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Anil Ambani Company Share List: अनिल अंबानी की 3 कंपनियों के शेयरों में लगा लोअर सर्किट, SEBI के आदेश के बाद 5 फीसदी तक लुढ़के

Ambani Group Stock: रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर, रिलायंस होम फाइनेंस और रिलायंस पावर के शेयरों में शुक्रवार को भी गिरावट आई थी। सेबी)ने उद्योगपति अनिल अंबानी और रिलायंस होम फाइनेंस के पूर्व प्रमुख अधिकारियों समेत 24 अन्य को कंपनी से फंड के हेर-फेर के मामले में प्रतिभूति बाजार से पांच साल के लिए प्रतिबंधित कर दिया है।

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अनिल अंबानी की कंपनियों के शेयर गिरे

Photo : BCCL
KEY HIGHLIGHTS
  • अनिल अंबानी की 3 कंपनियों में लगा लोअर सर्किट
  • SEBI के आदेश के बाद गिरे शेयर
  • 5 फीसदी तक लुढ़के

Anil Ambani Group Stock: उद्योगपति अनिल अंबानी की अगुवाई वाली ग्रुप कंपनियों रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड, रिलायंस पावर और रिलायंस कम्युनिकेशंस के शेयर सोमवार को निचली सर्किट सीमा में पहुंच गए। बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के उद्योगपति और 24 अन्य को रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड से फंड के हेर-फेर के आरोप में पांच साल के लिए सिक्योरिटी मार्केट से प्रतिबंधित करने के बाद से इन कंपनियों के शेयर में गिरावट जारी है।

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कितनी आई गिरावट

  • बीएसई पर रिलायंस पावर का शेयर 4.99 प्रतिशत गिरकर 32.73 रुपये की निचली सर्किट सीमा पर पहुंच गया
  • रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड का शेयर 4.93 प्रतिशत गिरकर 4.24 रुपये पर आ गया
  • रिलायंस कम्युनिकेशंस के शेयर में 4.92 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 2.32 रुपये के निचली सर्किट पर पहुंच गया
  • रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर का शेयर भी 2.90 प्रतिशत की गिरावट के साथ 205.55 रुपये पर आ गया

शुक्रवार को भी आई गिरावट

रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर, रिलायंस होम फाइनेंस और रिलायंस पावर के शेयरों में शुक्रवार को भी गिरावट आई थी। सेबी)ने उद्योगपति अनिल अंबानी और रिलायंस होम फाइनेंस के पूर्व प्रमुख अधिकारियों समेत 24 अन्य को कंपनी से फंड के हेर-फेर के मामले में प्रतिभूति बाजार से पांच साल के लिए प्रतिबंधित कर दिया है। सेबी ने अंबानी पर 25 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

कितना लगा जुर्माना

अंबानी को किसी भी लिस्टेड कंपनी या मार्केट रेगुलेटर के साथ रजिस्टर्ड किसी भी इकाई में निदेशक या प्रमुख प्रबंधकीय पद (केएमपी) लेने से भी पांच साल के लिए रोक लगा दी है। इसके अलावा 24 इकाइयों पर 21 करोड़ रुपये से लेकर 25 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया गया है।

साथ ही नियामक ने रिलायंस होम फाइनेंस को छह महीने के लिए प्रतिभूति बाजार से प्रतिबंधित कर दिया है और उस पर छह लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। सेबी ने बीते बृहस्पतिवार को अपने 222 पृष्ठ के आदेश में कंपनी के प्रबंधन और प्रमोटर के लापरवाह रवैये का जिक्र किया, जिसके तहत उन्होंने ऐसी कंपनियों को सैकड़ों करोड़ रुपये के डेट स्वीकृत किए जिनके पास न तो एसेट्स थीं, न ही कैश फ्लो, ‘नेटवर्थ’ या राजस्व था।

ये है बाकी जानकारी

आदेश के अनुसार, इससे पता चलता है कि 'कर्ज' के पीछे कोई खतरनाक मकसद छिपा था। सेबी ने कहा कि स्थिति तब और भी संदिग्ध हो गई जब हम इस बात पर गौर करते हैं कि इनमें से कई कर्जदार आरएचएफएल के प्रमोटर्स से करीबी तौर पर जुड़े हुए हैं।

नियामक के अनुसार, आखिरकार इनमें से अधिकतर कर्ज लेने वाले उसका भुगतान करने में विफल रहे, जिसके कारण आरएचएफएल को अपने खुद के डेट दायित्वों पर चूक करनी पड़ी। इस कारण भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) फ्रेमवर्क के तहत कंपनी का समाधान हुआ, जिससे इसके सार्वजनिक शेयरधारक मुश्किल स्थिति में आ गए। (इनपुट - भाषा)

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

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