Share Market Crash: गुरुवार को भारतीय बेंचमार्क इक्विटी इंडेक्स में भारी गिरावट देखने को मिल रही है। आज सेंसेक्स 1,000 अंक से अधिक गिर गया और निफ्टी 24,000 अंक से नीचे आ गया। यह गिरावट अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों में लगातार तीसरी बार कटौती का ऐलान के बीच आई है। दिसंबर में ब्याज दरों में उम्मीद के मुताबिक 25 बेसिस प्वाइंट की कटौती हुई है। फेडरल रिजर्व ने फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) की बैठक में यह फैसला लिया है। इस कटौती के बाद ब्याज दर 4.5%-4.75% से घटकर 4.25%-4.5% के टारगेट रेंज पर आ गई है। जुलाई से अब तक फेड ने 1% दरें घटाई है। ब्याज दरें दिसंबर 2022 के लेवल पर आई।
इस बीच BSE पर लिस्टेड सभी कंपनियों का मार्केट कैप 5.94 लाख करोड़ रुपये घटकर 446.66 लाख करोड़ रुपये रह गया।
इसके अलावा HDFC Bank, Infosys, ICICI Bank, Reliance Industries, SBI और HCL Tech में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिली। वहीं Axis Bank, M&M, कोटक बैंक और बजाज फाइनेंस जैसे बैकिंग शेयरों ने भी इस गिरावट में योगदान दिया।
इन IT शेयरो में जोरदार गिरावट
अमेरिका की ब्याज दरों के प्रति घरेलू आईटी फर्म, जिसके रेवेन्यू का एक बड़ा हिस्सा अमेरिका से आता है, उनें 5% तक कम होकर खुलीं, जिसका नेतृत्व LTI माइंडट्री, एमफैसिस और विप्रो ने किया। इस बीच, इंडिया VIX सेसेंक्स 5% बढ़कर 14.37 पर पहुंच गया।
रुपया 84.94 प्रति डॉलर के अब तक के सबसे निचले लेवल पर पहुंचा
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया बुधवार को तीन पैसे टूटकर 84.94 (अस्थायी) प्रति डॉलर के अपने सर्वकालिक निचले स्तर पर आ गया। विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने बताया कि आयातकों और विदेशी बैंकों की ओर से डॉलर की मजबूत मांग और घरेलू बाजारों में सुस्त रुख ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया। इससे रुपया डॉलर के मुकाबले कमजोर हुआ।
वैश्विक बाजारों में भी गिरावट
यूएस फेड के साल 2025 में रेट कट के अनुमानों का असर दुनियाभर के बाजारों पर दिख रहा है। ज्यादातर एशियाई मार्केट्स आज गिरे हैं। एसएंडपी 500 और नैस्डेक में करीब 3 फीसदी की गिरा था। डाउ जॉन्स 2.58 फीसदी गिरकर बंद हुआ था। वहीं, यूएस डॉलर में जबरदस्त तेजी देखने को मिली है। यूएस फेड के फैसलों के बाद यूएस डॉलर करीब 2 साल के उच्च स्तर पर पहुंच गया।
