावा, एकमुश्त रकम लोन में जमा करते हैं, तो यह रकम सीधे बकाया मूलधन को कम करती है। इसके बाद बैंक कम बकाया रकम पर ब्याज वसूलता है।

उदाहरण के तौर पर अगर किसी व्यक्ति ने 60 लाख रुपये का होम लोन 9 प्रतिशत ब्याज दर पर 20 साल के लिए लिया है और वह शुरुआती वर्षों में 10 लाख रुपये की अतिरिक्त रकम का पार्ट-प्रीपेमेंट कर देता है तो मूलधन घटकर 50 लाख रुपये रह जाएगा। इससे आगे के वर्षों में ब्याज का बोझ कम हो सकता है और लोन की अवधि भी घट सकती है।

हर लोन में Prepayment करना फायदेमंद नहीं

हालांकि, लोन को समय से पहले चुकाने का फैसला केवल ब्याज बचने के आधार पर नहीं करना चाहिए। सबसे पहले यह देखना जरूरी है कि आपके लोन पर प्रीपेमेंट से जुड़ी कोई फीस या पेनल्टी तो नहीं है।

पर्सनल लोन जैसे अनसिक्योर्ड लोन या फिक्स्ड रेट वाले लोन में प्रीपेमेंट पेनल्टी लग सकती है। यह शुल्क आमतौर पर प्रीपेमेंट की रकम का 2 से 5 प्रतिशत तक हो सकता है और इस पर लागू टैक्स भी लग सकता है। वहीं, फ्लोटिंग रेट वाले होम लोन पर आमतौर पर पार्ट-प्रीपेमेंट या फोरक्लोजर पेनल्टी नहीं लगती।

Lock-in Period भी जरूर देखें

कुछ पर्सनल और ऑटो लोन में शुरुआती अवधि के दौरान प्रीपेमेंट की अनुमति नहीं होती। ऐसे लोन में 6 से 12 महीने तक का लॉक-इन पीरियड हो सकता है। इसलिए प्रीपेमेंट करने से पहले अपने लोन एग्रीमेंट की शर्तों को जरूर पढ़ना चाहिए।

लोन के शुरुआती वर्षों में ज्यादा फायदा

प्रीपेमेंट का फायदा आमतौर पर लोन की शुरुआती अवधि में ज्यादा होता है। इसकी वजह यह है कि शुरुआती वर्षों में EMI का बड़ा हिस्सा ब्याज चुकाने में जाता है। अगर आप इस दौरान मूलधन का एक बड़ा हिस्सा कम कर देते हैं, तो आगे लगने वाले ब्याज को काफी कम किया जा सकता है।

इसके उलट, अगर 20 साल के लोन की अवधि खत्म होने से सिर्फ एक-दो साल पहले बड़ी रकम जमा की जाती है, तो ब्याज बचत का फायदा तुलनात्मक रूप से कम हो सकता है, क्योंकि तब तक लोन का बड़ा हिस्सा पहले ही चुकाया जा चुका होता है।

Shivani Kotnala
शिवानी कोटनालाauthor

शिवानी कोटनाला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के करियर में 3 साल से ज्यादा के अनुभव के साथ शिवानी ने बिजनेस और टेक से जुड़ी खबरों पर काम किया है। यूटीलिटी, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग से जुड़ी खबरों पर वह लगातार लिख रही हैं। शिवानी ने डिजिटल के साथ-साथ न्यूज एजेंसी में भी काम किया है।

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