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SEBI Auction: इन पांच कंपनियों की नीलामी करेगा सेबी, निवेशकों से गलत तरह से पैसे जमा करने का आरोप

SEBI Auction: सेबी ने पांच कंपनियों और उनके प्रवर्तकों/निदेशकों के खिलाफ वसूली कार्यवाही के तहत संपत्तियों की बिक्री के लिए बोलियां आमंत्रित की हैं। यह कदम निवेशकों की राशि वसूलने के सेबी के प्रयासों का हिस्सा है।

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SEBI AUCTION

SEBI Auction: पूंजी बाजार नियामक सेबी विशाल ग्रुप और सुमंगल इंडस्ट्रीज सहित पांच कंपनियों की 28 संपत्तियों की 27 जनवरी को नीलामी करेगा। निवेशकों से अवैध रूप से एकत्र की गयी राशि की वसूली के लिए यह कदम उठाया गया है। संपत्तियों की नीलामी 28.66 करोड़ रुपये के आरक्षित मूल्य पर की जाएगी। उक्त दो कंपनियों के अलावा रवि किरण रियल्टी इंडिया, मंगलम एग्रो प्रोडक्ट्स और पुरुषत्तम इन्फोटेक इंडस्ट्रीज की संपत्तियों की नीलामी की जाएगी।जिन संपत्तियों की नीलामी की जाएगी उनमें पश्चिम बंगाल और ओडिशा में स्थित फ्लैट, आवासीय संपत्ति और फ्लैट, भूखंड और इमारत के साथ जमीन शामिल है।भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के 19 दिसंबर को जारी एक नोटिस के अनुसार, इन संपत्तियों की नीलामी 28.66 करोड़ रुपये के आरक्षित मूल्य पर की जाएगी।

सेबी ने पांच कंपनियों और उनके प्रवर्तकों/निदेशकों के खिलाफ वसूली कार्यवाही के तहत संपत्तियों की बिक्री के लिए बोलियां आमंत्रित की हैं। यह कदम निवेशकों की राशि वसूलने के सेबी के प्रयासों का हिस्सा है। संपत्तियों की बिक्री में सहायता के लिए एड्रोइट टेक्निकल सर्विसेज को नियुक्त किया गया है। कुल 28 संपत्तियों में से 17 विशाल ग्रुप से जुड़ी हैं। इसके अलावा छह मंगलम एग्रो प्रोडक्ट्स, तीन सुमंगल इंडस्ट्रीज और एक-एक पुरुषत्तम इन्फोटेक इंडस्ट्रीज और रवि किरण रियल्टी इंडिया से जुड़ी हैं। सेबी ने कहा कि नीलामी 27 जनवरी, 2025 को सुबह 11 बजे से दोपहर एक बजे तक ऑनलाइन आयोजित की जाएगी। इन कंपनियों ने बाजार नियमों का अनुपालन किए बिना निवेशकों से राशि जुटायी थी।

सेबी के पहले के आदेशों के अनुसार, मंगलम एग्रो ने 2011-2012 के दौरान लगभग 4,820 निवेशकों को सुरक्षित गैर-परिवर्तनीय डिबेंचर (एनसीडी) जारी कर 11 करोड़ रुपये जुटाए थे, जबकि सुमंगल ने अवैध रूप से संचालित सामूहिक निवेश योजनाओं के माध्यम से निवेशकों से 85 करोड़ रुपये जुटाए थे। विशाल डिस्टिलर्स ने चाद करोड़ रुपये, विशाल एग्री-बायो इंडस्ट्रीज और विशाल हॉर्टिकल्चर एंड एनिमल प्रोजेक्ट्स ने क्रमशः तीन करोड़ रुपये और 2.84 करोड़ रुपये जुटाए थे। कंपनियों ने यह राशि 2006-2014 के बीच जुटायी थी।

(इनपुट-भाषा)

Ankita Pandey
अंकिता पाण्डेयauthor

अंकिता पाण्डेय टाइम्स नाऊ नवभारत डिजिटल में तीन साल से काम कर रही हैं। वह उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले से ताल्लुक रखती हैं। माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान ही फील्ड रिपोर्टिंग से करियर की शुरुआत हुई। फिर जनसत्ता के डिजिटल प्लैटफॉर्म में लगभग 1.5 साल तक काम किया। 2022 में टाइम्स नाउ नवभारत के एजुकेशन टीम का हिस्सा बनीं। करीब चार साल के छोटे से करियर में स्कूली शिक्षा से लेकर रोजगार तक के सभी पहलुओं पर पकड़ बनाई। नए और रोचक विषयों पर स्टोरी बनाने के साथ ही सक्सेस स्टोरी के जरिए युवाओं को प्रोत्साहन देना भी काम का हिस्सा है। जॉब वैकेंसी, स्कूल-कॉलेज, करियर ऑप्शन, एग्जाम टिप्स, करंट अफेयर्स से जड़ी तमाम खबरों को लोगों तक पहुंचाने के लिए प्रयासरत रहती हैं।

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