Share Market Today: भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार 8 अक्टूबर, 2026 को लगातार दूसरे दिन दबाव देखने को मिल रहा है। बाजार खुलते ही Sensex और Nifty लाल निशान में चले गए। Nifty 140 अंक से ज्यादा की गिरावट के साथ 22,459.70 तक लुढ़क गया। इसी तरह Sensex 400 अंक से ज्यादा की गिरावट के साथ 72,213.65 अंक तक फिसल गया है।
बाजार पर सबसे बड़ा दबाव कच्चे तेल (Crude Oil) की बढ़ती कीमतों का है। सुबह Brent Crude 2.10% की तेजी के साथ 102.30 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। तेल की कीमतों में यह उछाल भारत जैसे बड़े आयातक देश के लिए चिंता बढ़ाता है, क्योंकि महंगा क्रूड महंगाई, चालू खाते और कंपनियों की लागत पर असर डाल सकता है।
घरेलू और बाहरी मोर्चों से लग रहे इन झटकों से निवेशकों का सेंटिमेंट कमजोर हो रहा है। यह India VIX में दिखाई दे रहा है, जो 1.47% चढ़कर 14.09 पर पहुंच गया है। यानी निवेशकों में अगले कुछ सत्रों को लेकर सावधानी बढ़ी है।
ग्लोबल मार्केट में सेंटिमेंट कमजोर
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी माहौल कमजोर है। जापान का Nikkei 1.10%, Hong Kong का Hang Seng 0.91% और दक्षिण कोरिया का Kospi 2.05% नीचे कारोबार कर रहा था। GIFT Nifty भी करीब 0.28% कमजोरी के साथ 22,528.50 पर था।
BI के रेपो रेट बढ़ाने का असर
बाजार की चिंता सिर्फ क्रूड तक सीमित नहीं है। RBI ने बुधवार को रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी करके इसे 5.50% कर दिया। करीब चार साल बाद हुई इस बढ़ोतरी ने बाजार को साफ संकेत दिया है कि केंद्रीय बैंक बढ़ती महंगाई के बीच मौद्रिक नीति को सख्त करने के लिए तैयार है। रेपो रेट बढ़ने से ब्याज दरों पर दबाव बढ़ता है, जिसका असर बैंकिंग के अलावा ऑटो, रियल एस्टेट और अन्य रेट सेंसिटिव सेक्टर्स पर पड़ सकता है। बुधवार की गिरावट के बाद गुरुवार की शुरुआत में भी निवेशकों की सतर्कता बनी हुई है।
IT शेयरों में खरीदारी, बाकी सेक्टर दबाव में
आज बाजार में एक बड़ा अपवाद IT सेक्टर है। Nifty IT इंडेक्स 1.69% ऊपर कारोबार कर रहा था। Nifty Media भी 0.20% की तेजी में था। इसके उलट Realty 1.37%, Metal 0.91%, FMCG 0.86% और Oil & Gas 0.84% नीचे थे। Auto, Private Bank और Financial Services जैसे प्रमुख सेक्टर्स में भी कमजोरी बनी हुई है। मिडकैप और स्मॉलकैप में भी दबाव साफ दिख रहा है। Nifty Midcap Select करीब 0.90% और Nifty Smallcap 100 करीब 0.72% नीचे था। इसका मतलब यह है कि बिकवाली सिर्फ बड़े शेयरों तक सीमित नहीं है, बल्कि broader market में भी निवेशक सावधानी बरत रहे हैं।
