बिजनेस

SEBI: मार्केट के दुरुपयोग पर लगाम लगाने की तैयारी में SEBI, निगरानी के लिए सिस्टम बनाने का प्लान

  • Edited by: Rohit Ojha
  • Updated Jul 3, 2024, 04:42 PM IST

SEBI: ​​सेबी ने 27 जून को जारी इस अधिसूचना में शेयर ब्रोकर को किसी भी संदिग्ध गतिविधि का पता लगने के 48 घंटे के भीतर शेयर बाजारों को जानकारी देने को कहा है। ति में ‘व्हिसलब्लोअर’ की पर्याप्त सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रक्रियाएं स्थापित की जानी चाहिए।

Image

(Image Source: iStock)

SEBI: बाजार नियामक सेबी ने शेयर ब्रोकरों के लिए संस्थागत व्यवस्था को अधिसूचित किया है। इसमें शेयर ब्रोकर को बाजार में हुई गड़बड़ियों का पता लगाने और रोकथाम के लिए कदम उठाने की जरूरत है। इससे पहले शेयर ब्रोकर को बाजार दुरुपयोग पर लगाम के लिए एक प्रणाली रखने के लिए जवाबदेह बनाने वाले कोई खास नियामकीय प्रावधान नहीं थे। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) की एक अधिसूचना के मुताबिक, ब्रोकरों के लिए तय संस्थागत व्यवस्था के तहत ब्रोकिंग फर्म के साथ इसके वरिष्ठ प्रबंधन को मजबूत निगरानी और नियंत्रण प्रणाली स्थापित करके धोखाधड़ी या बाजार दुरुपयोग का पता लगाने और रोकथाम के लिए जवाबदेह बनाया जाएगा।

निगरानी के लिए ब्रोकर सिस्टम

इसके साथ ही शेयर ब्रोकरों को सौदों में समुचित वृद्धि और रिपोर्टिंग की व्यवस्था बनाने की भी जरूरत है। सेबी ने धोखाधड़ी या बाजार दुरुपयोग के संभावित उदाहरणों को भी सूचीबद्ध किया है, जिनकी निगरानी के लिए ब्रोकर प्रणाली को उपाए करने की जरूरत है। संभावित मामलों में सौदे की भ्रामक छवि बनाना, भाव में हेराफेरी, फ्रंट रनिंग (संवेदनशील जानकारी के आधार पर लाभ उठाना), भेदिया कारोबार, गलत बिक्री और अनधिकृत सौदे शामिल हो सकते हैं।

48 घंटे के भीतर देनी होगी जानकारी

सेबी ने 27 जून को जारी इस अधिसूचना में शेयर ब्रोकर को किसी भी संदिग्ध गतिविधि का पता लगने के 48 घंटे के भीतर शेयर बाजारों को जानकारी देने को कहा है। इसके अलावा उन्हें संदिग्ध गतिविधि, धोखाधड़ी और बाजार दुरुपयोग के मामलों पर एक सारांश विश्लेषण और कार्रवाई रिपोर्ट या ऐसी कोई घटना न होने पर 'शून्य रिपोर्ट' छमाही आधार पर प्रस्तुत करनी होगी।

संदिग्ध धोखाधड़ी

अधिसूचना के मुताबिक, शेयर ब्रोकिंग कंपनी को कर्मचारियों और अन्य हितधारकों के लिए संदिग्ध धोखाधड़ी, अनुचित या अनैतिक गतिविधियों के बारे में चिंता व्यक्त करने के लिए एक गोपनीय तरीका देने वाली ‘व्हिसलब्लोअर’ नीति स्थापित और लागू करनी होगी। नीति में ‘व्हिसलब्लोअर’ की पर्याप्त सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रक्रियाएं स्थापित की जानी चाहिए।

इन बदलावों को प्रभावी बनाने के लिए सेबी ने शेयर ब्रोकर और धोखाधड़ी एवं अनुचित व्यापार तरीका निषेध (पीएफयूटीपी) के मानकों में संशोधन किया है जो 27 जून से प्रभावी हो गए हैं।

Rohit Ojha
Rohit Ojhaauthor

<p>रोहित ओझा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉरस्पॉडेंट सितंबर 2023 से काम कर रहे हैं। यहां पर वो बिजेनस और यूटिलिटी की खबरों पर काम करते हैं। मीडिया इंडस्ट्री में पांच साल से अधिक का अनुभव। चुनावी खबरों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर फिलहाल स्टॉक मार्केट, इकोनॉमी और पर्सनल फाइनेंस की खबरों के साथ जारी है। डेस्क और फील्ड दोनों में ही काम करने का तजुर्बा। टाइम्स नाऊ नवभारत से पहले अलग-अलग मीडिया संस्थानों में अलग-अलग बीट पर काम कर चुके हैं। अमर उजाला, टीवी9 हिंदी, इंडिया टीवी, आज तक जैसे मीडिया संस्थान में अलग-अलग बीट पर काम कर चुके हैं। स्टॉक मार्केट और इकोनॉमी के साथ-साथ देश की सियासी घटनाओं पर लिखने का अनुभव है। 2019 के आम चुनाव से लेकर तमाम विधानसभा की चुनावी खबरों पर काम किया है। 2019 का क्रिकेट वर्ल्ड कप और आईपीएल की खबरों पर भी काम किया है। किस्से-कहानियों में मन लगता है। शारदा यूनिवर्सिटी से मास-कम्युनिकेशन और जर्नलिज्म किया है। गृह जनपद- बक्सर। साहित्य, सियासत और सिनेमा पर लिखना-पढ़ना खूब पसंद है।</p>

और पढ़ें
End of Article