Share Market Today: आज भारतीय शेयर बाजार में जुलाई सीरीज की मंथली एक्सपायरी है। इसकी वजह से शुरुआती कारोबार में बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी सहित फ्यूचर एंड ऑप्शन (F&O) सेग्मेंट के ज्यादातर इंडेक्स और स्टॉक्स रेंज बाउंड कारोबार कर रहे हैं। हालांकि, क्रूड में नरमी और रुपये में मजबूती बाजार को सपोर्ट कर रही है। इसके अलावा Nifty IT इंडेक्स में खरीदारी का मजबूत ट्रेंड कायम है, जो बताता है कि दिन के आखिर में बाजार में रिकवरी भी आ सकती है।
फिलहाल, सेंसेक्स मामूली गिरावट के साथ 76,823.37 अंक पर कारोबार करता दिखा, जबकि निफ्टी लगभग सपाट रहकर 23,987.55 अंक के आसपास ट्रेड करता नजर आ रहा है। इस तरह बाजार पर मंथली एक्सपायरी का असर साफ दिखाई दिया, जिसके चलते निवेशक बड़े दांव लगाने से बचते दिखे। सोमवार की जोरदार तेजी के बाद आज बाजार सीमित दायरे में कारोबार करता दिखा। एक्सपायरी के दिन आमतौर पर डेरिवेटिव पोजिशन समायोजित होने की वजह से उतार-चढ़ाव बढ़ जाता है, लेकिन शुरुआती कारोबार में बाजार शांत नजर आया।
IT सेक्टर ने संभाला मोर्चा
आज के कारोबार में सबसे ज्यादा मजबूती IT शेयरों में देखने को मिली। निफ्टी आईटी इंडेक्स 3.09% की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा था। बेहतर तिमाही नतीजों और टेक शेयरों में खरीदारी की वजह से आईटी सेक्टर लगातार दूसरे दिन बाजार की अगुवाई करता नजर आया। IT के अलावा FMCG, फार्मा, हेल्थकेयर और रियल्टी शेयरों में भी खरीदारी देखने को मिली। रियल्टी इंडेक्स करीब 1.25% और एफएमसीजी इंडेक्स 0.58% की बढ़त के साथ कारोबार करता दिखा।
बैंकिंग और मेटल शेयरों में बिकवाली
जहां IT शेयरों ने बाजार को सहारा दिया, वहीं बैंकिंग शेयर दबाव में रहे। Nifty Bank 0.37%, PSU Bank इंडेक्स 0.77%, मेटल इंडेक्स 0.62% और प्राइवेट बैंक इंडेक्स 0.24% की गिरावट के साथ कारोबार करते दिखे। ऑटो और ऑयल एंड गैस सेक्टर में भी हल्की कमजोरी दर्ज की गई।
मिडकैप में हल्की मजबूती, स्मॉलकैप फिसले
ब्रॉडर मार्केट की तस्वीर मिश्रित रही। निफ्टी मिडकैप 50 और निफ्टी मिडकैप 100 में मामूली बढ़त दर्ज की गई, जबकि स्मॉलकैप 100 और स्मॉलकैप 250 लाल निशान में कारोबार करते दिखे। इससे साफ है कि निवेशक फिलहाल चुनिंदा शेयरों में ही खरीदारी कर रहे हैं।
एशियाई बाजारों से नहीं मिला सपोर्ट
ग्लोबल संकेत भी भारतीय बाजार के लिए बहुत उत्साहजनक नहीं रहे। गिफ्ट निफ्टी हल्की गिरावट में कारोबार करता दिखा। जापान का निक्केई 225 करीब 4% टूट गया, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी और ताइवान का शेयर बाजार भी तेज गिरावट में रहे। चीन का शंघाई कंपोजिट भी लाल निशान में कारोबार करता दिखा। कमजोर एशियाई बाजारों का असर भारतीय निवेशकों के सेंटीमेंट पर भी दिखाई दिया।
कच्चे तेल में नरमी, भारत के लिए राहत
कमोडिटी बाजार में ब्रेंट क्रूड करीब 87.22 डॉलर प्रति बैरल और डब्ल्यूटीआई क्रूड करीब 81.55 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी भारत जैसे बड़े आयातक देश के लिए सकारात्मक मानी जाती है क्योंकि इससे महंगाई और आयात बिल पर दबाव कम हो सकता है।
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