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Share Market Closing: शेयर बाजार में नहीं थमी गिरावट, लाल निशान पर बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी

Share Market Today: भारतीय शेयर बाजार पर लगातार चौथे दिन गिरावट का दबाव बना रहा। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही लाल निशान बंद हुए, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई है। बता दें बीते 5 दिन से शेयर बाजार लगातार टूट रहा है। आइए आपको बताते हैं बाजार के टॉप लूजर और गेनर्स कौन है?

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शेयर बाजार चाल

Share Market Today: लगातार पांचवे दिन भारतीय शेयर बाजार की क्लोजिंग लाल निशान पर हुई। सेंसेक्स 555 अंक टूटकर 81159 के लेवल पर बंद हुआ। ये पांचवा दिन है जब शेयर बाजार लगातार टूट रहा है और 2 फीसदी से ज्यादा की गिरावट देखने को मिल चुकी है। इसमें सबसे खास बात तो ये है कि शेयर बाजार के लिए जो माहौल जीएसटी रिफॉर्म ने बनाया था, जो बढ़त हासिल की थी, वो भी अब ट्रंप के फैसले की वजह से साफ़ हो गई है जिसका खामियाजा निवेशकों को भरना पड़ रहा है।

बाजार के टॉप Gainers Loosers

आज बाजार के टॉप Gainers और Loosers की बात करें तो हिंडाल्को, डॉ रेड्डीज लैब्स, ओएनजीसी, टाटा स्टील, टाटा कंज्यूमर के शेयर प्रमुख रूप से बढ़त में रहे, जबकि टाटा मोटर्स, बजाज फाइनेंस, टाइटन कंपनी, मारुति सुजुकी और हीरो मोटोकॉर्प के शेयर गिरावट में रहे। सेंसेक्स की कंपनियों में टाटा मोटर्स, एशियन पेंट्स, टाइटन, एचसीएल टेक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, मारुति और इटरनल के शेयर पिछड़ गए। हालांकि, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, भारती एयरटेल, आईसीआईसीआई बैंक, लार्सन एंड टुब्रो, अदानी पोर्ट्स और इंफोसिस प्रमुख लाभ में रहे।

4 दिन में इतना टूटा बाजार

बीएसई सेंसेक्स में पिछले चार सत्र में 1,298.33 अंक और एनएसई निफ्टी में 366.7 अंक की गिरावट आई है। एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी नुकसान में रहा जबकि जापान का निक्की, चीन का शंघाई एसएसई और हांगकांग का हैंगसेंग फायदे में रहे। अमेरिकी बाजार बुधवार को नकारात्मक रुख के साथ बंद हुए थे। अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड 0.43 प्रतिशत की गिरावट के साथ 69.01 डॉलर प्रति बैरल के भाव पर रहा। शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) बुधवार को बिकवाल रहे थे और उन्होंने शुद्ध रूप से 2,425.75 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।

रुपया अपने सर्वकालिक निचले स्तर से उबरा

रुपया बृहस्पतिवार को शुरुआती कारोबार में अपने सर्वकालिक निचले स्तर से उबरा और 15 पैसे की बढ़त के साथ 88.60 प्रति डॉलर पर पहुंच गया।

विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने बताया कि इस सप्ताह रुपया फिर से कई कारणों से दबाव में है। एच-1बी वीजा शुल्क वृद्धि, अमेरिकी शुल्क और लगातार विदेशी पूंजी निकासी जैसे कारकों ने निवेशकों की धारणा को और प्रभावित किया। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 88.65 पर खुला और फिर 88.60 के स्तर पर पहुंच गया जो पिछले बंद भाव से 15 पैसे की बढ़त दर्शाता है।

रुपया बुधवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 88.75 के अपने सबसे निचले स्तर पर बंद हुआ था। इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.13 प्रतिशत की गिरावट के साथ 97.75 पर आ गया। घरेलू शेयर बाजारों में सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 141.32 अंक की गिरावट के साथ 81,574.31 अंक पर और निफ्टी 22.4 अंक फिसलकर 25,034.50 अंक पर आ गया। अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड 0.36 प्रतिशत की गिरावट के साथ 69.06 डॉलर प्रति बैरल के भाव पर रहा। शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) बुधवार को बिकवाल रहे थे और उन्होंने शुद्ध रूप से 2,425.75 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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