Share Market Closing: गुरुवार, 20 नवंबर को भारतीय शेयर बाजार लगातार दूसरे दिन तेज़ी के साथ बंद हुए। कारोबार के दौरान सेंसेक्स और निफ्टी दोनों अपने लाइफटाइम हाई के करीब पहुंच गए। सेंसेक्स में लगभग 570 अंकों की उछाल देखने को मिली, जबकि निफ्टी 26,200 के ऊपर निकल गया। ग्लोबल मार्केट की मजबूती और विदेशी निवेशकों की ताजा खरीदारी ने बाजार में जबरदस्त जोश भर दिया। लगातार सकारात्मक ग्लोबल संकेतों, मजबूत FII–DII खरीदारी और आईटी व बैंकिंग शेयरों में मजबूती के चलते बाजार में दमदार उछाल देखने को मिला। बीएसई सेंसेक्स 444.92 अंक चढ़कर 85,631.39 के स्तर पर बंद हुआ, जो निवेशकों के उत्साह को दर्शाता है।
दोपहर करीब 2 बजे सेंसेक्स 582 अंक चढ़कर 85,768.52 पर पहुंच गया, जो इसका 52-वीक हाई है। निफ्टी भी 176 अंक चढ़कर 26,228 के नए एक साल के उच्च स्तर पर पहुंच गया। आयशर मोटर्स, टेक महिंद्रा और रिलायंस जैसे बड़े शेयरों में 3% तक की तेजी ने बाजार को मजबूत सपोर्ट दिया।
शेयर बाजार में तेजी के ये 3 बड़े कारण
1. विदेशी निवेशकों की दमदार खरीदारी
काफी दिनों की बिकवाली के बाद विदेशी निवेशकों ने बुधवार को भारतीय बाजार में 1,580 करोड़ रुपये की नई खरीदारी की। उनकी इस वापसी ने बाजार में भरोसा बढ़ाया और सेंटीमेंट और मजबूत हुआ।
2. ग्लोबल मार्केट से मिले पॉजिटिव संकेत
गुरुवार को दुनिया भर के शेयर बाजार हरे निशान में दिखाई दिए। जापान का Nikkei 225 और साउथ कोरिया का KOSPI 3% से ज्यादा चढ़े। चीन और हांगकांग के बाजारों में भी तेजी रही। अमेरिकी बाजार भी रात में तेजी के साथ बंद हुए, खासकर Nvidia के शानदार नतीजों की वजह से टेक शेयरों में उछाल देखने को मिला।
3. हैवीवेट शेयरों में जोरदार खरीदारी
इंडेक्स को खींचने में बड़ी कंपनियों के शेयरों ने अहम भूमिका निभाई। रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर 1.5% चढ़कर 1,540.90 रुपये पर पहुंच गए। UBS और मोतीलाल ओसवाल जैसे बड़े ब्रोकरेज हाउस ने स्टॉक पर Buy की रेटिंग को दोहराया है। ब्रोकरेज फर्मों का मानना है कि कंपनी के ऑयल-टू-केमिकल्स (O2C) और न्यू एनर्जी बिजनेस में अच्छी प्रगति हो रही है।
इन कंपनियों पर निवेशकों की नजर
आज शेयर बाजार में कई बड़ी कंपनियों पर निवेशकों की खास नजर रहेगी। रिलायंस इंडस्ट्रीज, इन्फोसिस, अडानी पावर, एचएएल, ग्रो और सम्मान कैपिटल जैसे स्टॉक्स आज चर्चा में रह सकते हैं। इन्फोसिस का बायबैक आज से शुरू हो रहा है, जबकि रिलायंस की सहयोगी कंपनी RCPL ने पेट-केयर बिजनेस में आधिकारिक एंट्री कर ली है, जिससे कंपनी के शेयर पर खास ध्यान रहेगा।
अमेरिकी शेयर बाजार की बात करें तो बुधवार को भारी उतार-चढ़ाव के बाद बाजार तेजी के साथ बंद हुआ। एनवीडिया के नतीजों से पहले तेज गिरावट के बाद टेक शेयरों में थोड़ी रिकवरी दिखी। डाउ 0.1%, S&P 500 में 0.4% और नैस्डैक में 0.6% की बढ़त रही।
रिलायंस पावर क्यों है चर्चा में?
रिलायंस पावर भी आज सुर्खियों में है। कंपनी के बोर्ड ने एक बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट (BoM) बनाने को मंजूरी दी है, जिसका उद्देश्य बेहतर गवर्नेंस और सभी हितधारकों के लिए दीर्घकालिक मूल्य निर्माण करना है। इस बोर्ड में CEO और कंपनी के वरिष्ठ नेतृत्व शामिल होंगे।
विदेशी बाजारों का हाल
विदेशी बाजारों की बात करें तो एशिया में दक्षिण कोरिया का KOSPI, जापान का Nikkei और हांगकांग का Hang Seng गिरावट में बंद हुए, जबकि चीन का SSE Composite बढ़त में रहा। यूरोपीय बाजार दोपहर के कारोबार में कमजोर दिखे। मंगलवार को अमेरिकी बाजार नुकसान में रहे थे। निवेश प्रवाह में देखें तो मंगलवार को FII ने 728.82 करोड़ रुपये की बिकवाली की, जबकि DII ने 6,156.83 करोड़ रुपये की जोरदार खरीदारी की।
शेयर बाजार में तेजी आने के पीछे प्रमुख वजह अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें घटाने की उम्मीद है। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के विनोद नायर के मुताबिक, IT सेक्टर को अमेरिकी श्रम आंकड़ों की कमजोरी और मुद्रा की अनुकूल परिस्थितियों से सपोर्ट मिला। इसके अलावा पब्लिक सेक्टर बैंकों में विलय की खबरों और मजबूत फंडामेंटल्स का भी सकारात्मक असर रहा। अब निवेशकों का ध्यान गुरुवार को आने वाली FOMC मीटिंग के मिनट्स पर है।
बीते दिन कैसा था बाजार का हाल
बुधवार को घरेलू शेयर बाजार में अच्छी तेजी देखने को मिली। BSE सेंसेक्स 513 अंक चढ़कर 85,186 पर बंद हुआ और कारोबार के दौरान यह एक समय 563 अंक ऊपर चला गया था। वहीं NSE निफ्टी 142 अंक की बढ़त के साथ फिर से 26,000 के पार, यानी 26,052 पर बंद हुआ। भारत–अमेरिका व्यापार समझौते की उम्मीद और DII की खरीदारी ने बाजार को मजबूत सपोर्ट दिया।
(Disclaimer: यह लेख केवल सूचना देने के उद्देश्य से प्रस्तुत किया गया है और इसे किसी प्रकार की निवेश सलाह के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल अपने पाठकों/दर्शकों को सलाह देता है कि किसी भी वित्तीय निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर करें।)
