Share Market Today: सोमवार, 12 अक्टूबर को भारतीय शेयर बाजार में कारोबार की शुरुआत तेजी के साथ हुई। रुपये में मजबूती, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के नए कदमों से निवेशकों का सेंटीमेंट बेहतर हुआ। शुरुआती कारोबार में Sensex करीब 411 अंक और Nifty लगभग 130 अंक ऊपर पहुंच गया। हालांकि, तेजी के बाद बाजार में बिकवाली भी देखने को मिली और प्रमुख इंडेक्स अपनी शुरुआती बढ़त गंवाने लगे।
Sensex-Nifty में शुरुआती तेजी के बाद बदला रुख
सोमवार को Sensex पिछले कारोबारी सत्र में 72,472.33 के स्तर पर बंद हुआ था। बाजार खुलने पर यह 72,771.32 तक पहुंचा और शुरुआती कारोबार में इसका हाई 72,884.25 रहा। इस स्तर पर Sensex पिछले बंद भाव से करीब 411 अंक ऊपर था। इसी तरह, Nifty शुक्रवार के 22,520.45 के बंद स्तर के मुकाबले 22,593.20 पर खुला। शुरुआती कारोबार में इसने 22,651.10 का हाई बनाया, जो पिछले बंद स्तर से करीब 131 अंक ऊपर था। हालांकि, थोड़ी देर बाद ही तस्वीर बदल गई और Sensex 72,412.41 पर, यानी 59.92 अंक नीचे, जबकि Nifty 22,524.15 पर मामूली 4.75 अंक ऊपर कारोबार कर रहा था।
रुपये में मजबूती से बाजार को सहारा
डॉलर के मुकाबले रुपये में मजबूती सोमवार के कारोबार का अहम संकेत रही। RBI के नए उपायों के बाद भारतीय मुद्रा में सुधार देखने को मिला। रुपये ने पिछले बंद स्तर के मुकाबले मजबूत शुरुआत की। RBI ने विदेशी मुद्रा बाजार में डॉलर की मांग और सट्टेबाजी पर लगाम लगाने के लिए कई कदम उठाए हैं। इनमें रद्द किए गए रुपये से जुड़े विदेशी मुद्रा डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट को दोबारा बुक करने पर रोक, कुछ लेनदेन के नियम सख्त करना और बैंकों के लिए चुनिंदा विदेशी मुद्रा कॉन्ट्रैक्ट पर 20% कैश रिजर्व रखना शामिल है। इसके अलावा, सरकारी व्यवस्था के तहत ऑयल मार्केटिंग कंपनियां सीधे RBI से डॉलर खरीद सकेंगी। इससे खुले बाजार में डॉलर की मांग का दबाव कम करने में मदद मिल सकती है।
Crude Oil में गिरावट से मिली राहत
अंतरराष्ट्रीय बाजार में Brent Crude की कीमतों में गिरावट से भी भारतीय बाजार को राहत मिली। सुबह करीब 9:19 बजे Brent Crude लगभग 103.08 डॉलर प्रति बैरल पर था, जो पिछले बंद स्तर से करीब 1.56% नीचे था। रूस और यूक्रेन के बीच ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने की संभावित सहमति से सप्लाई को लेकर तत्काल दबाव घटने की उम्मीद बनी। हालांकि, पश्चिम एशिया में तनाव के कारण कच्चा तेल अभी भी 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बना हुआ है। महंगा तेल भारत के आयात बिल, महंगाई और कंपनियों की लागत पर दबाव डाल सकता है।
किन सेक्टरों में खरीदारी, कहां दबाव?
शुरुआती कारोबार में सेक्टरों का प्रदर्शन मिला-जुला रहा। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, Nifty Media करीब 2.41%, Nifty Auto 1.12% और Nifty Metal 0.54% ऊपर थे। Smallcap शेयरों में भी खरीदारी दिखी। दूसरी ओर, Nifty IT करीब 0.57%, Nifty FMCG 0.26%, Nifty PSU Bank 0.29% और Nifty Private Bank 0.37% नीचे थे। यानी बाजार में खरीदारी सभी सेक्टरों में एक जैसी नहीं थी। NSE पर 2,118 शेयर बढ़त में और 725 शेयर गिरावट में थे। इससे व्यापक बाजार में सकारात्मक रुझान का संकेत मिला, भले ही प्रमुख इंडेक्स अपनी शुरुआती तेजी गंवा चुके थे।
