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सेंसेक्स 942 अंक लुढ़का, निफ्टी 24000 अंक के स्तर से नीचे बंद; अदाणी पोर्ट्स, रिलायंस इंडस्ट्रीज टॉप लूजर्स रहे

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का मानक सूचकांक निफ्टी भी 309 अंक यानी 1.27 प्रतिशत गिरकर 23,995.35 अंक पर बंद हुआ। इस तरह निफ्टी 24,000 अंक से नीचे आ गया। विश्लेषकों ने कहा कि पांच नवंबर को होने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव से पहले अनिश्चितता और चीन में वृद्धि तेज करने के लिए नया प्रोत्साहन पैकेज आने की उम्मीदों ने भारतीय शेयरों में बिकवाली को गति दी।

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शेयर बाजार।

Photo : iStock

विदेशी कोषों की निकासी के बीच रिलायंस इंडस्ट्रीज और बैंकों के शेयरों में जबर्दस्त बिकवाली से सोमवार को घरेलू शेयर बाजार तीन महीने के निचले स्तर पर आ गया। सेंसेक्स लगभग 942 अंक लुढ़क गया, जबकि निफ्टी 309 अंक फिसलकर 24,000 अंक से नीचे बंद हुआ। विश्लेषकों ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव से जुड़ी अनिश्चितता और चीन में वृद्धि तेज करने के लिए नए प्रोत्साहन उपायों की उम्मीद ने भारतीय बाजारों में बिकवाली बढ़ाने का काम किया।

बीएसई का 30 शेयरों वाला सूचकांक सेंसेक्स 941.88 अंक यानी 1.18 प्रतिशत गिरकर 78,782.24 अंक पर बंद हुआ जो छह अगस्त के बाद का सबसे निचला बंद स्तर है। कारोबार के दौरान एक समय यह 1,491.52 अंक गिरकर 78,232.60 अंक पर आ गया था। हालांकि, अंतिम कारोबारी घंटे में निचले स्तर पर खरीदारी आने से इस गिरावट पर थोड़ी लगाम लगी।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का मानक सूचकांक निफ्टी भी 309 अंक यानी 1.27 प्रतिशत गिरकर 23,995.35 अंक पर बंद हुआ। इस तरह निफ्टी 24,000 अंक से नीचे आ गया। विश्लेषकों ने कहा कि पांच नवंबर को होने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव से पहले अनिश्चितता और चीन में वृद्धि तेज करने के लिए नया प्रोत्साहन पैकेज आने की उम्मीदों ने भारतीय शेयरों में बिकवाली को गति दी।

इसके अलावा विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली ने भी बाजार में धारणा को कमजोर किया। शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने शुक्रवार को 211.93 करोड़ रुपये के शेयरों की शुद्ध बिकवाली की थी।

सेंसेक्स के टॉप बढ़त और गिरावट वाले शेयर

सेंसेक्स की कंपनियों में से अदाणी पोर्ट्स, रिलायंस इंडस्ट्रीज, सन फार्मा, बजाज फिनसर्व, एनटीपीसी, टाटा मोटर्स, एक्सिस बैंक और टाइटन में प्रमुख रूप से गिरावट दर्ज की गई। दूसरी तरफ महिंद्रा एंड महिंद्रा, टेक महिंद्रा, भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई), एचसीएल टेक्नोलॉजीज, इन्फोसिस और इंडसइंड बैंक के शेयर लाभ में रहे।

विदेशी निवेशकों ने अक्टूबर महीने में भारतीय शेयर बाजार से 94,000 करोड़ रुपये (करीब 11.2 अरब डॉलर) की निकासी की जो किसी भी महीने में अबतक का सबसे अधिक निकासी आंकड़ा है। घरेलू शेयर बाजार के उच्च मूल्यांकन और चीनी शेयरों के आकर्षक मूल्यांकन के कारण ऐसा हुआ।

विदेशी बाजारों का रुख

चीन की एक संसदीय समिति की इस सप्ताह एक अहम बैठक होने वाली है। ऐसी अटकलें हैं कि सरकार इस बैठक में अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए बड़े खर्च की पहल को मंजूरी दे सकती है।

एशिया के बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, चीन का शंघाई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग बढ़त के साथ बंद हुए। यूरोप के अधिकांश बाजार दोपहर के सत्र में बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे। शुक्रवार को अमेरिकी बाजार सकारात्मक दायरे में बंद हुए थे।

इस बीच, वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 2.57 प्रतिशत बढ़कर 74.98 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।

बीएसई और एनएसई ने एक नवंबर को दिवाली के अवसर पर एक घंटे का विशेष ‘मुहूर्त कारोबार’ सत्र आयोजित किया था। इस दौरान सेंसेक्स 335.06 अंक चढ़कर 79,724.12 अंक पर और निफ्टी 99 अंक बढ़कर 24,304.35 अंक पर बंद हुआ था।

(भाषा इनपुट के साथ)

Ashish Kushwaha
आशीष कुशवाहाauthor

<p>आशीष कुमार कुशवाहा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। वह 2023 से Timesnowhindi.com के साथ जुड़े हैं। वह यहां शेयर बाजार, स्टॉक्स, IPO, पर्सनल फाइनेंस, बिजनेस न्यूज, कंपनी डेवलपमेंट, सक्सेस स्टोरी, यूटिलिटी, ऑटोमोबाइल, टेक्नोलॉजी और गैजेट से जुड़ी स्टोरी पर काम करते हैं। उनके पास पिछले 3 साल के भारतीय बजट को भी कवर करने का एक्सपीरियंस है। उनके पास ऑटो एक्सपो 2023 को कवर करने का अनुभव है। इसके अलावा ग्राउंड की स्टोरी और रिसर्च बेस्ड स्टोरी करने में विशेष रुचि रखते हैं। उनके पास डिजिटल मीडिया में कुल 3 साल से ज्यादा का एक्सपीरियंस है। इससे पहले इन्होंने वन इंडिया, दैनिक भास्कर डिजिटल में काम किया है। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। वहीं ग्रेजुएशन की पढ़ाई रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर से मास कम्यूनिकेशन में की है। उन्हें शुरू से ही डिबेट करने, सामाजिक मुद्दों पर बात करने और शेयर बाजार में रुचि थी। उन्हें बचपन से ही अखबार के संपादकीय पेज और न्यूज पढ़ने का सौख था। स्कूल के समय उन्होंने कई क्विज कंपटीशन में भी हिस्सा लिया और प्राइज जीते हैं।</p>

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