Stock Market Today : घरेलू शेयर बाजार की शुरुआत सोमवार को कमजोरी के साथ हुई। कारोबार की शुरुआत में बेंचमार्क इंडेक्स Sensex 783 अंक की गिरावट के साथ 77,368.29 अंक तक लुढ़क गया। इसी तरह Nifty 198 अंक की गिरावट के साथ 24,135.85 तक फिसल गया। हालांकि, दिन के आखिर में बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी अपने निचले स्तरों से रिकवरी हुई और Sensex 442.93 अंक गिरावट के साथ 77,708.52 अंक पर बंद हुआ। जबकि, NIFTY 95.80 अंक नीचे 24,238.50 पर बंद हुआ।
सेक्टोरल इंडेक्स में मीडिया, फार्मा, पीएसयू बैंक, मेटल, ऑयल एंड गैस और हेल्थकेयर शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। दूसरी ओर ऑटो, रियल्टी और वित्तीय शेयर दबाव में रहे। इससे साफ है कि निवेशक फिलहाल चुनिंदा सेक्टरों में ही खरीदारी कर रहे हैं, जबकि बैंकिंग शेयरों में बिकवाली का दबाव बना हुआ है।
वैश्विक बाजारों से भी घरेलू बाजार को मजबूत संकेत नहीं मिल रहे हैं। अमेरिकी बाजारों के फ्यूचर में जहां गिरावट जारी है। वहीं, एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख है। जापान के निक्केई और दक्षिण कोरिया के कोस्पी में बड़ी गिरावट है। जबकि, हैंग सेंग और शंघाई कंपोजिट बढ़त के साथ कारोबार करते दिखे।
वहीं, कमोडिटी बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी बनी हुई है। ब्रेंट क्रूड 90 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर कारोबार कर रहा है, जबकि WTI क्रूड में भी दो प्रतिशत से ज्यादा की तेजी है। महंगे कच्चे तेल का असर भारतीय बाजार की धारणा पर भी देखने को मिल रहा है, क्योंकि इससे आयात बिल और महंगाई बढ़ने की चिंता रहती है। वहीं डॉलर के मुकाबले रुपया भी हल्की कमजोरी के साथ कारोबार करता दिखा।
किन वजहों से आई बाजार में गिरावट?
सबसे पहली और बड़ी वजह ईरान-अमेरिका संघर्ष है। इसके बढ़ने से बाजार की चिंता बढ़ी है। यही वजह है कि निवेशक फिलहाल क्रूड पर लॉन्ग पोजिशन बना रहे हैं और इक्विटी मार्केट में शॉट कर रहे हैं।
कच्चा तेल 90 डॉलर के पार पहुंचा
ब्रेंट क्रूड 90 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया, जबकि WTI क्रूड में भी 2% से ज्यादा की तेजी रही। भारत दुनिया के सबसे बड़े कच्चा तेल आयातकों में शामिल है, इसलिए तेल महंगा होने से महंगाई, चालू खाते के घाटे और कॉर्पोरेट मुनाफे पर दबाव बढ़ने की आशंका रहती है।
बैंकिंग शेयरों में बड़ी बिकवाली
बाजार की गिरावट में सबसे बड़ा योगदान निजी बैंकों का रहा। जून तिमाही के नतीजों के बाद निवेशकों ने बड़े बैंकिंग शेयरों में मुनाफावसूली की। शुरुआती कारोबार में एक्सिस बैंक और एचडीएफसी बैंक जैसे शेयरों में तेज गिरावट देखने को मिली। इसका असर निफ्टी बैंक और निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स पर साफ दिखाई दिया। तिमाही नतीजों के बाद बैंकों को लेकर निवेशकों का रुख बदला है। इसकी वजह से HDFC Bank जैसे दिग्गज बैंक के शेयर में 5 फीसदी की बिकवाली देखने को मिली है। हालांकि, दूसरी तरफ सरकारी बैंकों ने बाजार को सपोर्ट दिया है, जिनमें जोरदार खरीदारी देखने को मिली है।
